देवरी नगर पालिका में भाजपा से निष्कासित नेहा जैन की वापसी

राइट टू रिकॉल में 1197 वोटों से भरी कुर्सी’ जीती
भोपाल। प्रदेश के सागर जिले की देवरी नगर पालिका में अध्यक्ष पद को लेकर हुए राइट टू रिकॉल चुनाव में नेहा जैन ने एक बार फिर जीत दर्ज की है। मतगणना में ‘भरी कुर्सी’ को 1197 वोटों से बढ़त मिली, जिसके साथ ही नेहा जैन का अध्यक्ष पद पर बने रहना तय हो गया।
गौरतलब है कि अध्यक्ष पद के लिए 19 जनवरी को मतदान हुआ था, जिसमें नगर के 15 वार्डों के कुल 13 हजार 337 मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया। शुक्रवार को देवरी के शासकीय नेहरू स्नातकोत्तर महाविद्यालय में मतगणना हुई। दो राउंड में हुई गिनती के बाद ‘भरी कुर्सी’ को निर्णायक बढ़त मिली। यह चुनाव राइट टू रिकॉल व्यवस्था के तहत कराया गया था। इसमें मतदाताओं को खाली कुर्सी और भरी कुर्सी के विकल्प दिए गए थे। मतदान के जरिए जनता को यह तय करना था कि नेहा जैन अध्यक्ष पद पर बनी रहेंगी या उन्हें पद छोड़ना होगा। परिणाम में भरी कुर्सी के पक्ष में अधिक वोट पड़े और नेहा जैन के राजनीतिक भविष्य पर जनता ने भरोसा जताया।
इसलिए हटाई गई थीं नेहा जैन
भ्रष्टाचार के आरोपों के बाद भारतीय जनता पार्टी ने नेहा जैन को पार्टी से निष्कासित कर दिया था। इसके बाद नगरीय प्रशासन विभाग ने उन्हें अध्यक्ष पद से हटाकर एक महिला पार्षद को कार्यवाहक अध्यक्ष नियुक्त कर दिया था। नेहा जैन ने इस फैसले को न्यायालय में चुनौती दी, जहां से उन्हें स्टे मिला और वे दोबारा अध्यक्ष पद पर लौट आईं।
पार्षदों के अविश्वास से पहुंचा मामला जनता तक
घटनाक्रम के बाद नगर पालिका के 15 में से 13 पार्षदों ने नेहा जैन के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव दिया था। इसी के आधार पर निर्वाचन कार्यालय ने राइट टू रिकॉल चुनाव की अधिसूचना जारी की। यदि ‘खाली कुर्सी’ को अधिक मत मिलते, तो नेहा जैन को पद छोड़ना पड़ता और नए सिरे से चुनाव कराए जाते। लेकिन जनता ने ‘भरी कुर्सी’ को चुनते हुए नेहा जैन को एक और मौका दिया। राइट टू रिकॉल के इस अहम चुनाव में मतदाताओं ने स्पष्ट संदेश दिया। भाजपा से निष्कासित होने और विवादों के बावजूद नेहा जैन को जनता का समर्थन मिला और वे 1197 वोटों के अंतर से चुनाव जीतकर एक बार फिर देवरी नगर पालिका की अध्यक्ष बनी रहीं।

Leave Comments

Top