09:05 PM, 01-Feb-2026
कर्नाटक के साथ बड़ा अन्याय, बजट निराशाजनक- सिद्धारमैया
सिद्धारमैया ने केंद्रीय बजट 2026-27 को निराशाजनक और दूरदृष्टि से खाली बताया है। कर्नाटक के मुख्यमंत्री ने कहा कि वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा पेश बजट में राज्य के साथ बड़ा अन्याय हुआ है। उनके अनुसार बजट में कर्नाटक और पूरे दक्षिण भारत को नजरअंदाज किया गया है। उन्होंने कहा कि बजट में कर्नाटक के लिए ठोस परियोजनाओं की घोषणा नहीं है। ॉउन्होंने कहा कि राज्य ने बंगलूरू-मुंबई, बंगलूरू-मंगलूरू और बंगलूरू-पुणे कॉरिडोर की मांग की थी। सिद्धारमैया ने सिंचाई परियोजनाओं, अपर भद्रा और अपर कृष्णा प्रोजेक्ट को राष्ट्रीय दर्जा देने की मांग पूरी न होने और मेकेदातु व महादयी परियोजनाओं की मंजूरी में देरी पर भी केंद्र को घेरा। उन्होंने कहा कि केंद्रीय अनुदान में भी राज्य को कम आवंटन मिला है।
09:01 PM, 01-Feb-2026
बजट से बढ़ेगी महंगाई, बेरोजगारी भी बढ़ेगी- अरविंद केजरीवाल
आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने केंद्रीय बजट 2026-27 पर तीखा हमला बोला है। गोवा के कावलेम गांव में पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा कि यह बजट देश में महंगाई बढ़ाएगा और बेरोजगारी की समस्या को और गंभीर करेगा। केजरीवाल ने आरोप लगाया कि बजट में न तो महंगाई को नियंत्रित करने के उपाय हैं और न ही रोजगार सृजन को लेकर कोई ठोस योजना दिखाई देती है। उन्होंने कहा कि निर्मला सीतारमण द्वारा संसद में पेश बजट में गोवा के लिए भी कुछ खास नहीं है। केजरीवाल ने दावा किया कि केंद्र सरकार गोवा को पूरी तरह भूल चुकी है। केजरीवाल ने भाजपा पर गोवा को “तबाह” करने का आरोप लगाते हुए कहा कि राज्य में लोग समस्याओं पर खुलकर बोलने से डरते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस और भाजपा एक साथ हैं, जबकि आम आदमी पार्टी गोवा में एक मजबूत विकल्प के रूप में उभर रही है।
07:54 PM, 01-Feb-2026
तमिलनाडु की अनदेखी, बजट बड़ा निराशाजनक- एमके स्टालिन
एम के स्टालिन ने केंद्रीय बजट को तमिलनाडु के लिए बड़ा निराशाजनक बताया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा पेश बजट में राज्य के हितों की अनदेखी की गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि गरीब, महिलाएं, किसान और वंचित वर्ग के लिए कोई ठोस घोषणा नहीं की गई। स्टालिन ने कहा कि राज्यों के कर हिस्से को 41 प्रतिशत से बढ़ाकर 50 प्रतिशत करने की मांग फिर नजरअंदाज कर दी गई। उनके अनुसार तमिलनाडु देश की दूसरी बड़ी अर्थव्यवस्था है, फिर भी टैक्स हिस्सेदारी कम रखी गई है, जिससे हर साल करीब 5,000 करोड़ रुपये का नुकसान होगा। उन्होंने जल जीवन मिशन, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) और पीएम इंटर्नशिप योजना के बजट में कटौती का भी मुद्दा उठाया। मुख्यमंत्री ने कहा कि बजट में तमिलनाडु के लिए कोई नई बड़ी परियोजना घोषित नहीं की गई।
06:35 PM, 01-Feb-2026
'महाराष्ट्र की अनदेखी हुई', आदित्य ठाकरे बोले- अर्थव्यवस्था पर भरोसा नहीं जगा पाया बजट
आदित्य ठाकरे ने केंद्रीय बजट 2026-27 पर निशाना साधते हुए कहा कि इस बजट से आम लोगों में आर्थिक स्थिरता को लेकर भरोसा नहीं जगा है और महाराष्ट्र की अनदेखी की गई है। उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र जीडीपी, जीएसटी और आयकर के जरिए केंद्र के खजाने में सबसे बड़ा योगदान देता है, फिर भी उसे प्राथमिकता नहीं मिली। उन्होंने सोशल मीडिया पर कहा कि बजट पूरे देश के लिए होता है, लेकिन केंद्र सरकार ने राज्यों के साथ संतुलित व्यवहार नहीं किया। ठाकरे ने मुंबई–पुणे हाईस्पीड रेल कॉरिडोर की घोषणा पर भी सवाल उठाया और पूछा कि इसकी फंडिंग केंद्र करेगा या राज्य। उन्होंने निर्मला सीतारमण पर आरोप लगाया कि उन्होंने आर्थिक अस्थिरता, गिरते रुपये और रोजगार पर भरोसा देने वाली ठोस बात नहीं रखी। जलवायु कार्रवाई और रोजगार सृजन पर भी बजट को कमजोर बताया।
05:37 PM, 01-Feb-2026
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री ने केंद्रीय बजट को बताया बेहद निराशाजनक
तमिलनाडु की अनदेखी करने के लिए केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने रविवार को कहा कि वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा पेश किया गया केंद्रीय बजट राज्य के लिए बेहद निराशाजनक रहा। उन्होंने कहा कि तमिलनाडु के हितों को पूरी तरह से नजरअंदाज कर दिया गया है और बजट में गरीबों, महिलाओं, किसानों और हाशिए पर रहने वाले लोगों के लिए कुछ भी नहीं है। उन्होंने यहां एक बयान में कहा, 'तमिलनाडु विधानसभा चुनावों की तैयारी कर रहा है और हमें उम्मीद थी कि कम से कम इस साल तो राज्य केंद्र सरकार की भाजपा सरकार की नजरों में आएगा और हमारी आवाज उन तक पहुंचेगी। हालांकि, इस साल भी भाजपा सरकार ने सिर्फ निराशा ही दी है।' उन्होंने आरोप लगाया कि तमिलनाडु सहित विभिन्न राज्यों द्वारा कुल कर राजस्व में राज्यों की हिस्सेदारी 41 प्रतिशत से बढ़ाकर 50 प्रतिशत करने की मांग को एक बार फिर नजरअंदाज कर दिया गया है।
04:27 PM, 01-Feb-2026
राहुल गांधी की आलोचना पर बोलीं वित्त मंत्री
लोकसभा सांसद राहुल गांधी के केंद्रीय बजट की आलोचना वाले ट्वीट पर केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा, 'मुझे नहीं पता कि वे किस सुधार की बात कर रहे हैं। अर्थव्यवस्था और उसके बुनियादी सिद्धांत मजबूत हैं। वैश्विक अनिश्चितता हमारे कई क्षेत्रों को प्रभावित कर रही है, जिनके लिए हमने लघु एवं मध्यम उद्यमों, वस्त्र उद्योग, चमड़ा उद्योग, ग्रामीण क्षेत्रों में काम करने वाले लोगों, किसानों, मूल्यवर्धन, महिला उद्यमियों और स्वयं सहायता उद्यमियों के लिए कई योजनाएं शुरू की हैं। इन तरीकों से हम आम लोगों तक पहुंच रहे हैं ताकि बाहरी अस्थिरता के कारण उनके जीवन में कोई बड़ा बदलाव न आए... राजनीतिक रूप से, अगर आप आलोचना करना चाहते हैं, तो आप कर सकते हैं। लेकिन अगर आप मुझे अपने तर्क के आधार पर तथ्य देना चाहते हैं, तो मैं सुनने और जवाब देने के लिए तैयार हूं।'
03:14 PM, 01-Feb-2026
यह एक 'हम्प्टी-डम्प्टी बजट' है- ममता बनर्जी
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का कहना है, 'यह एक 'हम्प्टी-डम्प्टी बजट' है, सिर्फ शब्दों का छल है, यह महिला-विरोधी, किसान-विरोधी और शिक्षा-विरोधी है। केंद्र देश की आर्थिक संरचना को नष्ट करना चाहता है।'
02:49 PM, 01-Feb-2026
बजट के बाद वित्त मंत्री की प्रेस वार्ता
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट 2026 के बाद प्रेस वार्ता को संबोधित किया है। इस दौरान उन्होंने कहा- यह बजट विकसित भारत के लक्ष्य को नई दिशा देने वाला बजट है। उन्होंने आगे कहा कि हम विकसित भारत की दिशा में अग्रसर हैं। हम रिफॉर्म एक्टिविटी को बढ़ावा देने की दिशा में अग्रसर हैं। वित्त मंत्री प्रेस वार्ता में कहा- यह बजट सबका साथ, सबका विकास के उद्देश्य के साथ पेश किया गया है। उन्होंने बताया कि बजट में तकनीकी क्षेत्रों में विकास पर विशेष जोर दिया गया है। यह 21वीं सदी की दूसरी तिमाही का पहला बजट है। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने प्रेस वार्ता में कहा, 'हम अर्थव्यवस्था को गति देने और उसे गति प्रदान करने के लिए मार्ग प्रशस्त कर रहे हैं ताकि विकास की गति बनी रहे और सतत आर्थिक विकास सुनिश्चित हो सके। मुख्य रूप से, हम संरचनात्मक सुधारों के माध्यम से एक ऐसा पारिस्थितिकी तंत्र बनाने पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं जो जारी रहेगा। सुधार किए जा चुके हैं। हम सुधार गतिविधियों को जारी रख रहे हैं। इसका उद्देश्य उत्पादकता बढ़ाने और रोजगार सृजन के लिए पर्याप्त वातावरण तैयार करना है। 21वीं सदी पूरी तरह से प्रौद्योगिकी पर आधारित है। इसलिए हम यह सुनिश्चित करेंगे कि प्रौद्योगिकी का लाभ आम आदमी को मिले...प्रति शहर प्रति वर्ष 1000 करोड़ रुपये दिए जा रहे हैं, और मुख्य जोर द्वितीय और तृतीय स्तर के शहरों पर होगा।'
02:48 PM, 01-Feb-2026
किसान, महिला, गरीब पर केंद्रित बजट रहा- ललन सिंह
केंद्रीय बजट 2026 पर केंद्रीय मंत्री ललन सिंह ने कहा, 'किसान, महिला, गरीब पर केंद्रित बजट रहा। पशुपालन के क्षेत्र में हम आज दुनिया में पहले स्थान पर हैं। हमारे देश में पशु चिकित्सा पर की आधारभूत संरचना पर इस बार बजट में ध्यान दिया गया है
02:47 PM, 01-Feb-2026
विपक्ष की प्रतिक्रिया पर बरसे पीयूष गोयल
केंद्रीय बजट 2026 पर विपक्ष की प्रतिक्रिया पर केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने कहा, 'आप कुछ ठोस बताएं कि क्या गलत है? क्या वे नहीं चाहते कि हमारे एमएसएमई क्षेत्र की प्रगति हो, क्या वे नहीं चाहते की देश की उत्पादन क्षमता बढ़े, क्या वे किसानों का उज्ज्वल भविष्य नहीं चाहते, क्या वे देश में टेक्नोलॉजी का विकास नहीं चाहते? कुछ ठोस तो बताए कि क्या तकलीफ है।'