मध्य प्रदेश में सरकार के द्वारा किए गए विकास कार्यों से बढ़े आपकी प्रॉपर्टी के रेट तो उस पर देना होगा बेटरमेंट टैक्स

नगरीय निकायों के जरिए अलग-अलग इलाकों में विकास के कार्य जैसे नई और चौड़ी सड़के, ब्रिज आदी बनवाने जैसे काम करेंगी। यह बनने के बाद वहां आस-पास की प्रापर ...और पढ़ें

By Digital DeskEdited By: Prashant Pandey   Publish Date: Mon, 26 Jan 2026 01:18:07 PM (IST)Updated Date: Mon, 26 Jan 2026 01:23:27 PM (IST)

                         विकास कार्यों के बाद प्रापर्टी के रेट कितने बढ़े इस पर तय होगा टैक्स 

HighLights

  1. विकास कार्यों के लिए एमपी सरकार के पास अब करीब एक साल का ही वक्त बचा है
  2. 2027 में निकाय चुनाव होने वाले हैं, ऐसे में पूरा फोकस अब जल्द से जल्द काम कराने पर
  3. मुख्यमंत्री अधोसंरचना विकास योजना के लिए सरकार 5 हजार करोड़ रुपये कर्ज ले रही

डिजिटल डेस्क, भोपाल। मध्य प्रदेश के सभी नगरीय निकायों में सरकार बेटरमेंट टैक्स लागू कर सकती है। इसमें प्रॉपर्टी की कीमत के हिसाब से टैक्स देना होगा। सबसे बड़ी बात इसे एक साथ ही जमा करवाना होगा। दरअसल सरकार प्रदेश में विकास कार्यों के लिए कर्ज ले रही है। जिन इलाकों में ये काम होंगे, वहां बढ़ी प्रॉपर्टी की कीमतों का आकलन करके टैक्स लगाया जाएगा।

इस तरह हो सकता है फिक्स टैक्स

सरकार पहले नगरीय निकायों के जरिए अलग-अलग इलाकों में विकास के कार्य जैसे नई और चौड़ी सड़के, ब्रिज आदी बनवाने जैसे काम करेंगी। यह बनने के बाद वहां आस-पास की प्रापर्टी के दाम बढ़ेंगे। इसके बाद फिर इस बात का आकलन किया जाएगा कि किस जगह पर विकास कार्य कराने से वहां जमीन के प्रापर्टी के रेट कितने बढ़े। इसी के आधार पर प्रॉपर्टी के मालिक को फिक्स टैक्स देना होगा।

2027 में होने वाले हैं निकाय चुनाव

मध्य प्रदेश के निकायों में विकास कार्यों के लिए सरकार के पास अब करीब एक साल का ही वक्त बचा है, यहां 2027 में निकाय चुनाव होने वाले हैं। ऐसे में सरकार का पूरा फोकस अब यहां विकास कार्यों को जल्द से जल्द कराने पर है। मुख्यमंत्री अधोसंरचना विकास योजना के पांचवें चरण के लिए सरकार 5 हजार करोड़ रुपये कर्ज ले रही है। इस राशि से अलगे तीन साल तक विकास कार्य किए जाने हैं। कैबिनेट की बैठक में इसको लेकर मंजूरी भी मिल गई है।

जानिए क्या होता है बेटरमेंट टैक्स

किसी इलाके में सरकार द्वारा कराए गए विकास कार्य की वजह से अगर उस इलाके की जमीन के दामों में वृद्धि होती है तो इस पर निकाय उस जमीन या प्रापर्टी के मालिक से टैक्स लेता है, जिसे बेटरमेंट टैक्स कहा जाता है। यह पहली बार नहीं है जब प्रदेश में इसे लागू किया गया हो। इसके पहले इंदौर और भोपाल में यह टैक्स लागू किया गया था।

बेटरमेंट टैक्स कितना लेना है, यह इलाके में काम होने के बाद ही तय किया जाता है। इलाके में निकाय पानी की लाइन, सीवरेज, चौड़ी सड़कें और परिवहन की सुविधा उपलब्ध करवाकर वहां प्रापर्टी की वैल्यू पर इसका असर देखते हैं।


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