भोपाल। दैनिक वेतन भोगी, अंशकालीन और अस्थाई कर्मचारियों ने अपनी वर्षों से लंबित मांगों को लेकर राजधानी भोपाल में सत्याग्रह आंदोलन की शुरुआत कर दी है। मध्य प्रदेश कर्मचारी मंच के बैनर तले शुरू हुआ यह आंदोलन एक महीने तक चलेगा।
कर्मचारियों का कहना है कि पदों को सांख्येत्तर घोषित किए जाने और नियमितीकरण समेत अन्य मांगों पर सरकार की ओर से कोई ठोस फैसला नहीं होने के कारण उनका भविष्य अंधकार में चला गया है। इसी के विरोध में कर्मचारियों ने चरणबद्ध आंदोलन का रास्ता अपनाया है। कर्मचारी मंच के प्रदेश अध्यक्ष अशोक पांडे ने बताया कि प्रदेश के स्थाई, दैनिक वेतन भोगी और अंशकालीन कर्मचारियों का भविष्य अनिश्चित हो गया है। शासन ने अस्थाई पदों को सांख्येत्तर घोषित कर दिया। जबकि लंबे समय से ये कर्मचारी नियमितीकरण, सातवें वेतनमान, वेतन वृद्धि और पेंशन सुविधा की मांग कर रहे हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया है। इससे कर्मचारियों में गहरा असंतोष व्याप्त है। इसीलिए बुधवार से भोपाल में सत्याग्रह की शुरुआत की गई है। सत्याग्रह में प्रदेशभर के कार्यकर्ता शामिल हो रहे हैं। कर्मचारियों का कहना है कि हमारी मांगें वर्षों से लंबित हैं, लेकिन समाधान की दिशा में ठोस कार्रवाई न होने के कारण मजबूरन सत्याग्रह का सहारा लेना पड़ा है। अपनी मांग को लेकर हम लोग दो बार सीएम सचिवलाय में ज्ञापन दे चुके हैं, लेकिन अब तक कोई असर नहीं हुआ।