भोपाल। इंदौर नगर में प्रदूषित जल आपूर्ति की गंभीर घटना को लेकर राज्य शासन ने सख्त कदम उठाए हैं। पूरे घटनाक्रम की विस्तृत समीक्षा कर जिम्मेदारी तय करने और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के उद्देश्य से राज्य स्तरीय जांच समिति का गठन किया गया है।
इंदौर नगर में प्रदूषित जल आपूर्ति की घटना के कारणों की गहन जांच, निष्कर्ष, सुझाव एवं अनुशंसाएं प्रस्तुत करने के लिए राज्य शासन ने अपर मुख्य सचिव, सामान्य प्रशासन संजय कुमार शुक्ल की अध्यक्षता में राज्य स्तरीय समिति का गठन किया है। इस संबंध में सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा आदेश जारी कर दिए गए हैं। समिति में प्रमुख सचिव लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी पी. नरहरि तथा आयुक्त, संचालनालय नगरीय प्रशासन एवं विकास संकेत भोडवे को सदस्य बनाया गया है। वहीं आयुक्त इंदौर संभाग, इंदौर सुदाम खाड़े को समिति का सदस्य-सचिव नामित किया गया है। समिति द्वारा भागीरथपुरा, इंदौर में घटित घटना के वास्तविक कारणों एवं आवश्यक तथ्यों की जांच की जाएगी। साथ ही घटना से जुड़े प्रशासनिक, तकनीकी एवं प्रबंधनगत स्तर की कमियों का विश्लेषण कर दोषी अधिकारियों एवं कर्मचारियों की जवाबदेही तय की जाएगी। इसके अतिरिक्त समिति भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए आवश्यक सुझाव भी देगी। जांच के दौरान समिति को संबंधित विभागों से आवश्यक अभिलेख, प्रतिवेदन एवं जानकारी प्राप्त करने तथा आवश्यकता पड़ने पर स्थल निरीक्षण करने का अधिकार भी होगा। समिति द्वारा जांच प्रतिवेदन यथाशीघ्र, लेकिन अधिकतम एक माह की अवधि में राज्य शासन को प्रस्तुत किया जाएगा।