बसंत पंचमी-जुमे की नमाज साथ, 2016 मॉडल पर चलेगा प्रशासन
भोपाल। धार जिले में स्थित ऐतिहासिक भोजशाला में बसंत पंचमी और जुमे की नमाज एक ही दिन पड़ने के कारण कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रशासन ने कड़े सुरक्षा इंतजाम किए हैं। टकराव की आशंका को देखते हुए अफसरों ने वर्ष 2016 में अपनाए गए सफल फार्मूले को इस बार भी लागू करने का फैसला किया है।
प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि वर्ष 2016 में अपनाई गई रणनीति के तहत दोनों समुदाय आमने-सामने नहीं आए थे और भोजशाला खाली कराने की स्थिति भी नहीं बनी थी। उसी अनुभव के आधार पर इस बार भी व्यवस्थाएं की जा रही हैं, ताकि किसी प्रकार का तनाव उत्पन्न न हो। मुस्लिम समाज के प्रतिनिधियों की ओर से सांकेतिक नमाज का बयान सामने आने से साफ संकेत मिल रहे हैं कि इस बार भी उत्सव समिति के जुलूस को गेट पर नहीं रोका जाएगा और उन्हें सहज प्रवेश मिलेगा। कमाल मौला मस्जिद वाले हिस्से के परिसर को टेंट से ढका जाएगा और सीमित संख्या में सांकेतिक नमाज अदा कराई जाएगी। उल्लेखनीय है कि पिछली बार यह रणनीति सार्वजनिक नहीं की गई थी, लेकिन इस बार पहले ही स्थिति स्पष्ट कर दी गई है।
इसलिए बढ़ी प्रशासन की चिंता
दरअसल, इस वर्ष 23 जनवरी (शुक्रवार) को जुमे की नमाज और बसंत पंचमी एक साथ पड़ रही है। इससे पहले 2006, 2013 और 2016 में भी ऐसे हालात बने थे, जिनके दौरान क्षेत्र में तनावपूर्ण स्थिति देखने को मिली थी। हालांकि तब सीमित संख्या में नमाज होने के कारण परिसर खाली नहीं कराना पड़ा था।
धार बना पुलिस छावनी
बसंत पंचमी से तीन दिन पहले ही धार को पुलिस छावनी में तब्दील कर दिया गया है। धार आने-जाने वाले सभी मार्गों पर सुरक्षा चौकियां बनाई गई हैं। बेरिकेड्स पर तैनात पुलिसकर्मी वाहनों की सघन जांच कर रहे हैं। मंगलवार को अतिरिक्त पुलिस बल धार पहुंच चुका है। सीआरपीएफ और आरएएफ की कंपनियां भी तैनात कर दी गई हैं, ताकि सरस्वती पूजन और नमाज के बाद भी शहर में शांति बनी रहे।