India-EU FTA: 'मदर ऑफ ऑल डील्स' की दहलीज पर भारत; 27 जनवरी को ऐतिहासिक समझौते के आसार, जानिए क्या फायदा होगा?

बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: कुमार विवेक Updated Tue, 20 Jan 2026 07:34 PM IST

India-EU Historic Trade Pact: भारत और यूरोपीय संघ 27 जनवरी को 'ऐतिहासिक व्यापार समझौते' का ऐलान कर सकते हैं। यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने इसे 'मदर ऑफ ऑल डील्स' बताया है, जिससे दो अरब लोगों का बाजार तैयार होगा। आइए इस बारे में विस्तार से जानें।

वैश्विक व्यापार में अनिश्चितताओं के बीच भारत और यूरोपीय संघ (ईयू) एक 'ऐतिहासिक व्यापार समझौते' के बेहद करीब पहुंच चुके हैं। यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने दावोस में विश्व आर्थिक मंच के दौरान संकेत दिया कि दोनों पक्ष इस बहुप्रतीक्षित समझौते को अंतिम रूप देने के लिए तैयार हैं। इसे कुछ हलकों में मदर ऑफ ऑल डील्स कहा जा रहा है, जो दुनिया के सबसे बड़े मुक्त व्यापार क्षेत्रों में से एक का निर्माण करेगा।

यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष ने क्या कहा?
उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने अपने संबोधन में साफ किया कि यह समझौता महज एक कागजी कार्रवाई नहीं, बल्कि वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए एक गेम-चेंजर साबित होगा। इस दौरान विश्व आर्थिक मंच के अध्यक्ष बोर्गे ब्रेंडे ने कहा, "भारत और यूरोप के बीच अब तक का सबसे बड़ा समझौता बस होने ही वाला है।"

• विशाल दायरा: इस समझौते से दो अरब लोगों का एक साझा बाजार तैयार होगा।
• आर्थिक ताकत: यह संयुक्त बाजार वैश्विक जीडीपी के लगभग एक चौथाई हिस्से का प्रतिनिधित्व करेगा।
• यूरोप का फोकस: वॉन डेर लेयेन ने कहा कि यूरोप आज के 'ग्रोथ सेंटर्स' और इस सदी के आर्थिक पावरहाउस यानी भारत के साथ कारोबार करना चाहता है। उन्होंने इसे दुनिया के सबसे तेजी से बढ़ते और गतिशील महाद्वीपों में से एक के साथ जुड़ने के लिए यूरोप का 'फर्स्ट-मूवर एडवांटेज' बताया।
 
माना जा रहा है कि सरकार एफटीए पर गणतंत्र दिवस के दौरान बड़ी घोषणा की तैयारी कर रही है। इस पर आधिकारिक मुहर 27 जनवरी को लगने की उम्मीद है।

• विशेष दौरा: यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा और उर्सुला वॉन डेर लेयेन 25 से 27 जनवरी तक भारत दौरे पर रहेंगे। वे गणतंत्र दिवस समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे।
 
• समिट वार्ता: 27 जनवरी को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ होने वाली शिखर वार्ता में इस एफटीए (FTA) के संपन्न होने की घोषणा की जा सकती है।

रक्षा क्षेत्र में बड़ी साझेदारी के लिए क्या कवायद?
व्यापार के अलावा, इस समिट में रक्षा और सुरक्षा पर भी बड़ा फोकस रहेगा। भारत और ईयू एक 'सुरक्षा और रक्षा साझेदारी' (एसडीपी) का अनावरण कर सकते हैं।इसमें ये चीजें शामिल होंगीं।-

• फंडिंग तक पहुंच: प्रस्तावित एसडीपी के तहत भारतीय कंपनियों के लिए EU के 'SAFE' (Security Action for Europe) कार्यक्रम में भाग लेने के रास्ते खुलेंगे। SAFE यूरो 150 बिलियन का एक वित्तीय साधन है, जो रक्षा तैयारी को तेज करने के लिए बनाया गया है।
• एसओआईए समझौता: दोनों पक्ष औद्योगिक रक्षा सहयोग को बढ़ावा देने के लिए 'सूचना सुरक्षा समझौते' (SOIA) के लिए बातचीत शुरू करेंगे।

अमेरिका की टैरिफ नीतियों का असर यह समझौता ऐसे समय में हो रहा है जब वाशिंगटन (अमेरिका) की टैरिफ नीतियों और व्यापारिक व्यवधानों को लेकर वैश्विक चिंताएं बढ़ रही हैं। विशेषज्ञ इसे बदलती भू-राजनीति के बीच भारत और ईयू की रणनीतिक गोलबंदी के रूप में देख रहे हैं। गौरतलब है कि ईयू वित्त वर्ष 2023-24 में 135 बिलियन डॉलर के द्विपक्षीय व्यापार के साथ भारत का सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार रहा है।

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