एससी, एसटी और ओबीसी वर्ग की महिलाओं से जुड़े विवादित बयान को लेकर मध्यप्रदेश सरकार की नगरीय प्रशासन राज्यमंत्री प्रतिमा बागरी ने कांग्रेस विधायक फूल सिंह बरैया पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि महिलाओं के खिलाफ अपराधों को धर्म से जोड़ना न केवल खतरनाक है, बल्कि यह पीड़िताओं का घोर अपमान भी है। प्रतिमा बागरी ने कहा कि दुष्कर्म जैसे जघन्य अपराध को किसी भी हाल में धर्म, आस्था या पुण्य से नहीं जोड़ा जा सकता। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यह न धर्म है, न पुण्य-यह सीधा-सीधा पाप है। किसी भी धार्मिक ग्रंथ में ऐसी विकृत सोच का कोई स्थान नहीं है।
‘यह सोच निशाचारी और तांत्रिक प्रवृत्ति की देन’
राज्यमंत्री ने कहा कि इस तरह के विचार धर्मग्रंथों से नहीं, बल्कि निशाचारी और तांत्रिक प्रवृत्तियों से उपजे हैं, जहां मनुष्य को मनुष्य नहीं समझा जाता। उन्होंने कहा कि तांत्रिक क्रियाओं में अमरत्व जैसी भ्रांत धारणाएं होती हैं, जिनका समाज, महिलाओं और मानवीय मूल्यों से कोई संबंध नहीं है। महिलाओं के सम्मान को कमजोर करने वाली सोच
प्रतिमा बागरी ने कहा कि भारतीय संस्कृति नारी सम्मान, त्याग, तपस्या और बलिदान पर आधारित है। महिलाओं ने समाज को वीरता, शौर्य, बुद्धिमत्ता और उद्यमिता के अनेक उदाहरण दिए हैं। ऐसे में महिलाओं को अपमानित करने वाले विचार पूरे समाज के लिए घातक हैं। उन्होंने कहा कि महिलाओं के खिलाफ अपराधों को धर्म से जोड़ना यह संदेश देता है कि ऐसे अपराधों को वैध ठहराया जाए, जो बेहद खतरनाक मानसिकता है। यह सोच उन मासूम बच्चियों के दर्द को भी नहीं समझ पाती, जिनके साथ बहुत छोटी उम्र में जघन्य अपराध होते हैं।
दुष्कर्म को धर्म से जोड़ना पीड़िताओं का अपमान
राज्यमंत्री ने भावुक होते हुए कहा कि दुष्कर्म करने वाला अपराध कर निकल जाता है और जब उसे धर्म से जोड़ दिया जाता है तो यह पीड़िताओं के घावों पर नमक छिड़कने जैसा है। उन्होंने कहा कि भारतीय धर्म और संस्कृति कहीं भी ऐसे कृत्यों का समर्थन नहीं करते। प्रतिमा बागरी ने फूल सिंह बरैया के बयान की कड़े शब्दों में निंदा करते हुए कहा कि समाज के हर वर्ग को मिलकर ऐसी सोच का विरोध करना होगा। उन्होंने कहा कि इस तरह की मानसिकता को बढ़ावा देने वालों को अपने कर्मों का फल अवश्य मिलेगा।
बरैया ने अपने बयान दी सफाई
दतिया जिले की भांडेर विधानसभा सीट से कांग्रेस विधायक फूल सिंह बरैया के एससी, एसटी और ओबीसी महिलाओं से जुड़े बयान को लेकर भाजपा हमलावर है। हालांकि अपने बयान पर कायम रहने का बयान देने वाले बरैया ने बाद में वीडियो जारी कर कहा कि वह बयान उनका मौलिक विचार नहीं था, बल्कि एक किताब से संदर्भ के रूप में उद्धृत किया गया था और वे स्वयं उस विचार से सहमत नहीं हैं। बता दें कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने भी इस बयान को लेकर बरैया से लिखित स्पष्टीकरण तलब किया है।