भोपाल। राजधानी भोपाल एक बार फिर बड़े आंदोलन का गवाह बनने जा रही है। आगामी 18 जनवरी को ओबीसी-एससी-एसटी संयुक्त मोर्चा के आह्वान पर एक आमसभा का आयोजन किया जाएगा। संविधान प्रदत्त सामाजिक न्याय और समानता के अधिकारों की रक्षा के संकल्प के साथ आयोजित होने वाली इस सभा को ऐतिहासिक बनाने के लिए मोर्चा ने पूरी ताकत झोंक दी है।
संयुक्त मोर्चा के पदाधिकारियों का आरोप है कि प्रदेश में पिछड़ा वर्ग (ओबीसी), अनुसूचित जाति (अजा) और अनुसूचित जनजाति (अजजा) के संवैधानिक अधिकारों पर लगातार प्रहार हो रहा है। मोर्चे के अनुसार, न केवल महापुरुषों के सम्मान की अनदेखी की जा रही है, बल्कि संवैधानिक मूल्यों को भी ताक पर रखा जा रहा है। इसी के विरोध में अपनी आवाज बुलंद करने के लिए प्रदेशभर से लाखों कार्यकर्ताओं के भोपाल पहुंचने की संभावना है। आमसभा के माध्यम से मोर्चा सरकार के समक्ष ओबीसी वर्ग को जनसंख्या के अनुपात में 52 प्रतिशत आरक्षण देने और पदोन्नति में भी इसी अनुपात में आरक्षण लागू करने, एससी-एसटी-ओबीसी के रिक्त बैकलॉग पदों को एक माह के भीतर भरे जाने, अजाक्स प्रांताध्यक्ष व आईएएस संतोष वर्मा के विरुद्ध की गई कार्यवाहियों को समाप्त कर उन्हें पुनः पदस्थ करने और पदोन्नति से रोक हटाने की मांग करेगा।