सर्द हवाओं ने प्रदेश में फिर बढ़ाई ठिठुरन

भोपाल। प्रदेश में एक बार फिर बर्फीली हवाओं के प्रहार ने जनजीवन की रफ्तार थाम दी है। उत्तर भारत से आ रही ठंडी हवाओं के कारण प्रदेश के कई शहरों में रात का पारा तेजी से लुढ़का है। आलम यह है कि राजधानी भोपाल समेत कई जिलों में ठंड ने पिछले कई दशकों के कीर्तिमान ध्वस्त कर दिए हैं। इस बीच मौसम विभाग ने आगामी 3-4 दिनों में प्रदेश के कुछ हिस्सों में मावठा (हल्की बारिश) गिरने की संभावना जताई है।
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, हिमालयी क्षेत्र में एक शक्तिशाली पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो रहा है। वर्तमान में पश्चिमी क्षेत्र से एक ट्रफ लाइन गुजर रही है, जिसका सीधा असर अभी नहीं है। लेकिन आने वाला सिस्टम काफी मजबूत है, जिसके प्रभाव से 3 से 4 दिन बाद ग्वालियर-चंबल और मालवांचल के कुछ हिस्सों में बादल छाने और हल्की बारिश होने के आसार हैं। मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार, यह सीजन रिकॉर्ड बनाने वाला साबित हो रहा है। नवंबर माह में पिछले 84 वर्षों में सबसे अधिक ठंड दर्ज की गई। जबकि दिसंबर माह में बीते 25 सालों का रिकॉर्ड टूट गया। वहीं जनवरी माह में राजधानी भोपाल में पिछले 10 साल की सबसे अधिक ठंड पड़ रही है। प्रदेश के कुछ इलाकों में न्यूनतम तापमान शून्य डिग्री के करीब पहुंच गया है।
कोहरे की मार, रेल यातायात प्रभावित
प्रदेश के उत्तरी भाग में घने कोहरे की चादर बिछी हुई है। दृश्यता कम होने के कारण रेल यातायात पर बुरा असर पड़ा है। कई ट्रेनें अपने निर्धारित समय से घंटों देरी से चल रही हैं, जिससे यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

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