महिलाओं और भूमिहीन परिवारों का रखा जाएगा ध्यान
भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि सरकार ने रोजगार की गारंटी को 125 दिन तक बढ़ाकर ग्रामीणों को बड़ी राहत दी है। उन्होंने बताया कि कृषि से जुड़े लोगों को योजना का सीधा लाभ मिलेगा। योजना में सरकार ने महिलाओं और भूमिहीन परिवारों का विशेष ध्यान रखा है। राज्य में सिंचाई का रकबा लगातार बढ़ रहा है। दुनिया के कई देश भारत की विकास योजनाओं की ओर देख रहे हैं।
मुख्यमंत्री डा मोहन यादव ने यह बात आज प्रदेश भाजपा कार्यालय मेंं प्रदेश भाजपा अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल के साथ संयुक्त प्रेस कांफ्रेंस में कही। उन्होंने कहा कि जब तक नई मजदूरी दर तय नहीं होती, तब तक महात्मा गांधी मनरेगा की दरों के अनुसार भुगतान होगा। पात्र हितग्राहियों को बेरोजगारी भत्ता भी दिया जाएगा। सीएम ने कहा कि योजना ग्रामीण हाट, कौशल विकास और आय बढ़ाने वाले कार्यों में सरकार सहयोग करेगी, लेबर आधारित उद्योग लगाने वालों को जी-रामजी योजना के तहत लाभ दिया जाएगा। सीएम ने भरोसा जताया कि इस योजना का सीधा लाभ प्रदेश की जनता को मिलेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि 2026 को मध्यप्रदेश में ‘किसान वर्ष’ के रूप में मनाया जाएगा। 2027 को ‘युवा वर्ष’ घोषित करने की तैयारी है। किसानों की समस्याओं पर ठोस नीति बनाने के लिए राज्य सरकार जल्द ही सर्वदलीय बैठक बुलाएगी, जिसमें अन्य राज्यों के कृषि विशेषज्ञों को भी आमंत्रित किया जाएगा।
मृत्यु एक हो या सौ सरकार खड़ी है पीड़ित परिवार के साथ
इंदौर में हुई दर्दनाक घटना को लेकर आ रहे अलग-अलग आंकड़ों के बीच मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने साफ कर दिया है कि सरकार किसी भी परिवार को अनदेखा नहीं करेगी। उन्होंने कहा कि एक भी व्यक्ति की मौत अत्यंत कष्टकारी है। चाहे संख्या एक हो या सौ, सरकार हर पीड़ित परिवार के साथ खड़ी है। मुख्यमंत्री ने बताया कि फिलहाल प्रशासन ने पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर मृतकों की संख्या तय की है, लेकिन यह आंकड़ा अंतिम नहीं माना जा सकता। नगर निगम के जरिए भी मृत्यु पंजीयन की प्रक्रिया चल रही है, जिससे वास्तविक संख्या सामने आएगी। उन्होंने कहा कि जैसे ही पंजीयन से सही आंकड़ा सामने आएगा, राज्य सरकार सभी मृतकों के परिजनों को नियमानुसार राहत राशि प्रदान करेगी।
कांग्रेस फैला रही है भ्रम
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने कहा कि कांग्रेस इस योजना को लेकर जनता में भ्रम फैला रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि ‘जी राम जी योजना’ किसानों और मजदूरों दोनों के हित में है। उन्होंने कहा जब खेती का मौसम होगा, तब किसान अपने खेतों में काम करेंगे। जब मजदूरी के काम उपलब्ध होंगे, तब किसान और मजदूर दोनों को रोजगार मिलेगा। जरूरत के मुताबिक ही काम कराया जाएगा।