महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस नेता पृथ्वीराज चव्हाण एक बार फिर से अपने विवादित बयान के चलते सुर्खियों में हैं। वेनेजुएला में अमेरिकी सैन्य कार्रवाई के दौरान राष्ट्रपति निकोलस मादुरो की गिरफ्तारी का जिक्र करते हुए चव्हाण ने सवाल उठाया था कि क्या भारत में भी ऐसा कुछ हो सकता है और क्या अमेरिका भारत के प्रधानमंत्री का अपहरण कर सकता है? उनके इस बयान की जमकर आलोचना हो रही है। भाजपा ने विपक्ष पर तीखा हमला बोला है।
अमेरिका द्वारा भारत पर लगाए 50 फीसदी टैरिफ पर बोलते हुए कांग्रेस नेता पृथ्वीराज चव्हाण ने मंगलवार को कहा कि दोनों देशों के बीच व्यापार पहले से ही बंद है, अब सवाल यह है कि वेनेजुएला में जो कुछ हुआ क्या वह भारत में होगा... क्या हमारे प्रधानमंत्री को अपहरण कर ले जाएंगे ट्रंप साहब? वही बात बची है अब। उनके इस बयान की जमकर आलोचना हो रही है। भाजपा ने इसे भारत-विरोधी और बेतुका बयान करार दिया है। हर तरफ हो रही आलोचना के बाद कांग्रेस नेता ने अपने बयान पर सफाई दी है।
अब दी सफाई
चौतरफा हो रही आलोचना पर अब पृथ्वीराज चव्हाण ने सफाई देते हुए कहा, देखिए मैंने क्या कहा था, अमेरिका ने जो किया है, वह संयुक्त राष्ट्र चार्टर, अंतरराष्ट्रीय कानून के खिलाफ है। एक चुने हुए राष्ट्रपति को किडनैप करके ले जाया गया। यह यूएन चार्टर का उल्लंघन है। फिर ट्रंप ने पड़ोसी देश कोलंबिया के राष्ट्रपति को धमकी दी। इसके साथ ही वह ग्रीनलैंड पर कब्जा करने की बात कर रहे हैं। वह पनामा नहर पर नियंत्रण चाहते हैं। अगर आम राय नहीं बनी तो संयुक्त राष्ट्र की व्यवस्था खत्म हो सकती है। इसलिए अगर सभी देश सावधान नहीं रहे, तो किसी के साथ भी कुछ भी हो सकता है। जिस तरह से ट्रंप मोदीजी को धमकी दे रहे हैं, तो हमें भी सावधान रहना चाहिए। कांग्रेस पर भाजपा ने साधा निशाना
इस मामले पर भाजपा प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने कहा, कांग्रेस रोजाना नए स्तर पर गिर रही है। कांग्रेस नेता पृथ्वीराज चव्हाण बेशर्मी से भारत की स्थिति की तुलना वेनेजुएला से कर रहे हैं। यह पूछकर कि वेनेजुएला में जो हुआ, क्या वह भारत में हो सकता है, कांग्रेस अपनी भारत विरोधी मानसिकता साफ कर रही है। राहुल गांधी भारत में अराजकता चाहते हैं। राहुल गांधी भारत के मामलों में विदेशी दखल चाहते हैं।
ऑपरेशन सिंदूर पर दे चुके हैं विवादित बयान
पिछले महीने पृथ्वीराज चव्हाण ने ऑपरेशन सिंदूर पर विवादित बयान दिया था। उन्होंने कहा था, 'पहले दिन (ऑपरेशन सिंदूर के) हम पूरी तरह हार गए थे। सात तारीख को जो आधे घंटे की हवाई लड़ाई हुई, उसमें हम पूरी तरह हार गए, चाहे लोग इसे मानें या न मानें। भारतीय विमानों को मार गिराया गया। वायुसेना पूरी तरह से जमीन पर थी और एक भी विमान नहीं उड़ा। चव्हाण ने पुणे में मीडिया से बातचीत में कहा कि अगर ग्वालियर, बठिंडा या सिरसा से कोई विमान उड़ता, तो पाकिस्तान की ओर से उसे मार गिराए जाने की बहुत ज्यादा संभावना थी, इसीलिए वायुसेना पूरी तरह से जमीन पर थी।'