भोपाल। कृषि उपजमंडियों में किसानों को बड़ी राहत देते हुए मंडी बोर्ड प्रबंधन ने एक कड़ा आदेश जारी किया है। अब प्रदेश की मंडियों में ट्राली में खुले रूप में लाए जाने वाले अनाज की बड़े इलेक्ट्रानिक तौल कांटे पर तुलाई के बाद किसानों से किसी भी प्रकार की हम्माली और तुलाई की राशि नहीं काटी जाएगी। नियमों का उल्लंघन करने पर सीधे तौर पर संबंधित मंडी सचिव को जिम्मेदार माना जाएगा।
यह सख्त निर्देश हाल ही में बदनावर मंडी समिति से सामने आई शिकायतों के बाद दिए गए हैं। मंडी बोर्ड संचालक को शिकायत मिली थी कि बदनावर में किसानों की ट्रालियों पर लाए गए अनाज को बड़े इलेक्ट्रानिक कांटे पर तोलने के बावजूद, हम्माली और तुलाई के नाम पर अवैध रूप से अतिरिक्त वसूली की जा रही है। मामले की गंभीरता को देखते हुए भोपाल मुख्यालय ने तुरंत जांच के आदेश दिए हैं। साथ ही यह सुनिश्चित करने को कहा गया है कि निर्धारित व्यवस्था के विपरीत किसानों से किसी भी स्तर पर अतिरिक्त वसूली न हो। यदि जांच में कोई अनियमितता पाई जाती है, तो नियमानुसार सख्त कार्रवाई कर सात दिनों के भीतर मुख्यालय को प्रतिवेदन भेजने के निर्देश दिए गए हैं।
सचिव होंगे व्यक्तिगत रूप से उत्तरदायी
मंडी बोर्ड संचालक ने प्रदेश के सभी संयुक्त संचालकों को निर्देशित किया है कि जिन मंडियों में बड़े इलेक्ट्रानिक तौल कांटे स्थापित हैं, नियमों का सख्ती से पालन कराया जाए। निर्देषों में कहा गया है कि किसान द्वारा ट्राली में खुले रूप में लाई गई सिंगल जिंस (एक प्रकार की कृषि उपज) की शत-प्रतिशत तुलाई बड़े इलेक्ट्रानिक कांटे से ही की जाए, बड़े कांटे पर तुलाई होने के बाद, अनाज को दोबारा छोटे तौल कांटे पर तौलकर किसानों से हम्माली और तुलाई की राशि बिल्कुल न काटी जाए और आदेशों का पालन न होने की स्थिति में संबंधित मंडी सचिव को व्यक्तिगत रूप से उत्तरदायी ठहराया जाएगा।