भोपाल रिटायर्ड IAS हत्याकांड: फरार केयरटेकर पर 50 हजार का इनाम; 5 राज्यों में तलाश, पुलिस की 15 टीमें जुटीं

रिटायर्ड आईएएस राकेश अग्रवाल हत्याकांड में फरार केयरटेकर वरुण कुमार पर पुलिस ने 50 हजार रुपये का ईनाम घोषित किया है।

By prashant vyasEdited By: bhupendra Singh Rajput
Publish Date: Sat, 03 Oct 2026 10:06:24 PM (IST)Updated Date: Sat, 03 Oct 2026 10:06:24 PM (IST)
  1. फरार केयरटेकर पुलिस ने 50 हजार रुपये का इनाम घोषित किया
  2. आरोपी की तलाश में चार राज्यों समेत एमपी में 15 टीमें तलाश में जुटीं
  3. पीएचक्यू की दो तकनीकी टीमें डिजिटल फुटप्रिंट खंगाल रही हैं
नईदुनिया प्रतिनिधि, भोपाल । सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी राकेश अग्रवाल की हत्या के आरोपित केयरटेकर वरुण कुमार पर पुलिस ने 50 हजार रुपये का इनाम घोषित किया है।
 
इस बीच उसके डिजिटल फुटप्रिंट की तलाश में मध्य प्रदेश पुलिस मुख्यालय ने अपनी दो विशेष तकनीकी टीमों को भी मैदान में उतार दिया है।
 
आरोपी की गिरफ्तारी के लिए क्राइम ब्रांच की 11 और भोपाल जोन-एक की चार टीमें लगाई गई हैं। अलग-अलग 15 टीमें पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, दिल्ली और मध्य प्रदेश में उसके संभावित ठिकानों और संपर्कों को खंगाल रही हैं।
 
वहीं टेक्निकल सेल उसके पुराने मोबाइल नंबरों और अन्य डिजिटल फुटप्रिंट की खोज में जुटी है।

आगरा और ग्वालियर में पूछताछ

दरअसल, पुलिस के लिए सबसे बड़ी चुनौती वरुण की मोबाइल लोकेशन का नहीं मिलना है। उस तक पहुंचने के लिए पुलिस ने पटियाला और आगरा निवासी उसकी दो बहनों से पूछताछ की है। ग्वालियर निवासी उसके पिता और सौतेली मां से भी जानकारी ली गई है।
आगरा-मथुरा रूट पर वरुण की आखिरी लोकेशन मिलने के बाद पुलिस ने दिल्ली, हरियाणा और पंजाब की दिशा में निगरानी बढ़ाई है। रेलवे स्टेशनों के सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं। टीम यह पता लगाने में जुटी है कि आगरा के बाद वरुण ने किस स्टेशन से ट्रेन पकड़ी और किस दिशा में गया।

ये है मामला

बता दें कि 1982 बैच के आईएएस अधिकारी रहे 72 वर्षीय राकेश अग्रवाल की 29-30 सितंबर को सूरज नगर स्थित घर में हत्या कर दी गई थी। संदेह उनके केयरटेकर वरुण कुमार पर है, जो घटना के बाद से फरार है। वह 26 सितंबर को ही उनके यहां काम पर आया था।
 
आरोप है कि उसने सोते समय राकेश अग्रवाल की गला रेतकर हत्या की और उनका मोबाइल, जेवर व नकदी लेकर फरार हो गया।

जांच के दायरे में हेल्थ एजेंसी

केयरटेकर उपलब्ध कराने वाली वर्मा होम हेल्थ केयर एजेंसी भी जांच के दायरे में है। हत्या की कड़ी जोड़ने के लिए पुलिस अब तक 15 लोगों के बयान दर्ज कर चुकी है। इनसे उनकी दिनचर्या, घरेलू माहौल, कर्मचारियों से संबंध और घटना से पहले की परिस्थितियों के बारे में जानकारी ली गई है।

बार बार होते रहे ठगी के शिकार

जांच के दौरान चार साल पहले राकेश अग्रवाल के साथ हुई 4 करोड़ रुपये की ठगी का मामला सामने आया है। यह केस कमलानगर थाने में दर्ज हुआ था। इससे पहले क्राइम ब्रांच में पिछले साल दर्ज 1 करोड़ की ठगी का मामला सामने आ चुका है।
 
पुलिस इन दोनों मामलों की भी जानकारी जुटा रही है। हालांकि अभी तक इन मामलों में आरोपी रहे लोगों से संपर्क नहीं किया गया है।

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