नेता प्रतिपक्ष के प्रोटोकॉल उल्लंघन का आरोप, विशेषाधिकार हनन का नोटिस देने की तैयारी
भोपाल। कांग्रेस नेता राहुल गांधी के बालाघाट दौरे के दौरान कलेक्टर और एसपी की गैरमौजूदगी को लेकर मध्य प्रदेश की राजनीति गरमा गई है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने मुख्य सचिव को पूर्व सूचना दिए जाने के बावजूद दोनों शीर्ष अधिकारियों के अनुपस्थित रहने को नेता प्रतिपक्ष के प्रोटोकॉल का सीधा उल्लंघन बताया है। पार्टी ने इस मुद्दे पर सरकार के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए मामले की शिकायत राष्ट्रपति और केंद्रीय गृह मंत्री से करने तथा विधानसभा में उठाने का ऐलान किया है।
राजधानी भोपाल में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में जीतू पटवारी ने कहा कि राहुल गांधी बालाघाट में पीड़ित आदिवासी परिवारों से मिलने पहुंचे थे, जिनके बच्चों की असमय मौत हुई है। इतने संवेदनशील और गंभीर दौरे पर जिला प्रशासन के प्रमुख अधिकारियों का न पहुंचना प्रशासनिक लापरवाही को दर्शाता है। कांग्रेस इस मामले में विधानसभा में विशेषाधिकार हनन का नोटिस लाने पर भी विचार कर रही है। पटवारी ने प्रदेश के आदिवासी अंचलों में शिक्षा, स्वास्थ्य और विकास की बदहाल स्थिति पर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में ढाई दशक से भाजपा का शासन होने के बावजूद आदिवासी बच्चों को मूलभूत सुविधाएं और समान अवसर नहीं मिल रहे हैं। इसके साथ ही उन्होंने आदिवासी कल्याण योजनाओं के लिए आवंटित बजट के दुरुपयोग और वित्तीय अनियमितताओं पर भी सवाल दागे।
अधिकारियों की मनमानी
भाजपा की कोर कमेटी की बैठक का जिक्र करते हुए पटवारी ने सरकार और नौकरशाही के बीच तालमेल की कमी पर तीखा तंज कसा। उन्होंने कहा कि जब खुद सत्तारूढ़ दल के मंत्री ही अधिकारियों द्वारा अनदेखी किए जाने की शिकायत कर रहे हैं, तो मुख्यमंत्री को स्पष्ट करना चाहिए कि राज्य का प्रशासन आखिर कौन चला रहा है। पटवारी ने अपनी पुरानी टिप्पणी को दोहराते हुए कहा कि वर्तमान में मध्य प्रदेश में सरकार के बजाय ‘सर्कस’ चल रहा है।
इंदौर, सागर और छिंदवाड़ा की घटनाओं पर घेरा
पटवारी ने इंदौर में दूषित पानी, सागर में जहरीली शराब और छिंदवाड़ा में कफ सिरप पीने से हुई बच्चों की मौतों का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया। उन्होंने कहा कि ऐसे संवेदनशील मामलों में केवल निचले स्तर के कर्मचारियों पर प्रशासनिक कार्रवाई कर देना काफी नहीं है, बल्कि इसके लिए शीर्ष स्तर पर राजनीतिक जवाबदेही तय होनी चाहिए। उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से इन घटनाओं पर संज्ञान लेने की मांग करते हुए कहा कि कांग्रेस भ्रष्टाचार और प्रशासनिक नाकामी के खिलाफ अपना संघर्ष जारी रखेगी।