नईदुनिया प्रतिनिधि, भोपाल। भोपाल के अतिव्यस्त एमपी नगर क्षेत्र में डीबी मॉल के सामने करंट लगने से भारतीय जनता पार्टी युवा मोर्चा (भाजयुमो) के जिला महामंत्री दिव्यऋषि तिवारी की दर्दनाक मौत के मामले में प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है।
जांच रिपोर्ट सौंपे जाने के बाद शुक्रवार को नगर निगम आयुक्त संस्कृति जैन ने विद्युत विभाग के सहायक यंत्री (एई) सुमित सिंह को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। वहीं, इस मामले में लापरवाही बरतने पर कार्यपालन यंत्री (ईई) आशीष श्रीवास्तव पर भी अनुशासनात्मक कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
जांच रिपोर्ट में उजागर हुई गंभीर लापरवाही
27 सितंबर को हुए इस भीषण हादसे के बाद कलेक्टर प्रियंक मिश्रा ने चार सदस्यीय जांच समिति का गठन किया था। समिति ने 2 अक्टूबर को अपनी विस्तृत जांच रिपोर्ट सौंपी, जिसमें स्पष्ट हुआ कि नगर निगम के सहायक यंत्री सुमित सिंह द्वारा अपने कर्तव्यों में घोर लापरवाही बरती गई।
बता दें कि सुमित सिंह मूल रूप से पीडब्ल्यूडी में पदस्थ थे और नवंबर 2022 से प्रतिनियुक्ति पर भोपाल नगर निगम में सेवाएं दे रहे थे।
कई राहगीरों को लग चुका था झटका
पड़ताल और जांच रिपोर्ट में यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि जिस पोल की चपेट में आने से दिव्यऋषि तिवारी की जान गई, उससे हादसे से 3-4 दिन पहले ही 7 से अधिक लोगों को करंट के झटके लग चुके थे। इसके बावजूद न तो पोल की मरम्मत की गई और न ही सुरक्षा के कोई इंतजाम किए गए।
हादसे के बाद निगम अमले ने आनन-फानन में पोल को त्रिपाल से ढंककर बैरिकेडिंग की। जांच में घटना स्थल से 500 मीटर के दायरे में कई बिजली के खंभों पर नंगे और खुले तार लटकते पाए गए।
क्या था पूरा घटनाक्रम?
27 सितंबर की शाम एमपी नगर में सड़क पार करते समय डिवाइडर पर लगे लोहे के पोल को पकड़ते ही दिव्यऋषि तिवारी को तेज करंट लग गया था। मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने उन्हें सीपीआर देकर तुरंत एम्स भोपाल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
इस दौरान एक महिला भी करंट की चपेट में आई थी। घटना के बाद कांग्रेस और कई सामाजिक संगठनों ने नगर निगम की लापरवाही के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया था।