यूपी: अब मथुरा तय करेगा भाजपा की जीत का फॉर्मूला, दो दिन की बैठक में बनेगी सियासी रणनीति; ये मुद्दे होंगे अहम

अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ Published by: रोहित मिश्र Updated Wed, 30 Sep 2026 08:31 PM IST

UP Assembly Elections: मथुरा में होने वाली बैठक में आरएसएस की मौजूदगी रहेगी। संगठन और संघ के बीच समन्वय, कार्यकर्ताओं की भूमिका और जमीनी तैयारियों को लेकर भी विचार-विमर्श होगा।

विस्तार

 यूपी में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव के लिए भाजपा अब चुनावी एजेंडे और संगठनात्मक रणनीति को धार देने जा रही है। इसके लिए 3 और 4 अक्तूबर को मथुरा में दो दिवसीय चिंतन बैठक प्रस्तावित हैं। हालांकि अभी इसकी अधिकारिक घोषणा नहीं की गई है, लेकिन कई कैबिनेट मंत्रियों को दो दिन कोई कार्यक्रम नहीं रखने को कहा गया है। इससे भी साफ है कि इस प्रस्तावित बैठक में सरकार, संगठन और संघ के अलावा प्रदेश के कई बड़े मंत्रियों की भी मौजूदगी रहेगी। बैठक में भाजपा के सामने प्रमुख चुनौतियों के निपटने के साथ ही सरकार की उपलब्धियों को जनता तक पहुंचाने, बूथ स्तर पर संगठन मजबूत करने और मतदाता संपर्क बढ़ाने समेत चुनावी तैयारियों पर मंथन होगा।

सूत्रों के मुताबिक बैठक में भाजपा के शीर्ष नेतृत्व के साथ आरएसएस के प्रचारक भी बैठक में मौजूद रहेंगे। बता दें कि भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन पहली बार प्रदेश संगठन की नई टीम के साथ इस स्तर पर रणनीतिक चर्चा करेंगे। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी और प्रदेश महामंत्री (संगठन) धर्मपाल सिंह के अलावा राष्ट्रीय संगठन महामंत्री बीएल संतोष और प्रदेश प्रभारी विनोद तावड़े भी बैठक में शामिल होंगे। बैठक में क्षेत्रवार संगठन की स्थिति की समीक्षा के साथ कार्यकर्ताओं की सक्रियता, बूथ प्रबंधन और जनसंपर्क अभियान को लेकर कार्ययोजना तैयार की जा सकती है। सरकार की योजनाओं और विकास कार्यों को चुनावी विमर्श का हिस्सा बनाने तथा उन्हें जमीनी स्तर तक पहुंचाने पर भी चर्चा संभावित है।

आरएसएस नेता भी होंगे शामिल

आरएसएस की मौजूदगी में संगठन और संघ के बीच समन्वय, कार्यकर्ताओं की भूमिका और जमीनी तैयारियों को लेकर भी विचार-विमर्श होगा। बैठक का फोकस चुनावी अभियान के साथ संगठन की तैयारियों को एक दिशा देने पर रहेगा। दो दिन के मंथन में तय होने वाली प्राथमिकताएं आने वाले महीनों में भाजपा के जनसंपर्क और संगठनात्मक अभियानों का आधार बन सकती हैं। इस लिहाज से मथुरा की बैठक को 2027 के चुनावी एजेंडे की शुरुआती रूपरेखा तैयार करने वाले महत्वपूर्ण पड़ाव के तौर पर देखा जा रहा है।

ब्रज से निकलेगा सियासी संदेश

मिशन-2027 की शुरुआती बड़ी बैठक के लिए मथुरा का चयन भी चर्चा में है। ब्रज क्षेत्र भाजपा के लिए महत्वपूर्ण संगठनात्मक आधार रहा है। ऐसे में यहां शीर्ष नेतृत्व और संघ के प्रचारकों का जुटना राजनीतिक रूप से भी अहम माना जा रहा है। हालांकि पार्टी ने बैठक स्थल के चयन को लेकर कोई अलग राजनीतिक संदेश नहीं दिया है।

 


Leave Comments

Top