मुख्यमंत्री ने खुद चलाई कुदाल, परिवार ने मुआवजा लेने से किया इनकार, दादा ने बनवाया था मकान
भोपाल। जिस घर की दीवारों में तीन पीढ़ियों की यादें बसी हों, उसे विकास की राह में खुद अपने हाथों से हटाना आसान नहीं होता। उज्जैन में सिंहस्थ 2028 की तैयारियों के तहत सड़क चौड़ीकरण की जद में आए अपने पैतृक मकान के हिस्से पर रविवार को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने खुद कुदाल चलाई। कार्रवाई से पहले उन्होंने घर में पूजा-अर्चना की और फिर प्रभावित हिस्से को हटाने की प्रक्रिया की शुरुआत की। इस दौरान वे भावुक भी नजर आए।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का यह पैतृक मकान केवल ईंट-पत्थरों से बना घर नहीं, बल्कि परिवार की तीन पीढ़ियों की स्मृतियों का हिस्सा है। करीब 12 गुना 60 फीट के इस मकान का निर्माण उनके दादा रामचंद्र यादव ने वर्ष 1974 में कराया था। इसी घर में मुख्यमंत्री के पिता पूनमचंद्र यादव, चाचा शंकरलाल यादव और परिवार के अन्य सदस्यों का बचपन बीता। समय के साथ मकान परिवार के अलग-अलग हिस्सों में बंटा, लेकिन इससे जुड़ी यादें बरकरार रहीं।
पूजा-अर्चना के बाद खुद चलाई कुदाल
रविवार को मुख्यमंत्री अपने पैतृक आवास पहुंचे। प्रभावित हिस्से को हटाने की कार्रवाई शुरू होने से पहले उन्होंने घर के भीतर भगवान की पूजा-अर्चना की। इसके बाद उन्होंने मकान का निरीक्षण किया और स्वयं कुदाल चलाकर डिमोलिशन की शुरुआत कराई। सड़क चौड़ीकरण की जद में मुख्यमंत्री की बड़ी बहन और उज्जैन नगर निगम की सभापति कलावती यादव का आवास भी आ रहा है।
मुख्यमंत्री के हिस्से का 2.9 मीटर हिस्सा प्रभावित
मकान दो हिस्सों में विभाजित है। एक हिस्सा मुख्यमंत्री के पिता पूनमचंद्र यादव और दूसरा उनके चचेरे भाई गोविंद यादव के नाम है। सड़क चौड़ीकरण में मुख्यमंत्री के हिस्से का करीब 2.9 मीटर और उनके भाई के हिस्से का करीब 3 मीटर हिस्सा प्रभावित हो रहा है। परिवार ने सड़क चौड़ीकरण के लिए प्रभावित हिस्से को हटाने पर सहमति दी है। खास बात यह है कि मुख्यमंत्री और उनके परिवार ने प्रभावित हिस्से के बदले सरकार से मुआवजा नहीं लेने का निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री ने इसे उज्जैन के व्यापक हित और सिंहस्थ में आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए परिवार की भागीदारी बताया।
सार्वजनिक हित के आगे निजी भावनाएं गौण
मकान पर कुदाल चलाने के बाद मुख्यमंत्री ने कहा कि सिंहस्थ के भव्य और सुगम आयोजन के लिए पूरे उज्जैन में करीब 500 किलोमीटर लंबी सड़कों के चौड़ीकरण और कायाकल्प का काम किया जा रहा है। इतने बड़े स्तर पर विकास कार्यों के लिए कई बार कठिन फैसले लेने पड़ते हैं और निजी भावनाओं को नियंत्रित करना होता है। उन्होंने कहा कि घर और उससे जुड़ी पुरानी यादों से हर व्यक्ति का भावनात्मक लगाव होता है। यह मकान भी उनके जीवन के अनेक पड़ावों और पारिवारिक आयोजनों का साक्षी रहा है। इसके बावजूद उज्जैन के व्यापक हित और श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए किए जा रहे विकास कार्य में उनका परिवार भी सहभागी बन रहा है, इसका उन्हें संतोष है।
सिंहस्थ को लेकर शहर में बड़े स्तर पर चौड़ीकरण
सिंहस्थ 2028 के मद्देनजर उज्जैन में सड़क चौड़ीकरण और विकास कार्य बड़े पैमाने पर चल रहे हैं। अभियान के तहत चिह्नित भवनों और सड़क की सीमा में आ रहे हिस्सों को हटाने की कार्रवाई रविवार को दूसरे दिन भी जारी रही। इससे पहले शनिवार को प्रशासन ने प्रभावित इमारतों पर लाल निशान लगाए थे।
भाजपा में फेरबदल की तैयारी, निष्क्रिय जिला अध्यक्षों पर गिरेगी गाज
भोपाल आ रहे नए प्रदेश प्रभारी बिप्लब देब और महामंत्री चंद्रशेखर
भोपाल। भाजपा के नवनियुक्त प्रदेश प्रभारी बिप्लब कुमार देब और संगठन महामंत्री चंद्रशेखर तिवारी आगामी 30 सितंबर को भोपाल पहुंचेंगे। इस महत्वपूर्ण दौरे के दौरान दोनों शीर्ष नेता प्रदेश कोर ग्रुप और संगठन के पदाधिकारियों के साथ परिचय बैठक करेंगे। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य राष्ट्रीय संगठन की प्राथमिकताओं और आगामी कार्ययोजना से मुख्य नेताओं को अवगत कराना है, जिसके आधार पर आगे का कामकाज संचालित होगा।
सूत्रों के अनुसार, नए प्रदेश प्रभारी और संगठन महामंत्री जिलों में संगठन की जमीनी स्थिति का बारीकी से आकलन करेंगे। इस दौरान लगभग डेढ़ से पौने दो साल का कार्यकाल पूरा कर चुके जिला अध्यक्षों के प्रदर्शन की समीक्षा की जाएगी। समीक्षा में मुख्य बिन्दु संगठन के कार्यक्रमों और अभियानों में सक्रियता, मंडल और बूथ स्तर पर पार्टी की सुदृढ़ता, कार्यकर्ताओं के साथ समन्वय और संवाद, सरकारी एवं सांगठनिक योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन और सेवा संकल्प अभियान में जिला अध्यक्षों की भूमिका रहेंगे। समीक्षा में कमजोर प्रदर्शन करने वाले जिला अध्यक्षों को उनके पद से हटाया जा सकता है।
नए नेतृत्व के सामने संगठन को कसने की चुनौती
वर्तमान में अधिकांश जिला अध्यक्षों का कार्यकाल पौने दो साल के करीब हो चुका है। दिलचस्प बात यह है कि इन सभी जिला अध्यक्षों की नियुक्तियां पिछली टीमकृतत्कालीन प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा, प्रदेश प्रभारी महेंद्र सिंह और संगठन महामंत्री हितानंद शर्मा के कार्यकाल में हुई थीं। अब चूंकि प्रदेश संगठन का पूरा ढांचा बदल चुका है, ऐसे में नए प्रदेश प्रभारी बिप्लब कुमार देब, संगठन महामंत्री चंद्रशेखर तिवारी और प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल के सामने जिला स्तर पर सांगठनिक कसावट लाने की बड़ी चुनौती है।
तीन अक्टूबर को आएंगे षाह, पशुपालन सम्मेलन में होंगे शामिल
भोपाल। केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह का 3 अक्टूबर को भोपाल दौरा प्रस्तावित है। उनके दौरे को लेकर प्रशासनिक स्तर पर तैयारियां शुरू हो गई हैं। प्रस्तावित कार्यक्रम के अनुसार शाह भेल दशहरा मैदान में आयोजित राज्य स्तरीय पशुपालक सम्मेलन में शामिल हो सकते हैं।
सम्मेलन में प्रदेशभर से बड़ी संख्या में पशुपालकों और दुग्ध उत्पादकों के शामिल होने की संभावना है। कार्यक्रम में सहकारिता और पशुपालन क्षेत्र से जुड़ी योजनाओं तथा प्रदेश में डेयरी गतिविधियों के विस्तार को लेकर भी चर्चा हो सकती है। शाह के दौरे के दौरान सहकारिता एवं डेयरी क्षेत्र से जुड़े कुछ महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट का शुभारंभ या लोकार्पण किए जाने की भी संभावना है। इसके अलावा पुलिस विभाग की ओर से नवीन आपराधिक कानूनों और आपराधिक न्याय प्रणाली से संबंधित प्रदर्शनी भी प्रस्तावित कार्यक्रम का हिस्सा बताई जा रही है। शाह के भोपाल प्रवास के दौरान प्रदेश भाजपा संगठन से जुड़े नेताओं और पदाधिकारियों के साथ बैठक की संभावना भी है। हालांकि, बैठकों और अन्य कार्यक्रमों का अंतिम स्वरूप आधिकारिक कार्यक्रम जारी होने के बाद ही स्पष्ट होगा। शाह के प्रस्तावित दौरे को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था और कार्यक्रम स्थलों की तैयारियों को लेकर संबंधित विभागों ने प्रारंभिक तैयारियां शुरू कर दी हैं। उनके दौरे का विस्तृत और आधिकारिक कार्यक्रम जारी होना अभी बाकी है।
चुनाव आयोग के खिलाफ सड़क पर उतरेगी कांग्रेस, आज होगा प्रदर्शन
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय का घेराव करेंगे वरिष्ठ नेता और कार्यकर्ता
भोपाल। निर्वाचन आयोग की भूमिका और निष्पक्षता पर सवाल उठाते हुए प्रदेश कांग्रेस सोमवार को राजधानी भोपाल में प्रदर्शन करने जा रही है। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए कांग्रेस कार्यकर्ता अरेरा हिल्स स्थित मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय का घेराव करेंगे। इस प्रदर्शन में प्रदेश स्तर के शीर्ष नेताओं, विधायकों और पार्टी के विभिन्न अग्रिम संगठनों के कार्यकर्ताओं का बड़ा जमावड़ा देखने को मिलेगा।
प्रदर्शन को सफल बनाने के लिए संगठन स्तर पर व्यापक तैयारियां की गई हैं। प्रदेश कांग्रेस ने पॉलिटिकल अफेयर्स कमेटी के सदस्यों, प्रदेश पदाधिकारियों, विधायकों, जिलाध्यक्षों के साथ-साथ महिला कांग्रेस, युवा कांग्रेस और एनएसयूआई को अनिवार्य रूप से कार्यकर्ताओं के साथ पहुंचने के निर्देश दिए हैं। प्रदेश कांग्रेस प्रभारी हरीश चौधरी भी इस विरोध प्रदर्शन की अगुवाई के लिए विशेष रूप से भोपाल पहुंच रहे हैं। भीड़ जुटाने के लिए भोपाल समेत आसपास के जिलों विदिशा, रायसेन, राजगढ़, सीहोर और नर्मदापुरम के संगठन पदाधिकारियों को विशेष जिम्मेदारी सौंपी गई है।
तय रणनीति के अनुसार, अरेरा हिल्स स्थित निर्वाचन कार्यालय की ओर मार्च निकालने से पहले कांग्रेस नेता प्रदेश कांग्रेस कार्यालय के बाहर एक विशाल सभा को संबोधित करेंगे। इस दौरान 2023 के विधानसभा चुनाव की प्रक्रियाओं और आयोग की भूमिका को लेकर गंभीर आरोप लगाए जाने की संभावना है। सभा के बाद शुरू होने वाले इस विरोध मार्च को रोकने के लिए प्रशासन ने भी सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं।
हार से हताश कांग्रेस संवैधानिक संस्थाओं पर फैला रही भ्रम
मुख्यमंत्री ने मांगा राहुल गांधी से इस्तीफा, खंडेलवाल बोले आरोप के ठोस सबूत सार्वजनिक करे कांग्रेस
भोपाल। निर्वाचन आयोग और विशेष पुनरीक्षण अभियान (एसआईआर) को लेकर कांग्रेस के बयानों पर प्रदेश की राजनीति गर्मा गई है। रविवार को भाजपा प्रदेश कार्यालय में मीडिया से चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने राहुल गांधी पर हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी देश की संवैधानिक संस्थाओं पर लगातार सवाल उठाकर भ्रम की स्थिति पैदा कर रहे हैं, जो लोकतंत्र के लिए गंभीर संकट है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि नेता प्रतिपक्ष के पद पर रहते हुए संस्थाओं की मर्यादा बनाए रखना राहुल गांधी की जिम्मेदारी है; इसलिए उन्हें नैतिक आधार पर इस्तीफा देना चाहिए।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राहुल गांधी और कांग्रेस का रवैया ‘नाच न जाने, आंगन टेढ़ा’ जैसी कहावत को चरितार्थ करता है। जब भी कांग्रेस चुनाव हारती है, तो निर्वाचन आयोग और प्रक्रिया पर दोष मढ़ने लगती है। उन्होंने सवाल उठाया कि जिन राज्यों में कांग्रेस को चुनावी सफलता मिलती है, वहां वह एसआईआर या चुनाव आयोग पर सवाल नहीं उठाती, लेकिन भाजपा की जीत वाले राज्यों में पूरी प्रक्रिया पर संदेह व्यक्त करने लगती है। उन्होंने कहा कि निर्वाचन आयोग, न्यायपालिका और संसद जैसी संस्थाओं का सम्मान हर जनप्रतिनिधि को करना चाहिए। राहुल गांधी का इतिहास रहा है कि वे पहले बिना सबूतों के न्यायपालिका, सेना की कार्रवाई, सर्जिकल स्ट्राइक और ईवीएम पर बयान देते हैं और बाद में माफी मांगते हैं। डॉ. यादव ने राहुल गांधी से मांग की कि वे इस रवैये के लिए देश की जनता से माफी मांगें।
जनादेश स्वीकार कर आत्ममंथन करे विपक्ष
मुख्यमंत्री ने कांग्रेस को सलाह दी कि चुनाव में जनता अपना फैसला सुनाती है और आयोग केवल प्रक्रिया संपन्न कराता है। कांग्रेस को अपनी पराजय स्वीकार कर नेतृत्व और नीतियों पर आत्ममंथन करना चाहिए। उन्होंने कहा कि पात्र नागरिकों को मताधिकार दिलाने के निर्वाचन आयोग के फैसले का भाजपा पूर्ण समर्थन करती है। भाजपा ने जनसंघ के समय से ही विपक्ष में रहते हुए सड़कों पर संघर्ष किया है, लेकिन कभी संवैधानिक संस्थाओं की साख पर हमला नहीं किया।
सबूत हों तो सार्वजनिक करे कांग्रेस
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने भी राहुल गांधी और कांग्रेस पर कड़ा प्रहार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी की संवैधानिक संस्थाओं पर सवाल उठाने की पुरानी आदत रही है। यदि उनके पास ईवीएम, सुप्रीम कोर्ट या निर्वाचन आयोग की निष्पक्षता पर सवाल उठाने का कोई ठोस प्रमाण या दस्तावेज़ है, तो उसे देश के सामने सार्वजनिक किया जाना चाहिए। खंडेलवाल ने कहा कि लगातार मिल रही असफलताओं के कारण कांग्रेस हताशा में ऐसे बयान दे रही है और उसे अब अपने नेतृत्व में बदलाव पर गंभीरता से विचार करना चाहिए।
सरकार की नीतियों के खिलाफ आप ने निकाली जन आक्रोश रैली
भोपाल। राजधानी भोपाल में रविवार को आम आदमी पार्टी ने प्रदेश की भाजपा सरकार की जनविरोधी नीतियों, बदहाल शिक्षा-स्वास्थ्य व्यवस्था और बेरोजगारी के विरोध में विशाल जन आक्रोश रैली का आयोजन किया। रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर-1 से शुरू हुई यह रैली प्रभात पेट्रोल पंप चौराहे तक पहुंची, जिसमें पार्टी पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं, व्यापारियों, युवाओं और छात्रों की भारी मौजूदगी देखने को मिली।
रैली का नेतृत्व करते हुए आप के मध्यप्रदेश प्रभारी एवं दिल्ली के पूर्व कानून मंत्री जितेंद्र सिंह तोमर ने शिवराज सरकार के 20 वर्षों के शासन पर जोरदार हमला बोला। जनसभा को संबोधित करते हुए तोमर ने कहा कि दो दशकों के लंबे शासनकाल के बावजूद प्रदेश की भाजपा सरकार विकास के बुनियादी दावों पर पूरी तरह नाकाम साबित हुई है। भोपाल सहित पूरे प्रदेश में सड़कें खस्ताहाल हैं और शिक्षा व स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर आम जनता में भारी असंतोष है।
तोमर ने दिल्ली की पूर्ववर्ती आम आदमी पार्टी सरकार के विकास मॉडल का उदाहरण दिया। उन्होंने दिल्ली के विश्वस्तरीय सरकारी स्कूलों, मोहल्ला क्लीनिक, मुफ्त बिजली-पानी और बुजुर्गों के लिए चलाई गई तीर्थ यात्रा योजना का जिक्र करते हुए मध्यप्रदेश की मौजूदा व्यवस्थाओं से तुलना की। उन्होंने दावा किया कि दिल्ली में आप सरकार ने आम जनता को उनके दरवाजे पर पारदर्शी और विश्वस्तरीय सुविधाएं उपलब्ध कराई हैं, जबकि मध्यप्रदेश में बुनियादी सुविधाओं के लिए भी जनता को तरसना पड़ रहा है।
हर जिले में आंदोलन की दी चेतावनी
तोमर ने स्पष्ट किया कि भोपाल की यह रैली तो महज शुरुआत है। आम आदमी पार्टी आने वाले दिनों में मध्यप्रदेश के हर जिले में भाजपा सरकार की नीतियों के खिलाफ सघन आंदोलन चलाएगी। उन्होंने कहा कि आप प्रदेश में शिक्षा, स्वास्थ्य, बिजली, पानी, रोजगार, महिला सुरक्षा और व्यापारियों के हकों को लेकर सीधी जनता के बीच जाएगी और सरकार को उसकी नाकामियों पर घेरने का काम करेगी।