नवदुनिया प्रतिनिधि, संत हिरदाराम नगर। बैरागढ़ में 306 करोड़ रुपये की लागत से बन रहे एलिवेटेड डबल डेकर ब्रिज के निर्माण कार्यों का मंगलवार को पीडब्ल्यूडी मंत्री राकेश सिंह ने निरीक्षण किया। इस दौरान क्षेत्रीय विधायक रामेश्वर शर्मा ने प्रोजेक्ट में बरती जा रही गंभीर लापरवाहियों से मंत्री को अवगत कराया। मौके पर फैली अव्यवस्थाएं देख मंत्री का पारा चढ़ गया।
20 लाख रुपये की पेनल्टी लगाई
उन्होंने कार्यपालन यंत्री (ईई) एआर मोर को जमकर फटकार लगाते हुए कहा यह क्या चल रहा है। निर्माण एजेंसी का मैनेजमेंट पूरी तरह फेल है। सड़क पर धूल उड़ रही है, दिनभर ट्रैफिक जाम लग रहा है, स्ट्रीट लाइटें बंद हैं और ड्रेनेज सिस्टम बदहाल है। इतनी अव्यवस्थाएं क्या अफसरों को नजर नहीं आतीं। मंत्री की नाराजगी के तुरंत बाद लोक निर्माण विभाग ने निर्माण एजेंसी पर 20 लाख रुपये की पेनल्टी लगा दी।
धूल के गुबार, ट्रैफिक जाम और बदहाल ड्रेनेज देख भड़के मंत्री
गौरतलब है कि ब्रिज निर्माण में बरती जा रही देरी और खामियों को लेकर स्थानीय नागरिकों के साथ क्षेत्रीय विधायक भी नाराज थे। यह निर्माण कार्य मुंबई की ट्रांसरेल लिमिटेड कंपनी कर रही है। नागरिकों की लगातार शिकायतों के बावजूद कंपनी और पीडब्ल्यूडी के मैदानी अफसर स्थिति सुधारने पर ध्यान नहीं दे रहे थे।
इसके बाद विधायक शर्मा स्वयं मंत्री को लेकर जमीनी हकीकत दिखाने पहुंचे। मंत्री ने मौके पर ही साइड रोड का निर्माण तुरंत पूरा करने, धूल रोकने के लिए पानी का छिड़काव करने, सुरक्षा बैरिकेड व्यवस्थित करने और लाइटिंग व्यवस्था सुधारने के कड़े निर्देश दिए।
मार्च 2027 तक पूरा नहीं हुआ काम तो कंपनी होगी ब्लैकलिस्ट
निरीक्षण के दौरान मंत्री राकेश सिंह ने जब प्रोजेक्ट की डेडलाइन पूछी, तो अधिकारियों ने बताया कि काम अक्टूबर माह तक पूरा होना था, लेकिन अब समय-सीमा बढ़ाकर मार्च 2027 कर दी गई है। इस पर मंत्री ने दो-टूक चेतावनी दी कि यदि बढ़ी हुई मियाद के भीतर गुणवत्तापूर्ण काम पूरा नहीं हुआ, तो निर्माण एजेंसी को ब्लैकलिस्ट किया जाएगा।
ब्रिज के ऊपर ही बनेगी मेट्रो लेन
निरीक्षण के दौरान विधायक रामेश्वर शर्मा ने बताया कि इस डबल डेकर ब्रिज के ऊपर ही भविष्य में मेट्रो लेन बिछाने का प्राविधान किया गया है। यह पूरा प्रोजेक्ट सिंगल पिलर सिस्टम पर आधारित है, जिससे भविष्य में मेट्रो के लिए अलग से पिलर बनाने की जरूरत नहीं पड़ेगी और जगह की बचत होगी। निरीक्षण के दौरान कई स्थानीय जनप्रतिनिधि और पीडब्ल्यूडी के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।