कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष पटवारी ने शिक्षा व्यवस्था पर उठाए सवाल, कहा 10 लाख से अधिक पद खाली
भोपाल। प्रदेश कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने प्रदेश और देश की वर्तमान शिक्षा व्यवस्था तथा युवाओं के भविष्य को लेकर केंद्र व राज्य सरकार पर तीखा हमला बोला है। भोपाल स्थित प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में आयोजित एक पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि भारत दुनिया की सबसे युवा आबादी वाला देश है, लेकिन गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और रोजगार के अवसरों की भारी कमी के कारण यह जनसांख्यिकीय लाभांश (डेमोग्राफिक डिविडेंड) अब एक गंभीर चुनौती में बदलता जा रहा है।
पटवारी ने सरकारी आंकड़ों का हवाला देते हुए बताया कि देश में 10 करोड़ से अधिक युवा उच्च शिक्षा से वंचित हैं, वहीं लगभग 12 करोड़ बच्चे स्कूली शिक्षा पूरी ही नहीं कर पा रहे हैं। स्थिति यह है कि देश के करीब 8.7 करोड़ युवा किसी भी प्रकार की शिक्षा, रोजगार या प्रशिक्षण से पूरी तरह बाहर हैं।
स्कूलों में ड्रॉपआउट दर चिंताजनक
शिक्षा के स्तर पर गिरते आंकड़ों को उजागर करते हुए कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि कक्षा 1 से 5 तक 92.4 फीसदी बच्चे पहुंचते हैं, लेकिन कक्षा 12वीं तक आते-आते यह आंकड़ा सिमटकर महज 47.2 फीसदी रह जाता है। इसका सीधा अर्थ यह है कि हर 100 में से लगभग 53 बच्चे 12वीं की दहलीज पार करने से पहले ही शिक्षा तंत्र से बाहर हो जाते हैं। इसके पीछे मुख्य वजह गरीबी, घरेलू काम और परिवार की आय बढ़ाने का दबाव है।
छिंदवाड़ा सहित पांच विवि में नहीं है स्थायी असिस्टेंट प्रोफेसर
पटवारी ने कहा कि वर्ष 2014-15 से 2025-26 के बीच देश में करीब 1.02 लाख सरकारी स्कूल कम हुए हैं, जिनमें अकेले मध्यप्रदेश में लगभग 30,650 सरकारी स्कूल बंद या मर्ज कर दिए गए। प्रदेश में 2,269 ऐसे स्कूल हैं जो केवल एक शिक्षक के भरोसे चल रहे हैं और इनमें 2.29 लाख बच्चे पढ़ रहे हैं। उच्च शिक्षा का हाल और भी बदतर बताते हुए उन्होंने कहा कि प्रदेश के 17 सरकारी विश्वविद्यालयों में स्वीकृत 1,949 पदों में से 1,585 पद खाली पड़े हैं। असिस्टेंट प्रोफेसर के 1,069 पदों में से केवल 276 पद ही भरे गए हैं। छिंदवाड़ा, गुना, खरगोन, छतरपुर और सागर स्थित पांच नए सरकारी विश्वविद्यालयों में तो एक भी स्थायी असिस्टेंट प्रोफेसर तैनात नहीं है। कांग्रेस ने मांग की है कि सरकार आंकड़ों के इस भयावह खेल को बंद करे और युवाओं के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए खाली पदों पर तत्काल नियुक्तियां करे।
भाजपा, संघ के हुए कार्यक्रम, कितनी राषि जमा करवाई ?
पटवारी ने कहा कि 2028 में जब हमारी सरकार बनेगी हम केजी से पीजी तक की शिक्षा मुफ्त करेंगे। वहीं राहुल गांधी के छात्रों की गूंज कार्यक्रम पर पैसे जमा कराने वाले सवाल पर कहा कि पहले भी देश में नेता प्रतिपक्ष कार्यक्रम करते रहे है। हमसे कार्यक्रम के लिए अभी 10 लाख लिए 20 लाख और ले लो। भाजपा और आरएसएस के हजार कार्यक्रम हुए उनसे फीस जमा कराई गई ? राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन के दौरे पर कहा कि वे विकास का दिया नहीं, विनाश का दिया जलाने आ रहे हैं।
ऑफलाइन होगी पात्रता परीक्षा, माध्यमिक शिक्षा मंडल को मिली जिम्मेदारी
31 अगस्त 2028 तक आयोजित की जाएंगी कुल 6 परीक्षाएं
भोपाल। प्रदेश के सरकारी व निजी स्कूलों में कार्यरत प्राथमिक और माध्यमिक शिक्षकों के लिए राज्य सरकार ने एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। स्कूल शिक्षा विभाग ने सेवारत शिक्षकों की पात्रता परीक्षा अब ऑफलाइन मोड में आयोजित करने का फैसला किया है। इस परीक्षा के सफल संचालन के लिए माध्यमिक शिक्षा मंडल भोपाल को अधिकृत अभिकरण नियुक्त किया गया है।
सर्वाेच्च न्यायालय द्वारा सिविल अपील (1385/2025 व अन्य) में 1 सितंबर 2025 तथा पुनरीक्षण याचिका में 29 मई 2026 को दिए गए आदेशों के अनुपालन में यह व्यवस्था लागू की गई है। शिक्षकों को पात्रता सिद्ध करने के लिए 31 अगस्त 2028 तक कुल 6 अवसर दिए जाएंगे। ये सभी 6 परीक्षाएं दो-दो साल के निर्धारित अंतराल पर आयोजित की जाएंगी। इस परीक्षा में प्रदेश के शासकीय एवं अशासकीय (निजी) दोनों तरह के विद्यालयों में कार्यरत शिक्षक शामिल होंगे।
भर्ती नियम 2018 के तहत मिली कानूनी स्वीकृति
मध्य प्रदेश राज्य स्कूल शिक्षा सेवा (शैक्षणिक संवर्ग) सेवा शर्तें एवं भर्ती नियम 2018’ की कंडिका 11(2) में शिक्षक पात्रता परीक्षा का स्पष्ट प्रावधान है। नियमों के तहत यह परीक्षा शासन द्वारा तय एजेंसी के माध्यम से कराना अनिवार्य था। माध्यमिक शिक्षा मंडल को अधिकृत एजेंसी बनाए जाने से अब परीक्षा आयोजन की पूरी रूपरेखा स्पष्ट हो गई है, जिससे प्रदेश भर के हजारों सेवारत शिक्षकों को बड़ी राहत मिली है। यूपीआई भुगतान पर प्रस्तावित शुल्क से व्यापारी नाराज, पीएम और वित्त मंत्री को लिखेंगे पत्र
भोपाल। दो हजार रुपये से अधिक के यूपीआई भुगतान पर 0.4 प्रतिशत शुल्क लगाए जाने की प्रस्तावित व्यवस्था को लेकर भोपाल के व्यापारियों में चिंता है। व्यापारियों का कहना है कि सरकार और बैंकों ने पिछले कई वर्षों से व्यापारियों और आम ग्राहकों को डिजिटल भुगतान के लिए प्रोत्साहित किया है। अब छोटे दुकानदार से लेकर बड़े कारोबारी तक यूपीआई को रोजमर्रा के लेनदेन का हिस्सा बना चुके हैं। ऐसे में बड़े यूपीआई भुगतान पर शुल्क लागू होने से व्यापारियों के साथ ग्राहकों पर भी अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ सकता है। इस मामले में व्यापारी वित्त मंत्री और प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर अपनी आपत्ति दर्ज कराएंगे।
भोपाल चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज के अध्यक्ष गोविंद गोयल ने प्रस्तावित व्यवस्था को छोटे और मध्यम व्यापारियों के लिए परेशानी बढ़ाने वाला बताया। उन्होंने कहा कि छोटे और मध्यम व्यापारियों का मुनाफा पहले ही सीमित होता है। ऐसे में यूपीआई भुगतान पर 0.4 प्रतिशत शुल्क लगने से उनकी लागत बढ़ेगी। इसका असर अंततः आम ग्राहकों पर भी पड़ सकता है, क्योंकि व्यापारी बढ़ी हुई लागत की भरपाई के लिए वस्तुओं और सेवाओं की कीमतों में वृद्धि कर सकते हैं। गोयल ने कहा कि इस मुद्दे पर वित्त मंत्री और प्रधानमंत्री से पत्राचार किया जाएगा। व्यापारिक संगठनों का कहना है कि यूपीआई को बढ़ावा देने के बाद अब इसके इस्तेमाल पर शुल्क लगाने से डिजिटल भुगतान व्यवस्था को लेकर व्यावहारिक दिक्कतें पैदा हो सकती हैं।
व्यापारियों की प्रमुख मांगें
छोटे और मध्यम व्यापारियों को प्रस्तावित शुल्क के दायरे से बाहर रखा जाए, कम टर्नओवर वाले कारोबारियों के लिए विशेष छूट का प्रावधान किया जाए, ग्राहकों पर किसी भी प्रकार का अतिरिक्त आर्थिक बोझ नहीं डाला जाए, शुल्क लागू करने से पहले छोटे व्यापारियों, ग्राहकों और व्यापारिक संगठनों से व्यापक चर्चा की जाए, किसी भी नए शुल्क की व्यवस्था लागू करने से पहले व्यापारिक संगठनों के साथ संवाद किया जाए।
छात्रों की गूंज कार्यक्रम में शामिल होने अभाविप को दिया आमंत्रण
भोपाल। इंदौर में 19 सितंबर को लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम को संबोधित करेंगे। कार्यक्रम को लेकर कांग्रेस ने तैयारियां तेज कर दी हैं। छात्रों, युवाओं, पार्टी नेताओं और अन्य लोगों को कार्यक्रम से जोड़ने के लिए लगातार आमंत्रण दिया जा रहा है। इसी क्रम में एनएसयूआई कार्यकर्ता बुधवार को भोपाल स्थित एनएसयूआई कार्यालय पहुंचे और कार्यकर्ताओं को राहुल गांधी के कार्यक्रम के लिए आमंत्रित किया।
कार्यक्रम का आयोजन इंदौर में रीजनल पार्क के पास स्थित ‘भारत जोड़ो मैदान’ में किया जाएगा। कार्यक्रम के लिए अनुमति लेने को लेकर लंबे समय से प्रयास चल रहे थे। अनुमति मिलने के बाद कांग्रेस ने आयोजन के लिए 10 लाख रुपये की फीस जमा कराई है। हालांकि कार्यक्रम स्थल से संबंधित कुछ अन्य अनुमतियां अभी ली जानी हैं। इनमें साउंड सिस्टम के इस्तेमाल की अनुमति भी शामिल है। निर्धारित तारीख से पहले या बाद में जमीन का उपयोग किए जाने पर लीज रेंट का भुगतान भी करना होगा।
एनएसयूआई के प्रदेश उपाध्यक्ष रवि परमार ने कहा कि इंदौर में होने वाला राहुल गांधी का कार्यक्रम पूरी तरह गैर-राजनीतिक है। इसका उद्देश्य छात्रों और युवाओं की आवाज को सामने लाना है। उन्होंने कहा कि कार्यक्रम में शिक्षा, रोजगार सहित युवाओं से जुड़े विभिन्न मुद्दों को उठाया जाएगा।
मोदी के जन्मदिन पर सेवा-संकल्प अभियान, 50 लाख पट्टाधारियों को मिलेगी बड़ी सौगात
इंदौर में शुरू होगा अभियान, शिप्रा तट पर दीपोत्सव में शामिल होंगे भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन
भोपाल। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन 17 सितंबर को मध्यप्रदेश में सेवा-संकल्प अभियान का शुभारंभ किया जाएगा। इस अवसर पर इंदौर में आयोजित कार्यक्रम में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन शामिल होंगे। वहीं, शाम को उज्जैन में शिप्रा तट पर ऐतिहासिक दीपोत्सव और संध्या आरती का आयोजन होगा। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने दोनों कार्यक्रमों की तैयारियों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को माइक्रो प्लानिंग के साथ व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन के 25 वर्षों में गुजरात से लेकर देश तक विकास को नई दिशा, गति और आत्मविश्वास मिला है। वर्ष 2014 में प्रधानमंत्री पद की शपथ लेने के बाद देश में कई महत्वपूर्ण बदलाव हुए हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में देश ने अनेक उपलब्धियां हासिल की हैं और इसी क्रम में उनके जन्मदिन को सेवा संकल्प के रूप में मनाया जा रहा है। प्रदेशभर में इस अवसर पर विशेष दीपोत्सव भी आयोजित किए जाएंगे।
50 लाख से अधिक पट्टाधारियों को मिलेगी रजिस्ट्री
मुख्यमंत्री ने बताया कि 17 सितंबर को इंदौर से स्वामित्व अधिकार अभिलेख निष्पादन योजना-2026 के तहत प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों में स्थित जमीन के 50 लाख से अधिक पट्टाधारियों के पट्टों की रजिस्ट्री कराकर उन्हें निशुल्क प्रदान करने के प्रदेशव्यापी अभियान की शुरुआत होगी। उन्होंने इसे प्रदेशवासियों के लिए महत्वपूर्ण सौगात बताया।
शिप्रा तट पर होगा दीपोत्सव
नितिन नबीन शाम 7 बजे उज्जैन पहुंचकर शिप्रा तट पर आयोजित दीपोत्सव और संध्या आरती में शामिल होंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि उज्जैन में श्री महाकाल महालोक के लोकार्पण के बाद तीर्थाटन और उससे जुड़ी आर्थिक गतिविधियों में बदलाव देखने को मिला है। उन्होंने महाकाल लोक को इसका प्रमुख उदाहरण बताया।
अधिकारियों को माइक्रो प्लानिंग के निर्देश
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बुधवार को मुख्यमंत्री निवास स्थित समत्व भवन से इंदौर और उज्जैन संभाग के जनप्रतिनिधियों, कमिश्नरों और कलेक्टरों से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से संवाद किया। इस दौरान इंदौर में सेवा-संकल्प अभियान के शुभारंभ तथा उज्जैन में दीपोत्सव सहित अन्य कार्यक्रमों की तैयारियों की विस्तार से समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि 17 सितंबर को इंदौर और उज्जैन में दो बड़े आयोजन होंगे। दोनों कार्यक्रमों के लिए सभी तैयारियां बारीकी से की जाएं और माइक्रो प्लानिंग के आधार पर व्यवस्थाएं सुनिश्चित हों। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि आयोजन के दौरान किसी भी स्तर पर कमी न रहे तथा कार्यक्रमों का सफल और सुव्यवस्थित संचालन सुनिश्चित किया जाए।
जल निगम का नया नाम होगा मध्यप्रदेश जल एवं स्वच्छता निगम
भोपाल। प्रदेश में जलापूर्ति के साथ अब स्वच्छता प्रबंधन की जिम्मेदारी भी जल निगम के दायरे में होगी। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में हुई मध्यप्रदेश जल निगम मर्यादित के संचालक मंडल की 26वीं बैठक में निगम के पुनर्गठन और नाम परिवर्तन के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। इसके बाद मध्यप्रदेश जल निगम मर्यादित का नाम बदलकर मध्यप्रदेश जल एवं स्वच्छता निगम किया जाएगा। इसका संक्षिप्त नाम एमपी-वास्को होगा।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि नए नाम और नई जिम्मेदारियों के साथ निगम प्रदेश में जल विकास और स्वच्छता प्रबंधन के क्षेत्र में नए लक्ष्यों के साथ काम करेगा। निगम के कार्यक्षेत्र में स्वच्छता प्रबंधन को शामिल किए जाने से जलापूर्ति के साथ स्वच्छता से जुड़े कार्यों के क्रियान्वयन को भी गति मिलने की उम्मीद है। बैठक में निगम के प्रबंध संचालक (एमडी) की टेंडर मंजूरी की वित्तीय सीमा बढ़ाने का भी निर्णय लिया गया। अब एमडी 25 करोड़ रुपये तक के टेंडर मंजूर कर सकेंगे। इससे पहले यह सीमा पांच करोड़ रुपये थी। इस तरह एमडी के स्तर पर टेंडर मंजूरी की वित्तीय सीमा पांच गुना बढ़ गई है। यह बदलाव प्रोजेक्ट इम्प्लीमेंटेशन और एक्जीक्यूशन मेथडोलॉजी के तहत किया गया है। इससे निर्धारित सीमा तक की परियोजनाओं के टेंडर की मंजूरी के लिए उच्च स्तर पर भेजने की आवश्यकता कम होगी और परियोजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी आने की संभावना है।
सुमित बोस फिर स्वतंत्र निदेशक
बैठक में सुमित बोस को जल निगम के संचालक मंडल में स्वतंत्र निदेशक के पद पर पुनर्नियुक्त करने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी गई। इसके अलावा जल निगम के इक्विटी शेयरों को नए पदाधिकारियों को हस्तांतरित करने की प्रक्रिया को भी स्वीकृति प्रदान की गई।