युवाओं के बहाने मालवा-निमाड़ में जमीन तलाश रही कांग्रेस राहुल गांधी के जरिए युवा वोटरों को साधने की तैयारी

                             राहुल गांधी के जरिए युवा वोटरों को साधने की तैयारी
भोपाल। विधानसभा चुनाव 2028 की तैयारियों में जुटी प्रदेश कांग्रेस अब युवा वोटरों पर दांव लगाने जा रही है। पार्टी ने इसके लिए इंदौर को केंद्र बनाया है। राहुल गांधी के जरिए प्रदेश के युवाओं से सीधा संवाद स्थापित करने और उन्हें कांग्रेस से जोड़ने की रणनीति तैयार की जा रही है। इंदौर में प्रस्तावित बड़ा आयोजन इसी रणनीति की अहम कड़ी माना जा रहा है।
इंदौर को चुनने के पीछे कांग्रेस की नजर सिर्फ शहर के युवा वोटरों पर नहीं, बल्कि पूरे प्रदेश के छात्र वर्ग पर है। प्रदेश के सबसे बड़े एजुकेशन हब के रूप में इंदौर में मालवा-निमाड़ के साथ महाकौशल और दूसरे अंचलों से आए हजारों विद्यार्थी रहते हैं। पार्टी की कोशिश है कि इंदौर में एक मंच तैयार कर प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों के युवाओं तक राजनीतिक संदेश पहुंचाया जाए। यही वजह है कि कांग्रेस युवाओं को जोड़ने और उनकी आवाज को बुलंद करने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। पार्टी युवा वर्ग के मुद्दों को लेकर संवाद और संपर्क बढ़ा रही है।
66 सीटों वाले इलाके पर नजर
कांग्रेस की इस रणनीति के केंद्र में इंदौर के साथ पूरा मालवा-निमाड़ क्षेत्र है। राजनीतिक रूप से यह इलाका प्रदेश की सत्ता का रास्ता तय करने में अहम माना जाता है। 2023 के विधानसभा चुनाव में भाजपा ने यहां कांग्रेस को बड़ा झटका दिया था। कई जिलों में कांग्रेस का खाता तक नहीं खुल पाया था। ऐसे में पार्टी अब युवाओं के जरिए इस क्षेत्र में संगठन और जनाधार दोनों को मजबूत करने की कोशिश में है। मालवा-निमाड़ में करीब 66 विधानसभा सीटें आती हैं। इनमें इंदौर, उज्जैन, धार, रतलाम, मंदसौर, नीमच, शाजापुर, आगर-मालवा, देवास, राजगढ़, सीहोर, झाबुआ, खरगोन, बड़वानी और बुरहानपुर शामिल हैं।
पांच साल में उलट गया चुनावी गणित
2018 में इन 66 सीटों में कांग्रेस ने 35 सीटों पर जीत दर्ज की थी, जबकि भाजपा को 28 सीटें मिली थीं। तीन सीटों पर निर्दलीय उम्मीदवार विजयी रहे थे। पांच साल बाद 2023 में तस्वीर पूरी तरह बदल गई। भाजपा ने 48 सीटों पर कब्जा जमाया, जबकि कांग्रेस महज 17 सीटों पर सिमट गई। रतलाम की सैलाना सीट भारत आदिवासी पार्टी के खाते में चली गई। यानी पांच साल में कांग्रेस को 18 सीटों का नुकसान हुआ, जबकि भाजपा ने अपनी सीटों की संख्या में 20 का इजाफा किया। यही गिरावट अब कांग्रेस की रणनीति के केंद्र में है।
पटवारी के गृह क्षेत्र से बनेगा सियासी संदेश
इंदौर में आयोजन का राजनीतिक महत्व इसलिए भी बढ़ जाता है, क्योंकि यह प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी का गृह जिला है। प्रस्तावित स्थल उनकी राऊ विधानसभा क्षेत्र में आता है। वहीं नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार का गृह जिला धार भी इंदौर से सटा हुआ है। ऐसे में इंदौर को यूथ कनेक्ट के लिए चुनना संगठनात्मक और राजनीतिक, दोनों लिहाज से अहम माना जा रहा है।
युवाओं से शुरू, निशाना 2028
कांग्रेस की रणनीति साफ है इंदौर के एजुकेशन हब को आधार बनाकर प्रदेश के युवा वोटरों तक पहुंच बनाना, राहुल गांधी के जरिए कार्यकर्ताओं में उत्साह पैदा करना और मालवा-निमाड़ में खोई सियासी जमीन वापस हासिल करना। अब सवाल यही है कि राहुल गांधी का यह यूथ कनेक्ट कांग्रेस के लिए कितनी संजीवनी साबित होता है और 2028 के चुनाव में 2023 की हार का हिसाब कितना बदल पाता है।
स्कूलों में विद्यार्थियों को मिलेगी आधार जैसी डिजिटल पहचान
भोपाल। प्रदेश के स्कूल शिक्षा विभाग ने राज्य के सभी स्कूली विद्यार्थियों के लिए 12-अंकों का अपार आईडी (ऑटोमेटेड परमानेंट एकेडमिक अकाउंट रजिस्ट्री) आईडी नंबर जारी करने की प्रक्रिया तेज कर दी है। यह नंबर हर छात्र के लिए आधार कार्ड की तरह एक विशिष्ट डिजिटल पहचान के रूप में कार्य करेगा, जिसमें उनकी संपूर्ण शैक्षणिक यात्रा का ब्योरा दर्ज रहेगा।
शासकीय आंकड़ों के अनुसार, राज्य में अब तक 1 करोड़ से अधिक (लगभग 78.5 प्रतिशत) विद्यार्थियों की अपार आईडी सफलतापूर्वक बनाई जा चुकी है और उनकी आवश्यक शैक्षणिक जानकारियों को इससे जोड़ा जा चुका है। यह कदम केंद्र सरकार के वन नेशन, वन स्टूडेंट आईडी कार्यक्रम का हिस्सा है, जिसे राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 की सिफारिशों के आधार पर लागू किया जा रहा है। इसका मुख्य उद्देश्य छात्रों के प्राथमिक स्तर से लेकर उच्च शिक्षा तक के सभी एकेडमिक रिकॉर्ड्स को एक ही डिजिटल प्लेटफॉर्म पर सुरक्षित रखना है। शिक्षा विभाग के अधिकारियों का कहना है कि शेष बचे छात्रों की अपार आईडी बनाने का कार्य भी जल्द ही पूरा कर लिया जाएगा।
विद्यार्थियों को मिलेगी यह सुविधा
अपार आईडी से विद्यार्थियों को एक संस्थान या स्कूल से दूसरे में प्रवेश लेते समय बार-बार दस्तावेज जमा करने की झंझट से मुक्ति मिलेगी। छात्रों के रिपोर्ट कार्ड, क्रेडिट्स और अन्य शैक्षणिक उपलब्धियां हमेशा सुरक्षित रहेंगी। एक स्कूल या विश्वविद्यालय से दूसरे में क्रेडिट ट्रांसफर करना बेहद आसान और त्वरित होगा। छात्रों की पुरानी उपलब्धियों और प्रमाणपत्रों को तुरंत ऑनलाइन मान्यता मिल सकेगी।
 यूसीसी का ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड करेगा विरोध
17 को दिल्ली में बड़ा प्रदर्शन, कोर्ट जाने की भी तैयारी
भोपाल। राजधानी भोपाल में आयोजित ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड की बैठक के बाद यूनिफॉर्म सिविल कोड को लेकर केंद्र सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया गया है। बैठक के बाद कांग्रेस विधायक और बोर्ड सदस्य आरिफ मसूद तथा भोपाल शहर काजी सैयद मुश्ताक अली ने यूसीसी का कड़ा विरोध करते हुए सरकार के रुख पर सवाल उठाए।
मसूद ने स्पष्ट किया कि बोर्ड इस बिल को किसी भी सूरत में स्वीकार नहीं करेगा। यूसीसी को खत्म करवाने के लिए संवैधानिक दायरे में रहकर कानूनी लड़ाई लड़ी जाएगी। इसके लिए जल्द ही वरिष्ठ वकीलों की बैठक बुलाई जाएगी और कोर्ट का दरवाजा खटखटाया जाएगा। उन्होंने 17 सितंबर को दिल्ली में यूसीसी के खिलाफ आयोजित होने वाले विरोध प्रदर्शन में मध्य प्रदेश से बड़ी संख्या में लोगों से शामिल होने की अपील की गई है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के 21 राज्यों में यूसीसी लागू करने वाले बयान पर तंज कसते हुए मसूद ने कहा कि जब आदिवासियों को इस कानून से बाहर रखा जा रहा है, तो एक देश, एक कानून की बात बेमानी और विरोधाभासी है।
शहर काजी ने दिया गोलवलकर का हवाला
भोपाल शहर काजी सैयद मुश्ताक अली ने यूसीसी का विरोध करते हुए कहा कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के पूर्व प्रमुख एम.एस. गोलवलकर भी इसके पक्ष में नहीं थे। उन्होंने याद दिलाया कि गोलवलकर ने 1972 में खुद कहा था कि भारत जैसे विविध देश में यूनिफॉर्म सिविल कोड लागू करने की कोई आवश्यकता नहीं है।
नीट काउंसलिंग, दो लाख की एग्जिट पेनल्टी रद्द करने की मांग
पटवारी ने लिखा मुख्यमंत्री डा यादव को पत्र
भोपाल। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने राज्य की यूजी नीट-2026 एमबीबीएस काउंसलिंग प्रक्रिया को लेकर राज्य सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने द्वितीय चरण में आवंटित सीट छोड़ने पर विद्यार्थियों पर लगाई गई 2 लाख रुपये की एग्जिट पेनल्टी को सरासर अन्यायपूर्ण करार देते हुए इसे तत्काल वापस लेने अथवा स्थगित करने की मांग की है। इस संबंध में उन्होंने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को एक पत्र भी प्रेषित किया है।
पत्र में पटवारी ने लिखा है कि 3 अगस्त  की मूल नियम पुस्तिका (पेज 8, क्रमांक 15) के अनुसार द्वितीय चरण तक सीट छोड़ने पर केवल प्रवेश शुल्क देय था। छात्र इसी नियम के आधार पर काउंसलिंग में शामिल हुए थे। हालांकि, 3 सितंबर के नए नोटिस में अचानक 2 लाख रुपये की पेनल्टी का प्रावधान जोड़ दिया गया। उन्होंने बीच प्रक्रिया में नियम बदलने को अभ्यर्थियों के साथ धोखा बताया। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने काउंसलिंग की समय-सीमा पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि ऑल इंडिया एमसीसी की काउंसलिंग जारी थी और द्वितीय चरण का आवंटन 11 सितंबर को तय था। इसके विपरीत, राज्य डीएमई ने फ्री एग्जिट की अंतिम तिथि 3-4 सितंबर ही तय कर दी। इससे छात्र एमसीसी के परिणाम और अपग्रेडेशन की संभावना जाने बिना ही निर्णय लेने के लिए मजबूर हो गए।
15 सितंबर के पहले फैसला लेने का आग्रह
पटवारी ने स्पष्ट किया कि एमसीसी व्यवस्था में द्वितीय चरण से बाहर निकलने पर सामान्य वर्ग के छात्र को अधिकतम 10 हजार रुपये का नुकसान होता है, जबकि मध्यप्रदेश में 2 लाख रुपये का दंड अनुचित है। उन्होंने मुख्यमंत्री से 15 सितंबर से पहले निर्णय लेते हुए 2 लाख की पेनल्टी रद्द करने, 3 अगस्त के नियमों को लागू रखने, ली गई अतिरिक्त राशि लौटाने और भविष्य में ऐसे नीतिगत बदलाव न करने का आग्रह किया है।                                                                                   युवा धर्म संसद के जरिए युवाओं को साधेंगे संघ प्रमुख डा भागवत

17-18 को उज्जैन में रहेंगे संघ प्रमुख, भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन भी आएंगे प्रदेष
भोपाल। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत आगामी 17 और 18 सितंबर को उज्जैन के प्रवास पर रहेंगे। मालवा प्रांत में संघ के संगठनात्मक विस्तार और वैचारिक सुदृढ़ीकरण के लिहाज से इस दौरे को बेहद अहम माना जा रहा है। दो दिवसीय प्रवास के दौरान डॉ. भागवत स्वयंसेवकों का मार्गदर्शन करने के साथ ही युवाओं को राष्ट्र निर्माण और सामाजिक भूमिका से जोड़ने के लिए संवाद भी करेंगे।
कार्यक्रम के अनुसार, डॉ. भागवत 17 सितंबर की दोपहर उज्जैन पहुंचेंगे। शाम को वे महाकाल परिसर स्थित अरविंद नगर में आयोजित उज्जैन महानगर के स्वयंसेवकों के एक एकत्रीकरण को संबोधित करेंगे। इस दौरान संघ की आगामी कार्ययोजना, कार्य विस्तार और सांगठनिक विषयों पर मंथन होगा। पूर्व में यह बैठक मनोरमा महाकाल गार्डन में प्रस्तावित थी, लेकिन व्यवस्थाओं के समीक्षा के बाद कार्यक्रम के अंतिम स्वरूप और स्थल में बदलाव किया जा रहा है।
युवा धर्म संसद में संवाद
प्रवास के दूसरे दिन, 18 सितंबर को सुबह 11 बजे देवास रोड स्थित गीता भवन में सेवाज्ञ संस्थानम द्वारा आयोजित युवा धर्म संसद का आयोजन होगा। इसमें डॉ. भागवत मुख्य वक्ता के रूप में शामिल होंगे और युवाओं से राष्ट्र, समाज, संस्कृति और उनकी सामाजिक जिम्मेदारियों पर संवाद करेंगे। इसके बाद उनके सरदारपुरा स्थित संघ कार्यालय आराधना भवन जाने की भी संभावना है।
नितिन नवीन के दौरे से सियासी गर्माहट
संघ प्रमुख के प्रवास के साथ ही भाजपा के नवनिर्वाचित राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन का भी 17 सितंबर को प्रदेश दौरा प्रस्तावित है। राष्ट्रीय अध्यक्ष का पद संभालने के बाद यह उनका राज्य का पहला दौरा होगा, जिसके लिए इंदौर, मंदसौर और उज्जैन में कार्यक्रमों के प्रस्ताव केंद्रीय नेतृत्व को भेजे गए हैं।
राहुल के दौरे के पहले भाजपा ने बढ़ाई सक्रियता
19 सितंबर को इंदौर में कांग्रेस नेता राहुल गांधी के छात्रों की गूंज कार्यक्रम की काट के रूप में भाजपा भी युवाओं के बड़े सम्मेलन की तैयारी में जुटी है। इस दौरान उज्जैन में डॉ. भागवत और नितिन नवीन के बीच संभावित मुलाकात को लेकर भी राजनीतिक गलियारों में अटकलें तेज हैं, हालांकि इसका कोई आधिकारिक शेड्यूल जारी नहीं हुआ है।

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