इंजीनियर्स डे पर याद किए गए सर विश्वेश्वरैया
भोपाल, 15 सितंबर, 2026।
किसी भी कॉन्फ्रेंस में चर्चा का यही विषय होता है कि तय उद्देश्य को प्राप्त करने के लिए हमें क्या साधन चाहिए और इसको क्रियान्वित करने में क्या कठिनाइयां आएंगी। यह जीवन का पाठ है कि बिना कठिनाई के रास्ता पार नहीं होता है। सर एम. विश्वेश्वरैया ने उस दौर में आधुनिक भारत की नींव रखी थी जब देश के पास सीमित संसाधन थे। आज जब हम 21वीं सदी में 2047 के विकसित भारत का स्वप्न देख रहे हैं तो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के इस विजन को पूरा करने में हमारे पास संसाधन भी हैं और आप जैसे गुणी इंजीनियर्स भी हैं।
मध्य प्रदेश विधानसभा के अध्यक्ष श्री नरेंद्र सिंह तोमर ने ये विचार इंजीनियर्स डे के अवसर पर मध्य प्रदेश डिप्लोमा इंजीनियर्स एसोसिएशन द्वारा आयोजित कार्यक्रम में व्यक्त किए। कार्यक्रम के अध्यक्षता संगठन के संरक्षक इंजीनियर राजेंद्र सिंह भदोरिया ने की। विशेष अतिथि इंजीनियर संजय वाधवान थे।
मुख्य अतिथि मध्य प्रदेश विधानसभा के अध्यक्ष श्री तोमर ने कहा कि एक समय था जब हमारे देश में मेड इन जापान, मेड इन चाइना की सामग्री उपलब्ध हुआ करती थी। आज प्रधानमंत्री मोदी ने विजन दिया और हम मेक इन इंडिया को साकार कर पाए। आज भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा मोबाइल निर्माता बन चुका है। हमारी इंजीनियरिंग का लोहा अब पूरी दुनिया मान रही है। मेक इन इंडिया और स्टार्टअप इंडिया जैसे संकल्प ने हमारे देश के युवाओं को इं सिर्फ 'जॉब सीकर' नहीं, बल्कि 'जॉब क्रिएटर' बन दिया है।
श्री तोमर ने कहा कि हम सभी का मिशन प्रधानमंत्री मोदी जी का विकसित भारत विजन है। देश का विश्व गुरु के पद पर आसीन करने के लिए हम सभी को अपनी अपनी जगह जुट जाना होगा। मेरा आप सभी इंजीनियरों से आग्रह है कि एआई, रिन्यूएबल एनर्जी और सस्टेनेबल इंजीनियरिंग के क्षेत्र में भारत को आत्मनिर्भर बनाने में योगदान दें। मुझे विश्वास है कि आपके नवाचार भारत को वैश्विक शिखर पर स्थापित कर पाएंगे।