विभागीय जांच, निलंबन व अधूरी ट्रेनिंग वाले कर्मियों को प्रक्रिया से रखा बाहर’
भोपाल। पुलिस मुख्यालय ने पुलिस विभाग में लंबे समय से पदोन्नति का इंतजार कर रहे अधिकारियों और कर्मचारियों को राहत देते हुए कार्यवाहक निरीक्षक एवं सब-इंस्पेक्टर स्तर के अधिकारियों की नई प्रमोशन सूची जारी की है। इस आदेश के तहत कुल 223 पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों को पदोन्नत किया गया है। 13 जुलाई को संपन्न हुई पदोन्नति प्रक्रिया के अनुक्रम में जारी इस सूची से पुलिस बेड़े के मनोबल में बढ़ोतरी देखने को मिल रही है।
जारी आदेश के अनुसार, इन सभी अधिकारियों को रिक्त पदों पर फिलहाल अस्थायी (प्रोविजनल) रूप से कार्यवाहक निरीक्षक के पद पर पदोन्नत किया गया है, जो अगले आदेश तक प्रभावी रहेगा। पदोन्नति के साथ ही अधिकारियों के वेतनमान में भी वृद्धि की गई है। वरिष्ठता सूची के आधार पर अब इन्हें पुरानी सैलरी 9,300-34,800 रुपये (4,200 ग्रेड पे) के स्थान पर मध्यप्रदेश वेतन नियम 2017 के तहत लेवल-10 का लाभ प्रदान किया जाएगा।
निलंबित और जांचाधीन कर्मी प्रक्रिया से बाहर
विभाग ने स्पष्ट किया है कि यह पदोन्नति सभी पर समान रूप से लागू नहीं होगी। प्रक्रिया में पारदर्शिता और अनुशासन बनाए रखने के लिए कुछ शर्तें तय की गई हैं। वर्तमान में निलंबित, विभागीय जांच का सामना कर रहे, दंडात्मक कार्रवाई (पेनल्टी) से प्रभावित या अनिवार्य प्रशिक्षण पूरा न करने वाले कर्मियों को इस सूची से बाहर रखा गया है। यदि किसी अधिकारी ने अनिवार्य ट्रेनिंग पूरी नहीं की है, तो उसे कार्यमुक्त (रिलीव) न करने के सख्त निर्देश दिए गए हैं। आदेश का उल्लंघन होने पर संबंधित यूनिट हेड को सीधे जिम्मेदार माना जाएगा।
सुप्रीम कोर्ट के अंतिम निर्णय के अधीन रहेगी पदोन्नति
पुलिस मुख्यालय द्वारा इससे पूर्व 13 जुलाई 2026 को जारी आदेश के तहत 1,029 कर्मियों को कार्यवाहक निरीक्षक/उपनिरीक्षक के पद से पदोन्नत किया गया था। इसके बाद गठित विभागीय पदोन्नति समिति की रिपोर्ट के आधार पर यह ताजा सूची जारी की गई है। शासन ने साफ किया है कि यह संपूर्ण पदोन्नति प्रक्रिया उच्चतम न्यायालय में लंबित सिविल अपील (प्रकरण क्रमांक 13954/2016) के अंतिम फैसले के अधीन रहेगी।
सागर जहरीली शराब कांड, न्यायिक जांच और श्वेत पत्र की मांग
अंतरराज्यीय सिंडिकेट की जांच और अधिकारियों पर आपराधिक प्रकरण दर्ज किए जाएं
भोपाल। सागर जिले के बंडा क्षेत्र में जहरीली शराब से हुई दुखद मौतों के मामले ने राजनीतिक तूल पकड़ लिया है। मध्यप्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने इस घटना को लेकर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को एक पत्र लिखा है। उन्होंने पूरे मामले की स्वतंत्र न्यायिक जांच, उच्च अधिकारियों की जवाबदेही तय करने, जहरीली शराब के नेटवर्क का पर्दाफाश करने तथा इस पर तत्काल श्वेत पत्र जारी करने की मांग की है।
पीड़ित परिवारों से मुलाकात के बाद पटवारी ने कहा कि बंडा की घटना ने पूरे प्रदेश को झकझोर कर रख दिया है। सरकार की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा कि मौत के बाद तबादला कार्रवाई नहीं है, निलंबन न्याय नहीं है और सरकारी बयान जवाबदेही नहीं है। उन्होंने केवल प्रशासनिक कार्रवाई की जगह जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ आपराधिक धाराओं में मुकदमा दर्ज करने की मांग उठाई। पटवारी ने वाणिज्यिक कर विभाग के प्रमुख सचिव अमित राठौर और आबकारी आयुक्त दीपक सक्सेना की भूमिका की जांच कर जवाबदेही तय करने पर जोर दिया।
अंतरराज्यीय नेटवर्क और पिछले हादसों पर घेरा
पटवारी ने आशंका जताई कि यह नेटवर्क स्थानीय स्तर तक सीमित न होकर अंतरराज्यीय हो सकता है। उन्होंने उत्तर प्रदेश के ललितपुर से सागर तक शराब पहुंचने के आरोपों की जांच की मांग की। साथ ही गुजरात और उज्जैन त्रासदी का जिक्र करते हुए पूछा कि राज्य सरकार ने ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए क्या ठोस एक्शन प्लान बनाया था?
श्वेत पत्र जारी करने की मांग
पटवारी ने मांग की है कि मृतकों की प्रमाणित सूची और जांच की वर्तमान स्थिति सार्वजनिक की जाए, जहरीली शराब के निर्माताओं, संप्लायर्स और उन्हें संरक्षण देने वालों के नाम उजागर हों, पीड़ितों को बेहतर इलाज एवं समुचित आर्थिक सहायता प्रदान की जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि सागर के मृतकों को न्याय और प्रदेश को अवैध शराब के नेटवर्क से मुक्ति दिलाने के लिए सरकार को कड़े कदम उठाने होंगे।
राहुल के इंदौर दौरे से पहले गर्माया सियासी माहौल, विहिप ने दी चेतावनी
75 हजार छात्रों के रजिस्ट्रेशन का दावा, पर प्रशासन से अब तक नहीं मिली अनुमति’
भोपाल। कांग्रेस सांसद राहुल गांधी के आगामी इंदौर दौरे को लेकर मध्य प्रदेश का राजनीतिक पारा चढ़ गया है। राजनीतिक दलों के बीच जारी जुबानी जंग में अब हिंदू संगठनों की भी सीधी एंट्री हो गई है। मालवा अंचल के विश्व हिंदू परिषद (विहिप) के वरिष्ठ नेता संतोष शर्मा ने राहुल गांधी को कड़े शब्दों में चेतावनी देते हुए कहा है कि वे इंदौर में अपनी मर्यादा बनाए रखें और सनातन संस्कृति को ठेस पहुंचाने वाली किसी भी बयानबाजी से बचें।
विहिप नेता ने स्पष्ट लहजे में कहा कि यदि राहुल गांधी ने सनातन या हिंदू संस्कृति के खिलाफ कोई विवादित टिप्पणी की, तो विश्व हिंदू परिषद अपने तरीके से इसका माकूल जवाब देगी। इस चेतावनी के बाद आयोजन को लेकर माहौल और अधिक संवेदनशील हो गया है। गौरतलब है कि कांग्रेस के निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार राहुल गांधी 19 सितंबर को इंदौर पहुंचने वाले हैं। पार्टी का दावा है कि इस दौरान वे जेन-जी (युवा पीढ़ी) के साथ शिक्षा, रोजगार और बढ़ती बेरोजगारी जैसे बुनियादी मुद्दों पर सीधा संवाद करेंगे। कांग्रेस नेताओं के मुताबिक इस संवाद कार्यक्रम के लिए अब तक करीब 75 हजार छात्र-छात्राओं का ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन हो चुका है। हालांकि, लाखों की भीड़ जुटाने के इस दावे के बीच प्रशासनिक अनुमति को लेकर पेंच फंसा हुआ है। इंदौर पुलिस व स्थानीय प्रशासन की ओर से अब तक इस कार्यक्रम को आधिकारिक हरी झंडी नहीं मिली है।
टकराव की स्थिति
प्रशासनिक मंजूरी स्पष्ट होने से पहले ही इंदौर में सुरक्षा और राजनीति दोनों मोर्चों पर अनिश्चितता के बादल मंडरा रहे हैं। भाजपा और कांग्रेस के बीच जारी तीखे आरोप-प्रत्यारोप के बीच विहिप के कड़े रुख ने इस दौरे को शहर का सबसे चर्चित विषय बना दिया है। माना जा रहा है कि 19 सितंबर की तारीख करीब आते-आते बयानबाजी और आक्रामक हो सकती है।
अब एक क्लिक पर मिलेगी डिजिटल पढ़ाई, ई-ज्ञान सेतू यूट्यूब चैनल होगा शुरू
उच्च शिक्षा विभाग ला रहा है 2,300 से अधिक वीडियो लेक्चर्स, क्षेत्रीय भाषाओं में भी होगी पढ़ाई
भोपाल। राज्य के उच्च शिक्षा विभाग ने मध्य प्रदेश के स्नातक छात्रों के लिए पढ़ाई को बेहद आसान, रोचक और सुलभ बनाने की एक अनोखी पहल की है। अब आपको अपनी पढ़ाई, कठिन टॉपिक्स के रिवीज़न और नोट्स के लिए परेशान होने की बिल्कुल ज़रूरत नहीं है। 9 सितंबर को शाम 5 बजे उच्च शिक्षा मंत्री इन्दर सिंह परमार ई-ज्ञान सेतू यूट्यूब चौनल का भव्य शुभारंभ करेंगे।
भाषाई रुकावटों को दूर करने के लिए कला, विज्ञान और वाणिज्य के लेक्चर्स हिंदी-अंग्रेज़ी के अलावा बघेली, बुंदेली, मराठी और संस्कृत जैसी क्षेत्रीय भाषाओं में भी तैयार किए गए हैं। पढ़ाई को उबाऊ होने से बचाने के लिए वीडियो लेक्चर्स में उच्च स्तरीय ग्राफिक्स और विजुअल्स का इस्तेमाल किया गया है, जिससे कठिन से कठिन थ्योरी भी आसानी से समझ आ जाएगी। अब अपनी सुविधा और स्पीड के अनुसार कभी भी पढ़ाई करें। क्लास छूट जाने या परीक्षा के समय रिवीज़न करने के लिए यह प्लेटफॉर्म आपके लिए 24 घंटे उपलब्ध रहेगा। यह पूरा कंटेंट मध्य प्रदेश के शासकीय कॉलेजों और विश्वविद्यालयों के विशेषज्ञ प्राध्यापकों एवं सहायक प्राध्यापकों द्वारा तैयार किया गया है।
क्वालिटी से समझौता नहीं
राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के मार्गदर्शन में प्रदेश के 10 संभागीय डिजिटल स्टूडियो में अब तक 2,305 वीडियो शूट किए जा चुके हैं। छात्रों को पूरी तरह सटीक और प्रामाणिक जानकारी मिले, इसके लिए वैलिडेशन बोर्ड हर वीडियो के कंटेंट और पाठ्यक्रम की बारीकी से जांच कर रहा है। बोर्ड के सत्यापन के बाद ही चरणबद्ध तरीके से वीडियो चौनल पर अपलोड किए जा रहे हैं। मंत्रालय की उच्च स्तरीय बैठक में मंत्री परमार ने स्वयं तैयार कंटेंट की समीक्षा की और निर्देश दिए कि इन्हें बिना किसी देरी के छात्रों के लिए उपलब्ध कराया जाए।
कार्यकर्ताओं की समस्याओं के त्वरित निराकरण के दिए निर्देश
भोपाल। कैबिनेट मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल ने मंगलवार को भाजपा प्रदेश कार्यालय में विभिन्न जिलों से आए पार्टी कार्यकर्ताओं की जनसमस्याएं सुनीं और उनके शीघ्र निराकरण के निर्देश दिए। उन्होंने संबंधित अधिकारियों से चर्चा कर कई मामलों में तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए, जबकि विभागीय स्तर पर कार्रवाई जरूरी प्रकरणों को संबंधित विभागों को भेजा गया।
मंत्री पटेल ने कहा कि कार्यकर्ताओं के माध्यम से प्राप्त प्रत्येक जनसमस्या का गंभीरता से परीक्षण कर प्राथमिकता के आधार पर समाधान का प्रयास किया जाएगा। उन्होंने कहा कि आमजन की समस्याओं का त्वरित, पारदर्शी और प्रभावी निराकरण तथा उन्हें शासन की योजनाओं और सुविधाओं का लाभ दिलाना सरकार की प्राथमिकता है।
संघ का शाखा संगम 20 को, 30 हजार स्वयंसेवक दिखाएंगे ताकत
भोपाल। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में राजधानी का ऐतिहासिक लाल परेड ग्राउंड एक बड़े सांगठनिक एकत्रीकरण का गवाह बनने जा रहा है। आगामी 20 सितंबर को दोपहर 3 बजे आयोजित होने वाले शाखा संगम कार्यक्रम में भोपाल विभाग के 30 हजार से अधिक पूर्ण गणवेशधारी स्वयंसेवक एक साथ शामिल होकर राष्ट्र निर्माण का संकल्प दोहराएंगे।
आयोजन में संघ के सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबोले मुख्य रूप से उपस्थित रहकर स्वयंसेवकों को मार्गदर्शन प्रदान करेंगे। इस विशाल आयोजन की तैयारियां की जा रही है। कार्यक्रम के दौरान हजारों स्वयंसेवक एक लय में समता (परेड), शारीरिक व्यायाम, दंड प्रयोग और योग का भव्य प्रदर्शन करेंगे। इसमें भोपाल विभाग के अंतर्गत आने वाले सभी 5 संगठनात्मक जिलोंकृभोपाल, प्रताप, भोजपुर, तात्या टोपे और विद्युत नगरकृके प्रमुख नगरों व बस्तियों की शाखाओं के कार्यकर्ता जुटेंगे। संघ के 100 वर्ष पूरे होने के अवसर पर चलाए गए विशेष विस्तार अभियान के तहत गठित मोहल्ला शाखाओं के नए स्वयंसेवक भी इस संगम में पहली बार बड़ी संख्या में शिरकत करेंगे। यह आयोजन समाज जीवन में संगठन की भूमिका को सुदृढ़ करने और शहर के कोने-कोने तक संघ कार्य के विस्तार को प्रदर्शित करने की दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
डॉक्टरों के प्रदर्शन पर वॉटर कैनन चलाने का मामला गर्माया, जांच के आदेश
स्टाइपेंड बढ़ोतरी की मांग को लेकर हमीदिया अस्पताल परिसर में बढ़ा तनाव
भोपाल। राजधानी भोपाल में स्टाइपेंड बढ़ोतरी की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे इंटर्न डॉक्टरों पर पुलिस द्वारा वॉटर कैनन छोड़े जाने और बल प्रयोग का मामला अब तूल पकड़ चुका है। घटना पर गंभीर रुख अपनाते हुए उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने निष्पक्ष जांच के निर्देश दिए हैं, जिसके बाद पुलिस आयुक्त संजय कुमार ने डीसीपी जोन-2 विकास सहवाल को जांच अधिकारी नियुक्त किया है। दूसरी ओर, घटना के विरोध में जूनियर डॉक्टर एसोसिएशन ने भी इंटर्न डॉक्टरों के समर्थन का ऐलान करते हुए नियमित ओपीडी सेवाएं ठप करने का फैसला किया है, जिससे भोपाल में स्वास्थ्य सेवाएं चरमराने की आशंका पैदा हो गई है।
घटनाक्रम की शुरुआत सोमवार, 7 सितंबर को हुई जब इंटर्न डॉक्टरों ने मुख्यमंत्री निवास की ओर मार्च करने का ऐलान किया। पुलिस ने एहतियातन हमीदिया अस्पताल परिसर के चारों ओर बैरिकेड्स लगाकर रास्ते बंद कर दिए थे। प्रदर्शनकारी डॉक्टर बैरिकेड तोड़कर मुख्य सड़क पर आ गए और धरने पर बैठ गए। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए मौके पर तैनात पुलिस बल ने वॉटर कैनन का प्रयोग किया, जिसमें कुछ डॉक्टर घायल हो गए। इस कार्रवाई के बाद से डॉक्टरों का आक्रोश और बढ़ गया। पुलिस कार्रवाई से नाराज जूनियर डॉक्टर एसोसिएशन (जेडीए) ने गांधी मेडिकल कॉलेज के डीन को पत्र सौंपकर नियमित ओपीडी सेवाएं बंद रखने की घोषणा की है। हालांकि, मरीजों की स्थिति को देखते हुए आपातकालीन और अति-आवश्यक स्वास्थ्य सेवाएं जारी रखने की बात कही गई है। विपक्ष ने भी इस मुद्दे पर सरकार को घेरना शुरू कर दिया है।
मेडिकल टीचर्स एसोसिएशन ने भी खोला मोर्चा
मेडिकल टीचर्स एसोसिएशन भोपाल के सचिव डॉ. अविनाश ठाकुर ने कहा कि प्रदेशभर के इंटर्न डॉक्टर लंबे समय से अपनी मांगों को लेकर शांतिपूर्वक आंदोलन कर रहे हैं। मुख्यमंत्री निवास तक मार्च के दौरान छात्रों पर वॉटर कैनन और लाठी का इस्तेमाल किया गया। उन्होंने कहा कि एमबीबीएस कर रहे छात्रों पर इस तरह बल प्रयोग नहीं किया जा सकता। प्रदेश का चिकित्सक समुदाय इंटर्न डॉक्टरों के साथ खड़ा है।
उप मुख्यमंत्री की अपील, संवाद से निकलेगा समाधान
मामला तूल पकड़ते ही उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के जरिए डॉक्टरों से शांति की अपील की है। उन्होंने कहा प्रदेश के युवा चिकित्सकों की अपेक्षाओं और समस्याओं को गंभीरता से लिया जा रहा है। मैं निरंतर इंटर्न डॉक्टर्स के प्रतिनिधियों के संपर्क में हूं। प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं में युवा डॉक्टर्स की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है और सरकार उनकी उचित मांगों के प्रति संवेदनशील है। चर्चा के जरिए जल्द ही व्यावहारिक समाधान निकाला जाएगा।
क्या हैं प्रमुख मांगें?
वर्तमान में इंटर्न डॉक्टरों को 14,337 रुपये प्रतिमाह मिलते हैं, जिसे बढ़ाकर 30,000 रुपये करने की मांग की जा रही है। डॉक्टरों का कहना है कि शासन द्वारा पूर्व में दिया गया मौखिक आश्वासन पूरा नहीं हुआ; अब मुख्यमंत्री के लिखित आदेश के बिना धरना समाप्त नहीं होगा। शांतिपूर्ण प्रदर्शन के दौरान बल प्रयोग और वॉटर कैनन चलाने वाले जिम्मेदार पुलिसकर्मियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की गई है।
ऊर्जा, इंफ्रास्ट्रक्चर और लॉजिस्टिक्स क्षेत्र में निवेश की अपार संभावनाएं
एआईएम कांग्रेस-2026 के तीसरे दिन वैश्विक उद्योगपतियों के साथ हुई वन-टू-वन बैठकें
भोपाल। प्रदेश को वैश्विक औद्योगिक मानचित्र पर स्थापित करने और राज्य में विदेशी निवेश आकर्षित करने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की यूएई यात्रा बेहद परिणामोन्मुखी साबित हो रही है। दुबई में आयोजित ‘एआईएम कांग्रेस-2026’ (एनुअल इन्वेस्टमेंट मीटिंग) के तीसरे दिन 8 सितंबर को मुख्यमंत्री ने संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के शीर्ष निवेशकों और बहुराष्ट्रीय कंपनियों के प्रमुखों के साथ सिलसिलेवार श्वन-टू-वनश् बैठकें कीं।
बैठक के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्य प्रदेश भारत के केंद्र में स्थित है, जहां से देश के हर कोने में सड़क, रेल और हवाई कनेक्टिविटी सुगम है। प्रदेश में उपलब्ध विश्वस्तरीय औद्योगिक अधोसंरचना, पर्याप्त ऊर्जा और कुशल कार्यबल (स्किल्ड मैनपॉवर) इसे औद्योगिक विकास की दृष्टि से संभावनाओं से परिपूर्ण राज्य बनाते हैं। मुख्यमंत्री ने सभी प्रमुख उद्योग समूहों को अगले वर्ष आयोजित होने वाली ग्लोबल इंवेस्टर्स समिट (जीआईएस)-2027 के लिए आमंत्रित भी किया।
इंदौर और पीथमपुर क्षेत्र में रेल-साइडिंग युक्त लॉजिस्टिक्स पार्क
लॉजिस्टिक्स और सप्लाई चेन (शराफ ग्रुप व डीपी वर्ल्ड) के साथ इंदौर और पीथमपुर क्षेत्र में रेल-साइडिंग युक्त लॉजिस्टिक्स पार्क, आधुनिक वेयरहाउसिंग और रीजनल डिस्ट्रीब्यूशन सेंटर स्थापित करने पर सहमति बनी। इस परियोजना में 30 से 50 मिलियन अमेरिकी डॉलर के निवेश का प्रस्ताव है, जिससे लगभग 300 से 600 युवाओं को रोजगार मिलेगा। वहीं डीपी वर्ल्ड के सीईओ रिजवान सूमार से चर्चा में मुख्यमंत्री ने पोवारखेड़ा (होशंगाबाद) लॉजिस्टिक्स कंपोजिट हब को अंतरदेशीय लॉजिस्टिक्स के प्रमुख प्रवेश द्वार के रूप में विकसित करने पर जोर दिया। इससे किसानों, एफपीओ, एमएसएमई और उद्योगों के उत्पादों को कम लागत में वैश्विक बाजारों से जोड़ा जा सकेगा।
प्रमुख षहरों में के-12 स्कूल कैंपस
क्रेसेंट एंटरप्राइजेज के सीईओ बद्र जाफर के साथ प्रदेश में ऊर्जा, तकनीक हस्तांतरण और स्टार्टअप्स को प्रोत्साहन देने पर विशेष चर्चा हुई। कंपनी ने अर्बन इंफ्रास्ट्रक्चर और आईटी क्षेत्र में दीर्घकालिक निवेश में रुचि दिखाई। जेम्स एजुकेशन के चेयरमैन सनी वर्की ने प्रदेश के प्रमुख और विकासशील शहरों में अंतरराष्ट्रीय स्तर के के-12 स्कूल कैंपस स्थापित करने की मंशा जताई। इन स्कूलों में राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय पाठ्यक्रम के साथ-साथ छात्रों के कौशल विकास (स्किल ट्रेनिंग) पर ध्यान दिया जाएगा। वहीं राणा होल्डिंग्स के साथ स्मार्ट मैन्युफैक्चरिंग, डेटा सेंटर्स, ग्रीन हाइड्रोजन, ई-मोबिलिटी और कृषि मशीनों पर विस्तृत रणनीति बनी। वहीं ब्यूमर्क कॉर्पाेरेशन के सीईओ सिद्धार्थ बालाचंद्रन ने हेल्थकेयर, इंफ्रास्ट्रक्चर और ग्रीन एनर्जी में निवेश की इच्छा जताई।
भोपाल और इंदौर में वीज़ा सेवाओं का विस्तार
वीएफएस ग्लोबल के वैश्विक प्रमुख अमित साइचर से मुलाकात के दौरान भोपाल और इंदौर में वीज़ा आवेदन सेवाओं का दायरा बढ़ाने पर सहमति बनी। साथ ही प्रदेश के युवाओं के लिए पर्यटन, यात्रा और आतिथ्य (हॉस्पिटैलिटी) क्षेत्र में कौशल विकास प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू करने पर विचार किया गया।
नियुक्ति के 5 महीने बाद भी बिना काम भटक रहे मनोनीत पार्षद
शपथ के इंतजार में बीते महीने, एल्डरमैन का अधिकार क्षेत्र में अटका कार्यभार
भोपाल। नगरीय निकायों में मनोनीत पार्षदों (एल्डरमैन) की नियुक्ति के आदेश जारी हुए महीनों बीत चुके हैं, लेकिन प्रशासनिक लेट-लतीफी के कारण सैकड़ों एल्डरमैन आज भी शपथ और कार्यभार ग्रहण करने का इंतजार कर रहे हैं। गजट सत्यापन और पुलिस वेरिफिकेशन की धीमी प्रक्रिया के चलते भोपाल समेत कई जिलों के नवनियुक्त एल्डरमैन न तो परिषद की बैठकों में शामिल हो पा रहे हैं और न ही उन्हें निर्धारित सरकारी सुविधाएं मिल रही हैं।
नगर पालिकाओं और नगर परिषदों में एल्डरमैन की नियुक्ति को 158 दिन (लगभग 5 महीने) और नगर निगमों के आदेश को डेढ़ महीने का समय बीत चुका है। नगरीय विकास एवं आवास विभाग ने 29 मार्च को 169 निकायों (123 नगर परिषद और 46 नगर पालिका) में 768 एल्डरमैन तथा 20 जुलाई को 13 नगर निगमों में एल्डरमैन की सूची जारी की थी।
21 अगस्त को हुआ गजट नोटिफिकेशन, फिर भी देरी
21 अगस्त को आधिकारिक गजट नोटिफिकेशन जारी होने के बाद सागर नगर निगम में 3 सितंबर को शपथ ग्रहण समारोह संपन्न हो गया, लेकिन भोपाल सहित प्रदेश के अधिकांश निकायों में तारीख ही तय नहीं हो सकी है। वहीं दूसरी ओर इंदौर, ग्वालियर और जबलपुर जैसे बड़े नगर निगमों में एल्डरमैन की सूची पर आपसी सहमति तक नहीं बन पाई है।
आने वाले चुनावों को लेकर बढ़ी चिंता
नवनियुक्त एल्डरमैन का कहना है कि नियुक्ति आदेश के बाद शपथ में हो रही यह देरी समझ से परे है। जुलाई 2027 में स्थानीय निकायों के चुनाव प्रस्तावित हैं, ऐसे में शपथ में हो रहे विलंब के कारण उनके पास जनता के बीच काम करने के लिए बहुत कम समय बचेगा। एल्डरमैन फिलहाल बिना किसी अधिकार और कार्यभार के सिर्फ तारीखों के तय होने की आस लगाए बैठे हैं।