Rajendra Parasar
सात प्रमुख समुदायों की संस्कृति और हुनर को मिलेगा एक साझा ठिकाना
भोपाल। प्रदेश के सुदूर अंचलों की पारंपरिक जनजातीय कला अब अंतर्राष्ट्रीय पटल पर अपनी अमिट छाप छोड़ने को तैयार है। विशेष रूप से गोंड और भील कला की अद्भुत विरासत जल्द ही वैश्विक बाज़ार में गूंजती दिखाई देगी। राज्य के दूर-दराज़ इलाकों में रचे-बसे आदिवासी कारीगरों को एक कॉमन डिजिटल पहचान दिलाने और उन्हें बड़े बाज़ारों तक पहुंचाने के लिए नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ़ डिज़ाइन (एनआईडी), मध्य प्रदेश और राज्य का जनजातीय कार्य विभाग मिलकर एक विशेष डिजिटल पोर्टल तैयार कर रहे हैं।
यह पोर्टल मात्र एक व्यावसायिक माध्यम न होकर गोंड और भील सहित प्रदेश की विविध जनजातीय कलाओं, उनकी समृद्ध संस्कृति और उनके पीछे छिपी अनकही कहानियों का एक सजीव पटल होगा। यहाँ आने वाले देश-विदेश के कलाप्रेमी न केवल दुर्लभ कलाकृतियों का दीदार कर सकेंगे, बल्कि उन्हें गढ़ने वाले कारीगरों के जीवन और हर उत्पाद के पीछे छिपे पारंपरिक ज्ञान से भी सीधे जुड़ सकेंगे। एनआईडी के अधिकारियों के अनुसार, इस पहल का मुख्य उद्देश्य कारीगरों को सीमित स्थानीय बाज़ारों और यदा-कदा लगने वाली प्रदर्शनियों से आगे निकालकर एक स्थायी वैश्विक मंच देना है। तीन साल के इस प्रोजेक्ट पर तेज़ी से काम चल रहा है, जिसका दो साल का सफर पूरा हो चुका है और अब अंतिम एक वर्ष का कार्य शेष है।
कला का विस्तृत होगा दायरा
इस पोर्टल पर प्रमुख समुदायों की कला का संगम होगा। इनमें गोंड, भील, बैगा, कोरकू, कोल, भारिया और सहरिया प्रमुख हैं। गोंड, भील और बैगा पेंटिंग्स के अलावा बांस, लकड़ी, मिट्टी और टेराकोटा की कलाकृतियां, हस्तनिर्मित आभूषण, परिधान और सजावटी सामान रहेगा। इसके अलावा धार का बाघ प्रिंट, अशोकनगर का चंदेरी हैंडलूम, देवास के बांस उत्पाद और उज्जैन का बाटिक प्रिंट भी इस डिजिटल मंच की शोभा बढ़ाएंगे।
बिक्री नहीं, खोज और सुविधा का बनेगा केंद्र
यह प्लेटफ़ॉर्म सीधे उत्पादों की बिक्री नहीं करेगा, बल्कि इसे एक खोज और सुविधा प्रदान करने वाले माध्यम के रूप में ढाला जा रहा है। यहाँ कलाकृतियों को पसंद करने वाले वैश्विक खरीदारों को सीधे प्रामाणिक कमर्शियल और ई-कॉमर्स पोर्टल्स पर री-डायरेक्ट किया जाएगा। इससे न केवल कला की मौलिकता बनी रहेगी, बल्कि बिचौलियों की भूमिका समाप्त होने से कारीगरों को उनकी मेहनत का पूरा और उचित मूल्य मिल सकेगा।
राहुल गांधी अब 19 सितंबर को आएंगे इंदौर, रीजनल पार्क में होगा ‘छात्रों की गूंज’
नेहरू स्टेडियम की अनुमति न देने के चलते बदला समय और स्थान
भोपाल। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के इंदौर दौरे के कार्यक्रम में बदलाव हुआ है। उनका बहुचर्चित ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम अब 12 सितंबर के बजाए 19 सितंबर को आयोजित किया जाएगा। इसके साथ ही कार्यक्रम का स्थल भी बदल दिया गया है, अब यह आयोजन नेहरू स्टेडियम के स्थान पर इंदौर के रीजनल पार्क में होगा।
कांग्रेस ने पहले इस आयोजन के लिए नेहरू स्टेडियम को चुना था और जिला प्रशासन से अनुमति मांगी थी। हालांकि, प्रशासन ने अदालत के एक पुराने आदेश और विचाराधीन मामले का हवाला देते हुए स्टेडियम में आयोजन की अनुमति देने से इनकार कर दिया। इसके अलावा, इंदौर में पिछले कुछ दिनों से हो रही तेज बारिश के कारण खुले मैदान में तैयारियों को अंतिम रूप देने में आ रही दिक्कतों को भी कार्यक्रम आगे बढ़ाने की मुख्य वजह माना जा रहा है। प्रशासनिक अड़चन और मौसम के रुख को देखते हुए कांग्रेस ने नई रणनीति तैयार की है। पार्टी ने अब 19 सितंबर को रीजनल पार्क में ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम कराने का निर्णय लिया है। इस नए शेड्यूल से आयोजकों को तैयारियों के लिए अतिरिक्त समय मिल गया है। इस कार्यक्रम के जरिए राहुल गांधी युवाओं और विद्यार्थियों से सीधे संवाद करेंगे और उनसे जुड़े ज्वलंत मुद्दों पर चर्चा करेंगे। पार्टी पदाधिकारियों ने नए स्थल और तिथि के अनुसार व्यापक स्तर पर तैयारियां शुरू कर दी हैं, जिसमें राज्यभर से भारी संख्या में युवाओं के जुटने की उम्मीद है।
तन्खा बोले पटवारी का ‘इंदौर प्रेम’ पड़ा भारी
राज्यसभा सदस्य विवेक तन्खा की सोशल मीडिया पोस्ट ने इंदौर में राहुल गांधी के कार्यक्रम को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। तन्खा ने साफ संकेत दिया कि उनकी राय में यह आयोजन जबलपुर में होना चाहिए था और इंदौर का चयन प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष के ‘इंदौर प्रेम’ के चलते हुआ। तन्खा ने अपनी सोषल मीडिया पोस्ट में कहा कि उन्होंने कांग्रेस की पॉलिटिकल अफेयर्स कमेटी (पीएसी) की बैठक में राहुल गांधी के कार्यक्रम को जबलपुर में कराने का विचार रखा था। उन्होंने जबलपुर को महाकौशल की शान और अपना प्रिय शहर बताते हुए कहा कि कार्यक्रम के लिए जबलपुर उपयुक्त स्थान था। इसके साथ ही उन्होंने प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी के इंदौर से जुड़ाव की ओर इशारा करते हुए लिखा कि पटवारी का प्रेम इंदौर के प्रति था।
पूर्व कांग्रेस विधायक संजय शर्मा के ठिकानों पर ईडी का छापा
फर्जी टोल वसूली और मनी लॉन्ड्रिंग मामले में बड़ा एक्शन
भोपाल। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने मनी लॉन्ड्रिंग और फर्जी टोल वसूली से जुड़े एक बड़े नेटवर्क का पर्दाफाश करते हुए प्रदेश के कद्दावर कांग्रेस नेता और पूर्व विधायक संजय शर्मा के ठिकानों पर ताबड़तोड़ छापेमारी की है। ईडी की टीमों ने नरसिंहपुर जिले के तेंदूखेड़ा, राजमार्ग और देवरी स्थित शर्मा के तीन अलग-अलग कार्यालयों व परिसरों पर एक साथ दबिश दी। आधा दर्जन से अधिक वाहनों में पहुंची जांच एजेंसी की टीम फिलहाल वित्तीय दस्तावेजों, डिजिटल रिकॉर्ड्स और बैंक खातों की गहन जांच कर रही है।
यह कार्रवाई नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया के टोल प्लाजा पर फर्जी टोल वसूली और सरकारी राजस्व की हेराफेरी से जुड़ी है। आरोप है कि नरसिंहपुर-छिंदवाड़ा नेशनल हाईवे की टोल वसूली से जुड़ी पूर्व विधायक की कंपनी अनधिकृत (फर्जी) सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल कर बिना रिकॉर्ड में दर्ज किए टोल रसीदें जारी कर रही थी। इसके जरिए वसूली गई मोटी रकम को एनएचएआई के आधिकारिक अकाउंटिंग सिस्टम में भेजने के बजाय अवैध रूप से डायवर्ट किया जा रहा था। फॉरेंसिक जांच में फर्जी सॉफ्टवेयर के उपयोग की पुष्टि होने के बाद यह बड़ा एक्शन लिया गया है।
चौदह राज्यों में की कार्रवाई
ईडी के लखनऊ जोनल ऑफिस के नेतृत्व में चल रही यह कार्रवाई केवल मध्य प्रदेश तक सीमित नहीं है, बल्कि प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (पीएमएलए) के तहत देश के 14 राज्यों में एक साथ जारी है। उत्तर प्रदेश, राजस्थान, महाराष्ट्र, जम्मू-कश्मीर, दिल्ली-एनसीआर और कोलकाता समेत कई राज्यों में ईडी की टीमें दबिश दे रही हैं। जांच एजेंसी अब इस पूरे सिंडिकेट से जुड़े लाभार्थियों और अपराध से अर्जित अवैध संपत्ति का सुराग लगाने के लिए डिजिटल साक्ष्य जुटाने में जुटी है।
कलेक्टरों को हर सोमवार पोर्टल पर अपलोड करनी होगी रिपोर्ट
मुख्यमंत्री जन विश्वास अभियान पोर्टल का मुख्यमंत्री ने किया शुभारंभ
भोपाल। जनसमस्याओं के त्वरित समाधान और मैदानी प्रशासन पर सीधी निगरानी रखने के लिए राज्य सरकार का ‘मुख्यमंत्री जन विश्वास अभियान’ रंग लाने लगा है। 7 अगस्त से शुरू हुए इस अभियान के पहले चार हफ्तों (एक महीने) में प्रशासन ने मुस्तैदी दिखाते हुए 5.64 लाख से अधिक सीएम हेल्पलाइन शिकायतों का निपटारा किया है। इसके साथ ही लोक सेवा गारंटी अधिनियम के तहत दर्ज 8.06 लाख से अधिक लंबित आवेदनों का भी त्वरित समाधान सुनिश्चित किया गया है।
अभियान की पारदर्शिता और मैदानी अधिकारियों की जवाबदेही तय करने के लिए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मंत्रालय में ‘मुख्यमंत्री जन विश्वास अभियान पोर्टल’ का शुभारंभ किया। अब जिलों में कलेक्टरों और अन्य उच्च अधिकारियों द्वारा किए जा रहे निरीक्षणों, जनसंवादों और बैठकों की ऑनलाइन निगरानी की जाएगी। नये पोर्टल की व्यवस्था के अनुसार, जिला कलेक्टरों को शुक्रवार तक की अपनी प्रशासनिक गतिविधियों, अधिकारियों के भ्रमण, उद्यम संवाद, इंफ्लुएंसर संवाद और समीक्षा बैठकों का पूरा ब्योरा अगले सोमवार तक पोर्टल पर अनिवार्य रूप से दर्ज करना होगा।
कुछ कड़े नियम भी तय किए गए
प्रत्येक गतिविधि और बैठक की अधिकतम 1 एमबी साइज की फोटो अपलोड करनी होगी, अधिकारियों को अपनी कार्यवाही और दिए गए निर्देशों का विवरण अधिकतम 700 शब्दों में बिंदुवार देना होगा, बैठकों में शामिल नागरिकों की अनुमानित संख्या, स्थान, नेतृत्वकर्ता अधिकारी और शिकायतों के समाधान की पूरी रिपोर्ट दर्ज होगी, संभागायुक्त इस पूरी प्रक्रिया की नियमित मॉनिटरिंग करेंगे। शासन ने सभी विभागों को निगरानी के लिए अलग से लॉगिन आईडी प्रदान की है।
नवाचारों और सुझावों का बनेगा साझा मंच
इस पोर्टल पर जिलों में लागू किए जा रहे प्रमुख नवाचारों को भी बुलेट पॉइंट में दर्ज किया जाएगा, ताकि एक जिले के सफल प्रशासनिक प्रयोग को राज्य के अन्य जिले भी अपना सकें। इसके अलावा उद्यम संवाद और इंफ्लुएंसर संवाद के लिए अलग से मॉड्यूल बनाए गए हैं। जिला स्तर पर सामने आने वाले महत्वपूर्ण नीतिगत सुझावों और निर्देशों को भी पोर्टल पर विशेष स्थान दिया जाएगा।
कैदी ने प्रहरी को मारी गोली, जेल अधीक्षक निलंबित
भोपाल। राजधानी से सटे रायसेन जिला मुख्यालय स्थित जिला जेल में रक्षाबंधन पर्व के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को तार-तार कर देने वाली एक सनसनीखेज वारदात सामने आई है। जेल से फरार होने की फिराक में हत्या के प्रयास के आरोपी एक कैदी ने ड्यूटी पर तैनात जेल प्रहरी को देशी कट्टे से गोली मार दी। घटना में प्रहरी गंभीर रूप से घायल हो गया है, जिसे प्राथमिक उपचार के बाद भोपाल एम्स रेफर किया गया है। वहीं, इस गंभीर लापरवाही पर गाज गिरते हुए जेल मुख्यालय ने कार्यवाहक जेल अधीक्षक को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।
जानकारी के अनुसार, जेल में रक्षाबंधन पर्व के उपलक्ष्य में कार्यक्रम का आयोजन किया गया था। सुबह करीब नौ बजे हत्या के प्रयास के मामले में निरुद्ध कैदी निलेश ठाकुर फलों से भरी एक टोकरी लेकर जेल के मुख्य द्वार पर पहुंचा। उसने वहां तैनात जेल प्रहरी दिग्विजय सिंह तोमर पर मुख्य गेट खोलने का दबाव बनाया। जब प्रहरी तोमर ने मुस्तैदी दिखाते हुए गेट खोलने से इनकार कर दिया, तो कैदी निलेश ने फलों की टोकरी में छिपाकर रखे देशी कट्टे (रिवाल्वर) से उन पर सीधी फायरिंग कर दी। गोली प्रहरी तोमर की बाईं तरफ पीठ में लगकर फेफड़े में जा धंसी, जिससे वे लहूलुहान होकर मौके पर ही गिर पड़े। गोली की आवाज सुनते ही जेल परिसर में हड़कंप मच गया।
बामुश्किल हमलावर कैदी पर पाया काबू
वारदात की सूचना मिलते ही जेल अधीक्षक आर.के. चौरे और अन्य सुरक्षाकर्मी मौके की ओर दौड़े। मुस्तैद स्टाफ ने कड़ी मशक्कत के बाद हमलावर कैदी निलेश ठाकुर को दबोच लिया। सूचना मिलने पर पहुंची पुलिस ने घटनास्थल का मुआयना कर मामला दर्ज कर लिया है और आगे की कानूनी विवेचना शुरू कर दी है। गंभीर रूप से घायल प्रहरी को तुरंत जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां से नाजुक हालत को देखते हुए उन्हें एम्स भोपाल के लिए रेफर कर दिया गया।
जेल अधीक्षक निलंबित
इस गंभीर सुरक्षा चूक को लेकर जेल मुख्यालय ने कड़ा रुख अपनाया है। शुरुआती जांच में जेल प्रबंधन के स्तर पर बेहद शिथिल नियंत्रण और कर्तव्यों के निर्वहन में गंभीर लापरवाही उजागर हुई है। प्रशासनिक ढिलाई को जिम्मेदार मानते हुए जिला जेल के कार्यवाहक अधीक्षक आर.के. चौरे को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।
जनसमस्याओं के त्वरित निराकरण के लिए सरकार प्रतिबद्ध: पटेल
भोपाल। राज्य मंत्री नरेन्द्र शिवाजी पटेल ने बुधवार को भाजपा प्रदेश कार्यालय में विभिन्न जिलों से पहुंचे कार्यकर्ताओं से मुलाकात कर उनकी समस्याएं और सुझाव सुने।
मंत्री पटेल ने कार्यकर्ताओं द्वारा प्रस्तुत प्रकरणों को गंभीरता से लेते हुए फोन पर ही संबंधित अधिकारियों से चर्चा की और प्राथमिकता के आधार पर समाधान के निर्देश दिए। कई मामलों में उन्होंने अधिकारियों से तत्काल जानकारी ली, वहीं विस्तृत प्रक्रिया वाले प्रकरणों को संबंधित विभागों को शीघ्र कार्रवाई के लिए प्रेषित किया। इस दौरान मंत्री पटेल ने स्पष्ट किया कि संगठन और कार्यकर्ताओं के माध्यम से आने वाली हर जनसमस्या का नियमानुसार परीक्षण कर हरसंभव समाधान किया जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार आमजन से जुड़े मामलों के त्वरित, पारदर्शी और प्रभावी निराकरण के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम पात्र हितग्राही तक पहुंचाना सरकार की मुख्य प्राथमिकता है, जिसके लिए सरकार और संगठन के बीच बेहतर समन्वय से कार्य जारी है।
घर-घर गोकुल, घर-घर गोपाल, जानापाव में परशुराम श्री कृष्ण लोक का होगा भूमि पूजन
जन्माष्टमी पर सजेगा 7,500 से अधिक मंदिरों का दरबार
भोपाल। प्रदेश इस बार जन्माष्टमी के पावन पर्व पर पूरी तरह से कृष्णमय होने जा रहा है। राज्य सरकार ने घर-घर गोकुल... घर-घर गोपाल थीम के तहत पूरे प्रदेश में व्यापक और भव्य सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित करने की विशेष योजना तैयार की है।
संस्कृति मंत्री धर्मेंद्र सिंह लोधी और राम तिवारी (कृष्ण पाथेय न्यास) ने आज एक पत्रकार वार्ता के दौरान इस राज्यव्यापी आयोजन की विस्तृत जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि प्रदेश के सभी 55 जिलों के 111 प्रमुख स्थानों पर भव्य सांस्कृतिक प्रस्तुतियां आयोजित की जाएंगी। इस दौरान राज्य भर के 7,500 से अधिक श्री कृष्ण मंदिरों को विशेष रूप से सजाया जाएगा। उत्सव में प्रदेश के 1,500 से अधिक स्थानीय कलाकार भगवान कृष्ण के जीवन, दिव्य लीलाओं और लोक संगीत पर आधारित प्रस्तुतियां देंगे। आयोजन की प्रमुख कड़ियों में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव महू स्थित जानापाव में परशुराम-श्री कृष्ण लोक का भूमि पूजन करेंगे। इसके साथ ही भोपाल स्थित मुख्यमंत्री आवास पर आयोजित विशेष कार्यक्रम में 101 बच्चे राधा-कृष्ण के मनमोहक स्वरूप में शामिल होंगे।
उल्लेखनीय है कि इससे पूर्व राज्य सरकार ने प्रदेश के सभी विद्यालयों में भी जन्माष्टमी के उपलक्ष्य में विशेष सांस्कृतिक व शैक्षणिक कार्यक्रम आयोजित करने के निर्देश जारी किए थे, जिससे राज्य का माहौल पूरी तरह भक्तिमय बना हुआ है।
उज्जैन, पन्ना और अमझेरा में दिखेंगी विशेष झांकियां
धार्मिक एवं सांस्कृतिक प्रस्तुतियों का केंद्र उज्जैन रहेगा, जहां के नारायण धाम में 5 दिवसीय विशेष कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। उज्जैन के सांदीपनि आश्रम में गुरु-शिष्य परंपरा पर आधारित प्रस्तुतियां होंगी, जबकि महिदपुर, गोपाल मंदिर और कृष्ण मंदिर में कृष्ण भक्ति व लोक संगीत की गूंज रहेगी। दूसरी ओर, पन्ना और अमझेरा में श्री कृष्ण के जीवन से जुड़ी विभिन्न घटनाओं को जीवंत किया जाएगा। अमझेरा में खास तौर पर माता रुक्मिणी की कथा पर आधारित नृत्य-नाटिका का मंचन होगा।
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Wed, Sep 2, 6:56 PM (5 hours ago)
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