चीनी को लेकर एमपी सरकार का बड़ा फैसला, कोई भी डीलर 4 हजार क्विंटल से अधिक नहीं रखेगा स्टॉक, 30 दिन में बेचना होगा माल

अब प्रदेश का कोई भी डीलर चार हजार क्विंटल से अधिक चीनी का स्टाक नहीं रखेगा। साथ ही स्टाक को 30 दिन से अधिक समय तक भंडारित भी नहीं करेगा।

By Digital DeskEdited By: Dheeraj Belwal Publish Date: Tue, 01 Sep 2026 10:58:01 PM (IST)Updated Date: Tue, 01 Sep 2026 10:58:01 
चीनी को लेकर एमपी सरकार का बड़ा फैसला, कोई भी डीलर 4 हजार क्विंटल से अधिक नहीं रखेगा स्टॉक, 30 दिन में बेचना होगा माल

चीनी की कालाबाजारी रोकने एमपी सरकार सख्त।

HighLights

  1. चीनी की कालाबाजारी रोकने एमपी सरकार सख्त
  2. डीलरों के लिए 4 हजार क्विंटल की स्टाक सीमा तय
  3. स्टॉक की पोर्टल पर देनी होगी नियमित जानकारी

राज्य ब्यूरो, नईदुनिया, भोपाल। चीनी की बढ़ी कीमतों के बाद कालाबाजारी की आशंका को देखते हुए सरकार ने इसके भंडारण की अधिकतम सीमा निर्धारित कर दी है। अब प्रदेश का कोई भी डीलर चार हजार क्विंटल से अधिक चीनी का स्टाक नहीं रखेगा। साथ ही स्टाक को 30 दिन से अधिक समय तक भंडारित भी नहीं करेगा।

सभी डीलरों को भारत सरकार के खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण विभाग के पोर्टल पर स्टाक की नियमित जानकारी देनी होगी। खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने बताया कि इस संबंध में जरूरी कार्यवाही के निर्देश सभी कलेक्टर को दिए गए हैं।

स्टॉक के भंडारण पर यह सीमा लागू नहीं

सरकारी खाते पर या राज्य सरकार या उसके द्वारा प्राधिकृत किसी प्राधिकारी द्वारा विशेष रूप से किसी डीलर के माध्यम से सार्वजनिक वितरण प्रणाली के अधीन उचित मूल्य की दुकानों के माध्यम से वितरण के लिए स्टाक के भंडारण पर यह सीमा लागू नहीं होगी।

थोक उपभोक्ताओं के लिए स्टॉक रखने की सीमा

कोई भी थोक उपभोक्ता, जो उत्पादन, उपभोग या उपयोग के लिए कच्चे माल के रूप में किसी भी प्रकार से प्रतिमाह 10 टन चीनी का उपभोग करता है, वह 15 दिनों से अधिक की अवधि के लिए चीनी का स्टाक नहीं करेगा।

थोक उपभोक्ता से मतलब हलवाई, मिठाई विक्रेता, शीतल पेय निर्माता, खाद्य प्रसंस्करण उद्योग आदि से हैं जिन्होंने चालू माह को छोड़कर पिछले एक वर्ष के दौरान औसत मासिक खपत के रूप में न्यूनतम 100 टन का उपयोग किया है।


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