झारखंड: हेमंत सोरेन सरकार में मंत्री इरफान अंसारी बोले- धरना नहीं, मुख्यमंत्री की हत्या का प्रयास था

रांची. झारखंड में प्रतियोगी परीक्षाओं में अनियमितताओं को लेकर छात्रों का प्रदर्शन जारी है. आज भाजपा ने जहां छात्रों पर हुए लाठीचार्ज को लेकर प्रदेशव्यापी बंद का आह्वान किया है, वहीं अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) ने पुराने विधानसभा से नई विधानसभा तक मार्च निकाला. इन सबके बीच झारखंड सरकार में मंत्री इरफान अंसारी ने विरोधी दलों पर जमकर हमला बोला और मुख्यमंत्री की हत्या के प्रयास का आरोप लगाया.

विपक्षी दलों पर हमला बोलते हुए उन्होंने प्रेस वार्ता में कहा, 'ये युवाओं के आंदोलन को हाईजैक करना चाह रहे हैं. ये नकली लोग हैं. युवाओं के साथ हेमंत सोरेन सरकार खड़ी है. उनकी मांगों पर हम गहराई से विचार कर रहे हैं. भाजपा को नैतिक रूप से अधिकार नहीं है. ये हमारे बच्चे हैं. हम गोली पर विश्वास नहीं करते.'

मुख्यमंत्री बाल-बाल बच गए

इरफान अंसारी ने भाजपा पर हमला बोलते हुए कहा कि भाजपा के गुंडे मुख्यमंत्री आवास पर थे. कल हमारे मुख्यमंत्री बाल-बाल बच गए. कल धरना नहीं था, वो मुख्यमंत्री की हत्या का प्रयास था. छात्रों का शांतिपूर्ण प्रदर्शन था. प्रदर्शन में कोई लाठीचार्ज हम नहीं मान सकते हैं. हम लोग खुद युवाओं के सम्मान में मार खाए.

एनडीए सांसदों ने भी उठाया मुद्दा

झारखंड में छात्रों पर लाठीचार्ज का मुद्दा दिल्ली में भी गूंजा. एनडीए सांसदों ने इसको लेकर विपक्ष को घेरा. एनडीए सांसदों ने झारखंड की कांग्रेस-झामुमो सरकार पर लगाया कि छात्रों पर लाठीचार्ज के लिए राहुल गांधी और मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन जिम्मेदार हैं.

राहुल गांधी और हेमंत सोरेन पर निशाना साधते हुए अनुराग ठाकुर ने कहा, यह राहुल गांधी और हेमंत सोरेन के निर्देश पर हुआ. क्या राहुल गांधी ने दिल्ली से हेमंत सोरेन को कहा था कि झारखंड के युवाओं पर लाठीचार्ज करो और उन्हें न्याय से वंचित करो? ठाकुर ने कहा, कांग्रेस-झामुमो सरकार में अन्याय और अत्याचार हुआ है. युवा दो सप्ताह से सड़कों पर हैं और न्याय की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं, लेकिन कांग्रेस और झारखंड मुक्ति मोर्चा ने उन्हें बदले में क्या दिया? उन पर लाठियां बरसाईं, कंटीले तारों की बैरिकेडिंग की और अंधेरे में भी झारखंड के युवाओं का पीछा कर उन्हें पीटा गया.


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