दतिया उपचुनाव में हार के बाद भाजपा सख्त: जिले की सभी इकाइयां भंग, दो सदस्यीय समिति की अनुशंसा पर कार्रवाई

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल Published by: Anand Pawar Updated Tue, 04 Aug 2026 02:25 PM IST

दतिया विधानसभा उपचुनाव में हार के बाद भाजपा ने जिला कार्यकारिणी समेत सभी पदों के पदाधिकारियों को पद मुक्त कर दिया है। यह कार्रवाई भीतरघात के लिए गठित दो सदस्यीय समिति की अनुशंसा पर की गई हैं। 

MP News: BJP takes a tough stance on the Datia defeat; two-member inquiry committee formed; allegations of int

हार के बाद जिला भाजपा की सर्जरी, कार्यकारिणी भंग - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

दतिया विधानसभा उपचुनाव में मिली हार के बाद भारतीय जनता पार्टी ने मंगलवार को सख्त कार्रवाई करते हुए जिला भाजपा की सर्जरी कर दी। पार्टी ने जिला कार्यकारिणी, सभी मंडल, मोर्चे, प्रकोष्ठ, प्रकल्प और विभागीय इकाइयों को भंग कर दिया है। पार्टी ने हार के कारणों की विस्तृत समीक्षा के लिए दो सदस्यीय जांच कमेटी गठित की थी। भाजपा के प्रदेश कार्यालय मंत्री श्याम महाजन ने बताया कि भाजपा अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल द्वारा गठित जांच समिति की अनुशंसा पर दतिया जिला अध्यक्ष रघुवीर सिंह कुशवाहा समेत सभी पदाधिकारियों और मोर्चे की इकाइयों को तत्काल प्रभाव से हटा दिया गया है। बता दें खंडेलवाल ने उपचुनाव परिणामों की जांच के लिए दो सदस्यीय समिति का गठन किया था। जिसके कुछ घंटे बाद ही समिति की अनुशंसा पर यह कार्रवाई की गई।  

रणदिवे और कराड़ा को जांच का जिम्मा
समिति में प्रदेश महामंत्री गौरव रणदिवे और वरिष्ठ नेता अंबाराम कराड़ा को सदस्य बनाया गया था। हालांकि समिति को चुनाव प्रबंधन, संगठनात्मक गतिविधियों और अन्य कारणों की समीक्षा कर निष्कर्ष प्रस्तुत करने को भी कहा गया है।
समीक्षा बैठक हुई
इससे पहले मंगलवार को मुख्यमंत्री निवास पर दतिया उपचुनाव को लेकर भाजपा की अहम समीक्षा बैठक हुई। बैठक में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल, प्रत्याशी आशुतोष तिवारी, संगठन के वरिष्ठ पदाधिकारी तथा चुनाव से जुड़े नेता मौजूद रहे। बैठक के बाद अधिकांश मंत्री और संगठन पदाधिकारी मीडिया से बातचीत से बचते नजर आए। किसी भी नेता ने बैठक में हुई चर्चा पर आधिकारिक तौर पर कुछ नहीं कहा।
आशुतोष तिवारी ने भीतरघात के सबूत पेश किए
जानकारी के मुताबिक, भाजपा प्रत्याशी रहे आशुतोष तिवारी ने बैठक में चुनाव के दौरान कथित भीतरघात से जुड़े कुछ तथ्य और सबूत प्रस्तुत किए। इन आरोपों पर विस्तार से चर्चा हुई और हार के कारणों की समीक्षा की गई। वहीं, जिन नेताओं पर गंभीर स्तर के भीतरघात के आरोप हैं, उनके संबंध में समिति की रिपोर्ट के बाद अंतिम निर्णय पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व पर छोड़ने की बात भी सामने आई।
दतिया में भाजपा छह हजार वोटों से हारी
बता दें, दतिया में कांग्रेस के घनश्याम सिंह ने भाजपा प्रत्याशी आशुतोष तिवारी को छह हजार से ज्यादा वोटों से हरा दिया। यहां से पूर्व गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा और भाजपा के वरिष्ठ नेता नरोत्तम मिश्रा चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे थे, उन्होंने प्रचार भी शुरू कर दिया था। इस बीच भाजपा ने उनकी जगह आशुतोष तिवारी को प्रत्याशी बना दिया। इससे दतिया भाजपा के नेता नाराज हो गए और बड़ी संख्या में विरोध में आ गए थे। शहर में भाजपा के कम वोट मिलने और कांग्रेस को लीड मिलने के बाद भाजपा के स्थानीय कार्यकर्ताओं पर सवाल उठ रहे थे। कांग्रेस विधायक घनश्याम सिंह के भी भाजपा कार्यकर्ताओं का समर्थन करने के बयान को पार्टी ने गंभीरता से लिया है। अब इन सभी आरोपों की जांच के लिए समिति बनाई गई है।

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