प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार देर रात एक बार फिर इंस्टाग्राम लाइव के जरिए देशवासियों, खासकर जेन-जी को संबोधित किया। रात करीब 11 बजे प्रसारित इस संदेश में उन्होंने जंतर-मंतर की घटना का उल्लेख करते हुए कहा कि वह बच्चों को माफ करना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि बचपन में गलतियां होती हैं और उन्हीं गलतियों से सीखने और सुधरने का अवसर भी मिलता है।
क्या बोले पीएम मोदी?
प्रधानमंत्री ने कहा "फ्रेंड्स, आज तो मन करता है बस आपसे ही बातें करूं। जंतर-मंतर पर जो कुछ भी हुआ, उसे देश और दुनिया ने देखा। कुछ शरारती बच्चों ने ऐसी अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया, जो किसी भी सभ्य समाज को शोभा नहीं देती। मुझे गालियां दी गईं, मेरी स्वर्गीय माता को भी अपशब्द कहे गए।
समाज के आक्रोश पर पीएम ने क्या कहा?
प्रधानमंत्री ने कहा कि वह समाज में मौजूद आक्रोश को अच्छी तरह समझते हैं। उन्होंने कहा कि यह एक तरह का सांस्कृतिक झटका है कि हमारी बेटियां इस प्रकार की भाषा कैसे बोल सकती हैं। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि बचपन में गलतियां होना स्वाभाविक है और बच्चों को सुधारने का अवसर मिलना चाहिए। इसी भावना के साथ उन्होंने कहा कि वह बच्चों को माफ करना चाहते हैं। उन्होंने आगे कहा कि उनको सजा देने से हम परिस्थितियां नहीं बदल पाएंगे। मैं आपके लिए जीता हूं, आपके उज्ज्वल भविष्य के लिए खपता हूं, आप आगे बढ़िए।
सोशल पर सबसे आगे पीएम मोदी
शुक्रवार रात प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने इंस्टाग्राम हैंडल पर नया वीडियो संदेश साझा किया। वीडियो जारी होने के महज 30 मिनट के भीतर इसे 13 लाख (1.3 मिलियन) से अधिक लाइक्स मिल गए। बीते नौ दिनों में प्रधानमंत्री मोदी का इंस्टाग्राम पर साझा किया गया यह पांचवां वीडियो संदेश है।
नौ दिनों में पीएम मोदी के बड़े संदेश
30 जुलाई: बोले- पेपर लीक की चुनौती से हर राज्य और केंद्र सरकार जूझ रही
लोकसभा और राज्यसभा से पेपर लीक से संबंधित संशोधन विधेयक पारित होने के बाद 30 जुलाई की रात करीब 10:40 बजे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इंस्टाग्राम पर वीडियो संदेश जारी किया। उन्होंने कहा कि कई दशकों से केंद्र और राज्य सरकारें पेपर लीक जैसी समस्या का सामना कर रही हैं, जिससे छात्रों के भविष्य पर गंभीर असर पड़ता है।
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26 जुलाई: कहा- पेपर लीक रोकने के लिए सख्त कानून लाएंगे
26 जुलाई को जारी वीडियो संदेश में प्रधानमंत्री मोदी ने परीक्षा सुधारों के लिए गठित हाई-पावर टास्क फोर्स का जिक्र किया। उन्होंने बताया कि छह सदस्यीय इस समिति की अध्यक्षता इंफोसिस के सह-संस्थापक नंदन नीलेकणी करेंगे।
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24 जुलाई: सकारात्मक सुझावों के लिए जताया आभार
24 जुलाई को साझा किए गए वीडियो में प्रधानमंत्री ने कहा कि पिछली रात पोस्ट किए गए उनके वीडियो पर लोगों ने जिस तरह प्रतिक्रिया दी और सकारात्मक सुझाव दिए, उसके लिए वह सभी का धन्यवाद करते हैं।
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23 जुलाई: आधी रात को पेपर लीक संशोधन विधेयक का किया जिक्र
23 जुलाई को आधी रात जारी वीडियो संदेश में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा था कि पेपर लीक कोई सामान्य मुद्दा नहीं, बल्कि लाखों छात्रों और उनके अभिभावकों के लिए चिंता का विषय है। उन्होंने बताया कि इस समस्या से निपटने के लिए पिछले ढाई महीनों में सरकार ने कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं।
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