काजल अग्रवाल का बड़ा खुलासा, बोलीं बॉलीवुड समय की पाबंदी सीखे, सलमान खान के लिए करना पड़ा सबसे लंबा इंतजार

मुंबई। दक्षिण भारतीय फिल्म उद्योग और बॉलीवुड दोनों में लगभग दो दशक का सफल करियर बना चुकी अभिनेत्री काजल अग्रवाल ने हिंदी फिल्म इंडस्ट्री की कार्यशैली को लेकर खुलकर अपनी राय रखी है। उन्होंने कहा कि बॉलीवुड को दक्षिण भारतीय फिल्म उद्योग से समय की पाबंदी और अनुशासन सीखने की जरूरत है। काजल ने यह भी खुलासा किया कि अपने पूरे करियर में उन्हें सबसे ज्यादा इंतजार अभिनेता सलमान खान के लिए करना पड़ा था। उन्होंने बताया कि दक्षिण भारतीय फिल्म उद्योग में समय का बेहद सख्ती से पालन किया जाता है, जबकि बॉलीवुड में शूटिंग के समय अक्सर काफी देरी होती है।

एक बातचीत के दौरान काजल अग्रवाल ने बताया कि उन्होंने अपने करियर में दक्षिण भारतीय फिल्मों को अधिक प्राथमिकता इसलिए दी क्योंकि वहां उन्हें बेहतर और दमदार भूमिकाएं मिलीं। उनके अनुसार, हिंदी फिल्मों में उस तरह के किरदार नहीं मिल रहे थे, जिनकी उन्हें तलाश थी। यही वजह रही कि उन्होंने औसत भूमिकाएं स्वीकार करने के बजाय दक्षिण भारतीय सिनेमा में काम करना बेहतर समझा।

जब उनसे पूछा गया कि बॉलीवुड दक्षिण भारतीय फिल्म उद्योग से क्या सीख सकता है, तो उन्होंने बिना झिझक कहा कि सबसे पहले समय की पाबंदी सीखनी चाहिए। काजल ने कहा कि दक्षिण भारत में पूरी यूनिट तय समय के अनुसार काम करती है और कलाकारों से लेकर तकनीकी टीम तक सभी समय का पालन करते हैं। उन्होंने बताया कि वह स्वयं हमेशा समय पर सेट पर पहुंचने की आदी हैं और उन्हें अनुशासित कार्य संस्कृति पसंद है।

काजल अग्रवाल ने अभिनेता सलमान खान के साथ फिल्म 'सिकंदर' में काम करने का अनुभव भी साझा किया। उन्होंने कहा कि बचपन से ही वह सलमान खान की प्रशंसक रही हैं और उनके साथ काम करने को लेकर काफी उत्साहित थीं। हालांकि शूटिंग के दौरान उन्हें सबसे लंबा इंतजार भी सलमान खान के लिए ही करना पड़ा। काजल ने बताया कि कई बार वह सुबह समय पर सेट पर पहुंच जाती थीं, लेकिन सलमान खान दोपहर या शाम तक आते थे। इंतजार के दौरान समय बिताने के लिए वह सेट पर बने जिम में जाकर व्यायाम करती थीं। उन्होंने कहा कि दक्षिण भारतीय फिल्म उद्योग की समयबद्ध कार्यशैली की आदत होने के कारण उन्हें यह अनुभव काफी अलग लगा।

काजल ने दक्षिण भारतीय सिनेमा में आए बदलावों की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि अब वहां महिला प्रधान और सामाजिक बदलावों को दर्शाने वाली कहानियों पर अधिक ध्यान दिया जा रहा है। उनके अनुसार, फिल्म उद्योग अब केवल अभिनेत्रियों की ग्लैमरस छवि तक सीमित नहीं है, बल्कि उन्हें मजबूत और प्रभावशाली किरदार भी दिए जा रहे हैं।

साल 2004 में हिंदी फिल्म 'क्यों... हो गया ना' से अपने अभिनय करियर की शुरुआत करने वाली काजल अग्रवाल ने बाद में तेलुगु और तमिल फिल्म उद्योग में जबरदस्त सफलता हासिल की। 'मगधीरा', 'डार्लिंग', 'मिस्टर परफेक्ट', 'बिजनेसमैन', 'थुप्पाक्की', 'मर्सल' और 'विवेगम' जैसी फिल्मों ने उन्हें दक्षिण भारतीय सिनेमा की प्रमुख अभिनेत्रियों में शामिल कर दिया। हिंदी सिनेमा में भी उन्होंने 'सिंघम' और 'स्पेशल 26' जैसी फिल्मों में अपनी पहचान बनाई।

वर्क फ्रंट की बात करें तो काजल अग्रवाल जल्द ही फिल्म 'द इंडिया स्टोरी' में नजर आएंगी, जिसमें उनके साथ श्रेयस तलपड़े मुख्य भूमिका में हैं। इसके अलावा वह नितेश तिवारी की बहुचर्चित फिल्म 'रामायण' का भी हिस्सा हैं। इस फिल्म में रणबीर कपूर, यश, साई पल्लवी, सनी देओल, रकुल प्रीत सिंह, रवि दुबे और अनुपम खेर सहित कई बड़े कलाकार नजर आएंगे। फिल्म का पहला भाग दिवाली 2026 और दूसरा भाग दिवाली 2027 में रिलीज होने वाला है।

 


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