नईदुनिया प्रतिनिधि, भोपाल। सप्ताह में पांच दिन बैंकिंग की मांग को लेकर बैंक कर्मचारियों और प्रबंधन के बीच चल रहा गतिरोध अब बड़े आंदोलन का रूप ले चुका है। इंडियन बैंकस् एसोसिएशन (IBA) के साथ हुई वार्ता विफल होने के बाद बैंक कर्मियों ने आर-पार की लड़ाई का ऐलान कर दिया
27 जनवरी को देशव्यापी बैंक हड़ताल
पांच दिन बैंकिंग (5 Days Banking) की मांग पूरी न होने के विरोध में देशभर के बैंक कर्मी 27 जनवरी को राष्ट्रव्यापी हड़ताल पर रहेंगे। भोपाल के एमपी नगर में बैंक अधिकारियों और कर्मचारियों ने अपनी मांगों के समर्थन में जोरदार प्रदर्शन किया और नारेबाजी की। बैंक यूनियनों ने स्पष्ट किया है कि जब तक उनकी जायज मांगें नहीं मानी जातीं, आंदोलन जारी रहेगा।
अनिश्चित कार्य-समय और मानसिक तनाव का हवाला
आंदोलन का नेतृत्व कर रहे अध्यक्ष सुबीन सिन्हा और सचिव दिनेश झा ने बताया कि वर्तमान में बैंक स्टाफ भारी कमी से जूझ रहा है। डिजिटल बैंकिंग के बढ़ते चलन और लक्ष्य आधारित (Target-based) दबाव के कारण कर्मचारियों का कार्य-समय अनिश्चित हो गया है। वक्ताओं ने कहा कि अत्यधिक काम के बोझ और मानसिक तनाव ने बैंक कर्मियों के कार्य–जीवन संतुलन (Work-Life Balance) को पूरी तरह बिगाड़ दिया है।
सप्ताह में 5 दिन काम को बताया 'अनिवार्य आवश्यकता'
प्रदर्शनकारियों का तर्क है कि सप्ताह में पांच दिन बैंकिंग अब केवल एक सुविधा नहीं, बल्कि समय की अनिवार्य आवश्यकता बन चुकी है। कर्मचारियों का मानना है कि यह नियम लागू होने से न केवल उनका मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य बेहतर होगा, बल्कि इससे 'ग्राहक संतुष्टि' (Customer Satisfaction) में भी सुधार आएगा। यूनियनों का कहना है कि थके हुए और तनावग्रस्त कर्मचारियों से उत्कृष्ट सेवा की उम्मीद करना व्यावहारिक नहीं है।
प्रदर्शन में बड़ी संख्या में कर्मचारी रहे मौजूद
एमपी नगर में हुए इस विरोध प्रदर्शन में बड़ी संख्या में बैंक अधिकारी और कर्मचारी एकजुट हुए। इनमें प्रमुख रूप से वीरू शर्मा, निर्भय सिंह, अंबरिश नंदा, दीपक शुक्ला, सुमित कुमार, रजनीश पौराणिक, सुरेश बाबू मीणा, अरविंद पंडियार, क्षितिज तिवारी, प्रवीण मेघानी, पंकज ठाकुर, लता भारती, कपिला मेघानी, दीपमाला शीतल, शिवा मोहन मिश्रा और रोहित यादव सहित कई अन्य सदस्य उपस्थित रहे।
Publish Date: Fri, 23 Jan 2026 10:43:37 PM (IST)Updated Date: Fri, 23 Jan 2026 10:43:37 PM (IST