भोपाल गोकशी मामला: SIT की रडार पर बूचड़खाने के कर्मचारी, गोतस्करी के रूट और सप्लाई चेन की जांच तेज

Bhopal Cow Slaughter: भोपाल के जहांगीराबाद स्थित जिंसी बूचड़खाने में हुए सनसनीखेज गोकशी कांड की जांच अब और अधिक सघन हो गई है। पुलिस कमिश्नर के निर्देश ...और पढ़ें

By prashant vyasEdited By: Dheeraj Belwal  Publish Date: Fri, 23 Jan 2026 10:54:43 PM (IST)Updated Date: Fri, 23 Jan 2026 10:54:42 PM (IS

                                          SIT की रडार पर बूचड़खाने के कर्मचारी

HighLights

  1. गौतस्करी के नेटवर्क का होगा पर्दाफाश
  2. आरोपी असलम चमड़ा से रूट की पूछताछ
  3. दूसरे राज्यों तक भी जुड़े हो सकते हैं तार

नईदुनिया प्रतिनिधि, भोपाल। भोपाल के जहांगीराबाद स्थित जिंसी बूचड़खाने में हुए सनसनीखेज गोकशी कांड की जांच अब और अधिक सघन हो गई है। पुलिस कमिश्नर के निर्देश पर गठित विशेष जांच दल (एसआईटी) ने अब इस पूरे नेटवर्क की गहराई से पड़ताल शुरू कर दी है, जिससे आने वाले दिनों में कई बड़े खुलासे होने की उम

कर्मचारियों की कुंडली खंगाल रही एसआईटी

जांच को निर्णायक मोड़ पर ले जाते हुए एसआईटी ने अब सीधे तौर पर बूचड़खाने के वर्कफोर्स पर शिकंजा कसा है। जांच दल ने बूचड़खाने में काम करने वाले सभी स्थायी, अस्थायी और ठेके पर लगे कर्मचारियों की विस्तृत सूची तलब की है। पुलिस का मानना है कि कर्मचारियों की भूमिका की जांच से यह स्पष्ट हो पाएगा कि बूचड़खाने के भीतर चल रही अवैध गतिविधियों में किन-किन लोगों की मिलीभगत थी।

गौतस्करी के रूट और सप्लाई चेन पर फोकस

एसआईटी केवल बूचड़खाने तक ही सीमित नहीं है, बल्कि वह गौतस्करी के संभावित 'रूट' और 'सप्लाई चेन' की भी पड़ताल कर रही है। पकड़े गए आरोपितों से कड़ाई से पूछताछ की जा रही है कि मवेशियों को किन क्षेत्रों से लाया जाता था और किन गुप्त रास्तों से उन्हें बूचड़खाने तक पहुँचाया जाता था। इसके साथ ही, मांस की सप्लाई किन अन्य शहरों या राज्यों में की जा रही थी, इसके परिवहन मार्ग को चिन्हित करने के प्रयास भी तेज़ कर दिए गए हैं।

रिकॉर्ड में हेरफेर और प्रशासनिक चूक की जांच

इस मामले की गंभीरता सीसीटीवी फुटेज गायब होने और रिकॉर्ड में बड़े पैमाने पर हेरफेर के आरोपों से और बढ़ गई है। एसीपी उमेश तिवारी के नेतृत्व में गठित तीन सदस्यीय एसआईटी अब न केवल मुख्य आरोपितों, बल्कि नगर निगम के संबंधित अधिकारियों और प्रशासनिक स्तर पर हुई चूक की भी बारीकी से जांच कर रही है। यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि इतना बड़ा अवैध कारोबार प्रशासन की नाक के नीचे कैसे संचालित हो रहा था।

गौरतलब है कि कुछ दिन पहले जिंसी स्थित बूचड़खाने से भारी मात्रा में यानी 26.5 टन संदिग्ध मांस जब्त किया गया था, जिसके बाद गोकशी का खुलासा हुआ। इस मामले में पुलिस ने असलम कुरैशी उर्फ असलम चमड़ा को मुख्य आरोपित बनाया है और कंटेनर चालक शोएब को भी गिरफ्तार किया जा चुका है।


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