US में ट्रंप के खिलाफ बगावत?: कैलिफोर्निया के गवर्नर की यूरोप को सलाह- टैरिफ पर धमकियों का सख्ती से करें सामना

वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, कैलिफोर्निया Published by: शुभम कुमार Updated Tue, 20 Jan 2026 04:07 PM IST

ग्रीनलैंड विवाद और फिर यूरोपियन देशों की नाराजगी के बीच अब अमेरिका के भीतर ही ट्रंप के खिलाफ बगावत शुरू होती दिख रही है। कैलिफोर्निया के गवर्नर गैविन न्यूजॉम ने दावोस में यूरोप से ट्रंप के दबाव के आगे न झुकने की अपील की। ऐसे में सवाल यह खड़ा हो रहै कि क्या ट्रंप की नीति अमेरिका को ही दो हिस्सों में बांट रही है? क्या यूरोप अब खुलकर जवाब देगा?

दुनियाभर में इन दिनों कई देशों के खिलाफ अमेरिक के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का आक्रमक रवैया चिंता का विषय बनता जा रहा है। चाहे वो, वेनेजुएला पर कार्रवाई कर वहां के अपदस्थ राष्ट्रपति निकोलस मादुरो की गिरफ्तारी हो, ग्रीनलैंड पर कब्जे की बात, या फिर उनके इस काम में साथ ना देने वाले देशों के खिलाफ भर-भर के टैरिफ लगाने की धमकी। इन सभी कारणों से ट्रंप ने वैश्विक राजनीति में हलचल तेज कर दी है। हालांकि अब ऐसा लग रहा है कि ट्रंप के खिलाफ खुद उनके घर अमेरिका में ही बगावत शुरू हो गया है। 

इसका बड़ा कारण यह है कि टैरिफ धमकियों के खिलाफ अब कैलिफोर्निया के गवर्नर गैविन न्यूजॉम ने ट्रंप को दो टूक चेतावनी देते हुए यूरोपियन देशों को अहम संदेश दिया है। गैविन न्यूजॉम ने यूरोपीय देशों से कहा है कि उन्हें अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की टैरिफ धमकियों के सामने कमजोर नहीं दिखना चाहिए। उन्होंने विशेष रूप से ग्रीनलैंड विवाद में ट्रंप के रुख के खिलाफ यूरोप को मजबूत प्रतिक्रिया देने को कहा है।
अमेरिका की आंतरिक राजनीति और वैश्विक व्यापार तनाव भी सामने

बता दें कि कैलिफोर्निया के गवर्नर का यह बयान स्विट्जरलैंड के दावोस में चल रहे वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम (डब्ल्यूईएफ) के दौरान आया। जहां अमेरिका की आंतरिक राजनीति और वैश्विक व्यापार तनाव भी खुलकर सामने आ गए। न्यूजॉम ने चेतावनी दी कि अगर यूरोपीय नेता ट्रंप के टैरिफ और व्यापार दबाव के खिलाफ दृढ़ न होकर पीछे हटेंगे तो यह उनके पक्ष में नहीं होगा।

इस दौरान न्यूजॉम ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की टैरिफ धमकियों को लेकर यूरोप की प्रतिक्रिया पर कड़ी नाराजगी भी जताई। उनका कहना था कि ट्रंप ग्रीनलैंड मुद्दे पर यूरोप पर दबाव बना रहे हैं। टैरिफ (आयात शुल्क) की धमकी देकर देशों को झुकाना चाहते हैं। ऐसे में यूरोप को डरकर पीछे नहीं हटना चाहिए

ग्रीनलैंड विवाद इसमें क्यों जुड़ा है?
बता दें कि ग्रीनलैंड डेनमार्क का हिस्सा है, जो कि आर्कटिक क्षेत्र में स्थित है। देखा जाए तो ग्रीनलैंड रणनीतिक और सुरक्षा के लिहाज से बेहद अहम माना जाता है। ऐसे में ट्रंप पहले भी ग्रीनलैंड को लेकर सख्त बयान दे चुके हैं। संकेत भी दे चुके हैं कि अमेरिका वहां अपनी भूमिका बढ़ाना चाहता है। इसी मुद्दे पर ट्रंप ने टैरिफ की धमकी देकर यूरोप पर दबाव बनाया। खासकर उन देशों पर, जो उनके रुख से सहमत नहीं हैं
यूरोपीय संघ की भी चिंता
इसी बीच यूरोपीय संघ की शीर्ष अधिकारी ने भी ट्रंप को लेकर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि ग्रीनलैंड को लेकर टैरिफ की धमकी देना चिंताजनक है। इससे यह सवाल उठता है कि क्या ट्रंप पर भरोसा किया जा सकता है? ऐसे में यूरोपीय संघ का मानना है कि व्यापारिक दबाव का इस्तेमाल राजनीतिक फैसलों के लिए करना गलत है। इससे अमेरिका और यूरोप के रिश्तों में दरार बढ़ सकती है। 

अपने ही घर में घिर गए ट्रंप?
गौरतलब है कि अमेरिका के भीतर से ही ट्रंप की नीतियों पर सवाल उठ रहे हैं। कैलिफोर्निया जैसे बड़े राज्य के गवर्नर ने खुलकर विरोध किया। इसको लेकर  यूरोप पर दबाव की राजनीति अब वैश्विक मंच पर विवाद बन चुकी है।  ग्रीनलैंड मुद्दा सिर्फ ज़मीन का नहीं, भू-राजनीति और ताकत की लड़ाई बन गया है।


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