किताबी ज्ञान नहीं, एआई और नैतिकता भी सीखेंगे पीजी के छात्र

भोपाल। राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी-2020) के तहत मध्य प्रदेश के उच्च शिक्षा विभाग ने स्नातकोत्तर (पीजी) पाठ्यक्रमों के लिए एक बड़ा बदलाव किया है। अब पीजी के विद्यार्थियों को केवल किताबी ज्ञान ही नहीं, बल्कि व्यावहारिक कौशल और नैतिक मूल्यों की शिक्षा भी दी जाएगी। विभाग ने स्नातकोत्तर स्तर पर वैल्यू एडेड कोर्स, संवैधानिक, मानवीय व नैतिक मूल्य तथा पर्यावरण शिक्षा एवं स्थिरता आधारित पाठ्यक्रमों को अनिवार्य कर दिया है।
विश्वविद्यालय अनुदान आयोग द्वारा जारी करीकुलम एण्ड क्रेडिट फ्रेमवर्क फॉर पोस्टग्रेजुएट प्रोग्राम्स जून-2024 और नवीन अध्यादेश के प्रावधानों के तहत अब हर पीजी छात्र को द्वितीय सेमेस्टर में 2 क्रेडिट पॉइंट का एक वैल्यू एडेड कोर्स चुनना होगा। विद्यार्थियों की सहूलियत और उनके सर्वांगीण विकास के लिए उच्च शिक्षा विभाग ने विभिन्न विषय समूहों के अंतर्गत कई आधुनिक और प्रासंगिक पाठ्यक्रम उपलब्ध कराए हैं। इनमें मुख्य रूप से रोजगार एवं उद्यमिता कौशल, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई), योग एवं ध्यान द्वारा तनाव प्रबंधन, पर्यावरण मनोविज्ञान, शोध लेखन कौशल, बिजनेस एथिक्स और बिजनेस एनालिटिक्स और नवाचार एवं उद्यमिता को षामिल हैं।
कॉलेजों को दिए निर्देश
इन पाठ्यक्रमों को शुरू करने का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को उनके मुख्य विषय के ज्ञान के साथ-साथ व्यावहारिक कौशल, नैतिक मूल्यों और रोजगारपरक दक्षताओं से जोड़ना है। उच्च शिक्षा विभाग ने प्रदेश के सभी विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों को निर्देशित किया है कि वे विद्यार्थियों को उनकी शैक्षणिक आवश्यकता और विषय की उपयोगिता के अनुसार सही कोर्स चुनने में पूरा मार्गदर्शन प्रदान करें।
 


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