मध्यप्रदेश शासन में प्रशासनिक फेरबदल में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने वरिष्ठ सचिव स्तर के अधिकारियों पर विश्वास जताया है। अपर मुख्य सचिव (ACS) और प्रमुख सचिव स्तर के अधिकारियों की सीमित उपलब्धता को देखते हुए मुख्यमंत्री ने कई विभागों की कमान पहली बार स्वतंत्र रूप से सचिव स्तर के अधिकारियों को सौंपी है। इसे प्रशासनिक सशक्तिकरण और जिम्मेदारी आधारित शासन व्यवस्था की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।
इस फेरबदल में प्रमुख सचिव से नीचे स्तर के कई अधिकारियों को पहली बार स्वतंत्र विभागीय प्रभार मिला है। इनमें प्रमुख सचिव बनाए गए शोभित जैन (आयुष विभाग) के अलावा स्वतंत्र कुमार (सचिव, मछुआ कल्याण तथा मत्स्य विकास), इलैयाराजा टी (सचिव, पर्यटन विभाग) , जॉन किंग्सले एआर(सचिव, उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण), आलोक कुमार सिंह (सचिव, खनिज साधन विभाग) और श्रीमन शुक्ल (सचिव, योजना, आर्थिक एवं सांख्यिकी विभाग) जैसे वरिष्ठ सचिव शामिल हैं। इन अधिकारियों को बिना किसी अतिरिक्त प्रभार के विभाग सौंपे गए हैं, जिससे वे पूरी क्षमता और फोकस के साथ विभागीय कार्यों को आगे बढ़ा सकें।
मुख्यमंत्री की प्राथमिकताओं को ध्यान में रखते हुए कृषि वर्ष के महत्व वाले विभागों मत्स्य, उद्यानिकी, पशुपालन एवं डेयरी को विशेष रूप से मजबूत किया गया है। इन कृषि आधारित विभागों को स्वतंत्र प्रभार के रूप में अधिकारियों को सौंपना सरकार की मंशा को दर्शाता है कि किसान, पशुपालक और ग्रामीण अर्थव्यवस्था से जुड़े क्षेत्रों पर पूरा ध्यान दिया जाएगा। स्वास्थ्य विभाग में भी सरकार ने विभाग के विस्तार और संवेदनशीलता को देखते हुए तीन वरिष्ठ अधिकारियों की अलग-अलग पदस्थापना की है। धनराजू एस को स्वास्थ्य आयुक्त, डॉ. राहुल हरिदास को स्वास्थ्य सेवाओं का संचालक तथा दिशा नागवंशी को राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी देकर स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत करने का संदेश दिया गया है।