भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष एवं विधायक हेमंत खंडेलवाल ने कांग्रेस पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि मध्य प्रदेश कांग्रेस इस समय नेतृत्व संकट, गुटबाजी और आंतरिक कलह से जूझ रही है। पार्टी के नेता जनता के मुद्दों को उठाने के बजाय आपसी वर्चस्व की लड़ाई में उलझे हुए हैं, जिससे संगठन कमजोर और दिशाहीन होता जा रहा है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी के बीच लंबे समय से नेतृत्व को लेकर चल रहा विवाद अब संगठन के हर स्तर पर दिखाई देने लगा है। इसका असर कार्यकर्ताओं पर भी पड़ रहा है और पार्टी के भीतर भ्रम की स्थिति बनी हुई है।
जनहित के बजाय आंतरिक संघर्ष में उलझी कांग्रेस
हेमंत खंडेलवाल ने कहा कि कांग्रेस के पास प्रदेश के विकास, किसानों, युवाओं, महिलाओं और गरीबों के लिए कोई स्पष्ट एजेंडा नहीं है। यही कारण है कि पार्टी के नेता जनहित के मुद्दों पर सकारात्मक राजनीति करने के बजाय अपने आंतरिक विवादों और बयानबाजी में व्यस्त हैं। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में विपक्ष की भूमिका रचनात्मक होनी चाहिए, लेकिन कांग्रेस का पूरा ध्यान संगठन के अंदर चल रहे मतभेदों और नेतृत्व संघर्ष तक सीमित होकर रह गया है। जब किसी दल के भीतर ही समन्वय और विश्वास का अभाव हो, तब वह जनता की अपेक्षाओं का प्रभावी ढंग से प्रतिनिधित्व नहीं कर सकता
जनता कांग्रेस को लगातार नकार रही
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि कांग्रेस के नेता अपनी राजनीतिक विफलताओं और गुटबाजी से ध्यान हटाने के लिए निराधार बयान देकर मीडिया की सुर्खियां बटोरने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश की जनता ऐसे प्रयासों को समझती है और उन्हें लगातार नकार रही है।
सरकार विकास के एजेंडे पर काम कर रही
हेमंत खंडेलवाल ने कहा कि मुख्यमंत्री मोहन यादव के नेतृत्व में राज्य सरकार विकास, सुशासन और जनकल्याण के संकल्प के साथ लगातार काम कर रही है। सरकार जनता से जुड़े मुद्दों के समाधान और प्रदेश के समग्र विकास पर केंद्रित है, जबकि कांग्रेस आंतरिक खींचतान में उलझी हुई है।