प्रदेश में जुलाई से सड़कों पर दौड़ेंगी पीएम ई-बसें

इंदौर से होगी शुरुआत, भोपाल-जबलपुर समेत 6 शहरों को मिलेंगे नए रूट
भोपाल। प्रदेश के पब्लिक ट्रांसपोर्ट सिस्टम में जुलाई महीने से एक बड़ा और पर्यावरण-अनुकूल बदलाव होने जा रहा है। राज्य सरकार पीएम ई-बस सर्विसश् के तहत इलेक्ट्रिक एसी बसों का संचालन शुरू करने जा रही है। इस हाई-टेक बस सेवा का पहला चरण इंदौर से शुरू होगा, जिसके ठीक बाद भोपाल और जबलपुर में भी इसकी शुरुआत की जाएगी।
यात्रियों की सुविधा के लिए इन बसों में चलो ऐप  के ज़रिए डिजिटल टिकटिंग की व्यवस्था होगी, जिससे लोग आसानी से ऑनलाइन टिकट बुक कर सकेंगे और अपने ट्रैवल पास बनवा सकेंगे। केंद्र सरकार की इस महत्वाकांक्षी योजना के तहत प्रदेश के कुल छह प्रमुख शहरों में 582 इलेक्ट्रिक बसें चलाई जानी हैं, जिसका खाका दो चरणों में तैयार किया गया है। पहले चरण में इंदौर में 8 रूटों पर 150 बसें, भोपाल में 10 रूटों पर 100 बसें और जबलपुर में 100 बसें सड़कों पर उतरेंगी। इसके बाद अगले यानि दूसरे चरण में ग्वालियर, सागर और उज्जैन शहरों को इस सेवा से जोड़ा जाएगा।
आधुनिक डिपो और हाई-टेंशन पावर लाइनें
ई-बसों के सुचारू संचालन और रखरखाव के लिए प्रदेश के छह शहरों में 9 अत्याधुनिक बस डिपो और चार्जिंग स्टेशन बनाए जा रहे हैं। राजधानी भोपाल में बैरागढ़ और कस्तूरबा नगर में दो डिपो और दो चार्जिंग स्टेशन, इंदौर में नयता मुंडला और चंदन नगर में दो डिपो और दो चार्जिंग स्टेशन, ग्वालियर में दो डिपो और दो चार्जिंग स्टेशन तैयार किए जा रहे हैं। जबलपुर, सागर और उज्जैन इन तीनों शहरों में 1-1 डिपो और 1-1 चार्जिंग स्टेशन बनाया जाएगा। बसों की निर्बाध चार्जिंग और बिजली सप्लाई सुनिश्चित करने के लिए करीब 41 किलोमीटर लंबी विशेष हाई-टेंशन बिजली लाइनें बिछाई जा रही हैं।
किराया, शुरुआत के 5 किमी के साढ़े 7 रुपए
सूत्रों के अनुसार इन बसों का किराया भी तय कर लिया गया है। शुरुआत में यात्रियों से डेढ़ रुपए प्रति किलोमीटर की दर से किराया लिया जाएगा। अगर कोई यात्री 5 किमी बस की सवारी करेगा तो उसे साढ़े 7 रुपये देने होंगे। किराये में अभी हेरफेर हो सकता है। सूत्र बताते हैं अगर ई-बसों को चलाने की ये प्लानिंग सफल होती है तो फिर अन्य शहरों और दो शहरों के बीच भी इसी प्रकार की बसें दौड़ेंगी।
 


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