भोपाल। एनसीईआरटी द्वारा नकली और पायरेटेड किताबों को लेकर जारी चेतावनी पत्र पर सियासत गरमा गई है। कांग्रेस प्रवक्ता विवेक त्रिपाठी ने इस मुद्दे पर राष्ट्रपति को एक विस्तृत पत्र भेजकर देश की गिरती शिक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाए हैं और इस पूरे मामले की सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश की कमेटी से स्वतंत्र जांच कराने की मांग की है।
त्रिपाठी ने कहा कि नया शैक्षणिक सत्र शुरू हुए महीनों बीत चुके हैं, लेकिन एनसीईआरटी मांग के अनुरूप मूल पुस्तकें उपलब्ध कराने में विफल रही है। इसी कमी का फायदा उठाकर शिक्षा माफिया, नकली प्रकाशक और कालाबाजारी करने वाले गिरोह सक्रिय हो गए हैं, जिससे करोड़ों अभिभावक ठगे जा रहे हैं। कांग्रेस प्रवक्ता ने भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि पेपर लीक के बाद अब किताबों के लीक (पायरेसी) होने की घटनाएं साबित करती हैं कि शिक्षा व्यवस्था पर माफियाओं का प्रभाव बढ़ रहा है। उन्होंने नीट सहित अन्य परीक्षाओं में हुई गड़बड़ियों का हवाला देते हुए कहा कि कांग्रेस इसके खिलाफ राष्ट्रव्यापी अभियान छात्रों की गूंज चला रही है। त्रिपाठी ने राष्ट्रपति से मांग की है कि पेपर लीक करने वाले शिक्षा माफियाओं को मृत्युदंड और पेपर खरीदने वालों को आजीवन कारावास का सख्त कानून बनाया जाए। साथ ही, उन्होंने इस विषय पर विस्तृत चर्चा के लिए कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल को मिलने का समय देने का भी अनुरोध किया है।