'NEET पेपर लीक पर श्वेत पत्र जारी करे केंद्र सरकार', दिग्विजय सिंह ने पीएम मोदी को लिखा पत्र, 8 साल की परीक्षाओं का ब्यौरा मांगा

नीट परीक्षा निरस्त होने से लाखों विद्यार्थी मानसिक तनाव और असमंजस की स्थिति में हैं। विद्यार्थियों के मन में सबसे बड़ा प्रश्न यह है कि पूर्व में हुए प ...और पढ़ें

Publish Date: Fri, 05 Jun 2026 10:06:59 PM (IST)Updated Date: Fri, 05 Jun 2026 10:06:59 PM (IST)
'NEET पेपर लीक पर श्वेत पत्र जारी करे केंद्र सरकार', दिग्विजय सिंह ने पीएम मोदी को लिखा पत्र, 8 साल की परीक्षाओं का ब्यौरा मांगा

दिग्विजय सिंह ने पीएम मोदी को लिखा पत्र।

HighLights

  1. NEET पेपर लीक पर श्वेत पत्र जारी करे केंद्र सरकार
  2. दिग्विजय सिंह ने पीएम मोदी को लिखा पत्र
  3. 8 साल की परीक्षाओं का ब्यौरा मांगा

नईदुनिया प्रतिनिधि, भोपाल। नीट परीक्षा निरस्त होने से लाखों विद्यार्थी मानसिक तनाव और असमंजस की स्थिति में हैं। विद्यार्थियों के मन में सबसे बड़ा प्रश्न यह है कि पूर्व में हुए पेपर लीक और परीक्षा संबंधी अनियमितताओं की जांच में क्या प्रगति हुई तथा दोषियों के विरुद्ध क्या कार्रवाई की गई। इसके लिए केंद्र सरकार श्वेत पत्र जारी करे। यह मांग संसद की शिक्षा, महिला, बाल, युवा एवं खेल संबंधी स्थायी समिति के अध्यक्ष दिग्विजय सिंह ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से पत्र लिखकर की है।

आधिकारिक जानकारी के अभाव में भ्रम और अविश्वास की स्थिति

उन्होंने कहा कि नीट यूजी परीक्षा 2024 पेपर लीक प्रकरण तथा यूजीसी एनटीए 2024 परीक्षा से जुड़े मामलों में जांच एजेंसियों की कार्रवाई को लेकर लगातार प्रश्न उठ रहे हैं। आधिकारिक जानकारी के अभाव में विद्यार्थियों के बीच भ्रम और अविश्वास की स्थिति निर्मित हो रही है।

अनियमितताओं का विवरण सार्वजनिक करने की मांग

पिछले आठ वर्षों में राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी द्वारा आयोजित परीक्षाओं में हुई सभी पेपर लीक और अनियमितताओं का विवरण सार्वजनिक करे। इसके साथ ही प्रत्येक मामले में की गई जांच, गिरफ्तार आरोपियों, आरोप-पत्र अथवा क्लोजर रिपोर्ट की स्थिति, जांच की वर्तमान प्रगति तथा आरोपियों की कानूनी स्थिति की जानकारी भी सार्वजनिक की जाए।

पारदर्शिता और जवाबदेही से ही बहाल होगा युवाओं का विश्वास

लाखों विद्यार्थियों का भविष्य और उनके मन में परीक्षा व्यवस्था के प्रति विश्वास दांव पर लगा हुआ है। ऐसे समय में पारदर्शिता और जवाबदेही ही युवाओं का विश्वास बहाल कर सकती है। श्वेत पत्र जारी करना छात्रों के बीच विश्वास निर्माण का महत्वपूर्ण कदम होगा।


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