MP: भोपाल में मानस भवन क्षेत्र से हटाई गई आदिवासी बस्ती, कांग्रेस का प्रदर्शन, विरोध के बीच धक्कामुक्की

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल Published by: Anand Pawar Updated Sat, 02 May 2026 06:39 PM IST

भोपाल में मानस भवन क्षेत्र से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के दौरान आदिवासी बस्ती खाली कराई गई, जिस पर कांग्रेस नेताओं ने विरोध जताया। प्रदर्शन बढ़ने पर पुलिस ने हल्का लाठीचार्ज किया और कुछ लोगों को हिरासत में लेकर बाद में रिहा कर दिया।

MP: Tribal settlement removed from Manas Bhawan area in Bhopal, Congress protests, scuffles erupt

मानस भवन क्षेत्र से हटाई गई आदिवासी बस्ती - फोटो : अमर उजाल

विस्तार

भोपाल के पॉलिटेक्निक चौराहा स्थित मानस भवन इलाके में शनिवार को जिला प्रशासन ने अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई करते हुए आदिवासी बस्ती को खाली करा दिया। यह कार्रवाई सुबह करीब 7 बजे शुरू हुई और शाम तक जारी रही। कार्रवाई से पहले ही पुलिस ने शुक्रवार रात से इलाके की घेराबंदी कर दी थी। शनिवार सुबह बैरिकेडिंग कर आवाजाही पूरी तरह बंद कर दी गई थी, ताकि अभियान के दौरान कोई व्यवधान न हो। 
विरोध में उतरे कांग्रेस नेता
कार्रवाई की जानकारी मिलते ही कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी, पूर्व विधायक पीसी शर्मा, शबिस्ता जकी और आसिफ जकी समेत कई कांग्रेस नेता मौके पर पहुंचे और विरोध जताया। वे धरने पर बैठ गए और कार्रवाई रोकने की मांग करने लगे। इसी दौरान एक युवक टावर पर चढ़ गया, जिसे पुलिस ने समझाइश देकर सुरक्षित नीचे उतार लिया। जैसे-जैसे विरोध बढ़ा, पुलिस ने स्थिति संभालने के दौरान हल्की धक्का मुक्की की स्थिति बनी। इसके बाद भी प्रदर्शन जारी रहने पर कुछ लोगों को हिरासत में लिया गया, जिन्हें बाद में छोड़ दिया गया। प्रशासन के अनुसार, इस इलाके में रहने वाले 27 परिवारों को हटाकर भौंरी, कलखेड़ा और मालीखेड़ी क्षेत्रों में बसाया जाएगा। बताया जा रहा है कि यह बस्ती करीब 70 साल पुरानी थी।  
पुलिस और लोगों के बीच झड़प
कार्रवाई के दौरान जब लोगों को अपने घर टूटने की जानकारी मिली, तो उन्होंने विरोध शुरू कर दिया। इस दौरान पुलिस और बस्तीवासियों के बीच धक्का-मुक्की भी हुई। कुछ लोगों ने पुलिस पर पथराव और हमला करने की कोशिश की, जिसके जवाब में पुलिस ने भी कार्रवाई की। प्रदर्शन में महिलाएं और छोटे बच्चे भी शामिल रहे। लोग नगर निगम की टीम को वापस भेजने की मांग के साथ नारेबाजी की।  
मंदिर को लेकर भी विवाद
स्थानीय लोगों का कहना है कि यहां निषादराज मंदिर स्थित है, जहां वे पूजा करते हैं। उनका दावा है कि शहर में यह इस तरह का एकमात्र मंदिर है, जिसे बचाने की मांग की जा रही थी। कार्रवाई के दौरान लोगों ने प्रशासन और सरकार से सवाल उठाते हुए कहा कि बच्चों की पढ़ाई और भविष्य का क्या होगा। उसने जिम्मेदार लोगों से आकर स्थिति समझने की अपील भी की। 

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