राज्य ब्यूरो, नईदुनिया, भोपाल। दिल्ली स्थित उच्च शिक्षण संस्थानों में अध्ययनरत मध्य प्रदेश के पिछड़ा वर्ग के विद्यार्थियों को अब 1,550 के स्थान पर 10 हजार रुपये प्रतिमाह छात्रवृत्ति दी जाएगी। इसके लिए पिछड़ा वर्ग विद्यार्थी छात्रगृह योजना-2005 में संशोधन को मुख्यमंत्री डा. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंगलवार को मंत्रालय में हुई कैबिनेट की बैठक में स्वीकृति दी गई। योजना में प्रत्येक वर्ष 100 नए विद्यार्थियों को योजना का लाभ मिलेगा, जिसमें 50 स्नातक और 50 स्नातकोत्तर स्तर के विद्यार्थियों होंगे।
जो विद्यार्थी पहले से इस योजना का लाभ ले रहे हैं, उन्हें उनके कोर्स की अवधि पूरी होने तक सहायता राशि मिलती रहेगी। छात्रगृह योजना में 10 हजार रुपये प्रतिमाह छात्रवृत्ति के लिए ओबीसी के विद्यार्थी को पोस्ट-मैट्रिक छात्रवृत्ति के लिए पात्र होने और उसके अभिभावकों की वार्षिक आय सरकार द्वारा निर्धारित सीमा के भीतर होनी चाहिए।
आंगनबाड़ी भवनों का विद्युतीकरण
इसके साथ ही प्रदेश में विद्युत व्यवस्थाविहीन लगभग 39 हजार आंगनबाड़ी भवनों में विद्युत व्यवस्था करवाई जाएगी। कैबिनेट ने अनुसूचित जाति-जनजाति के विद्यार्थियों के बाद अब पिछड़ा वर्ग के विद्यार्थियों के हित में यह निर्णय लिया है।
कैबिनेट की बैठक में विभिन्न विभागों की योजनाओं को निरंतर रखने की स्वीकृति भी दी गई। इसमें विद्युतविहीन आंगनबाड़ी भवनों में बाह्य विद्युतीकरण संबंधी योजना को 2031 तक निरंतर रखने के साथ 80 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई।
विकास कार्यों के लिए बड़ा बजट
कैबिनेट की बैठक में वर्ष 2031 तक संचालित की जाने वाली निर्माण और विभिन्न विकास कार्यों की योजनाओं को निरंतर रखने का निर्णय लिया गया। इसके लिए 26 हजार 311 करोड़ रुपये का प्रविधान किया गया है।
इसमें केंद्रीय सड़क अधोसंरचना निधि से जुड़ी योजनाओं के लिए 6,925 करोड़, एफ से उच्च श्रेणी के शासकीय आवास एवं गैर आवासीय भवनों का अनुरक्षण के लिए 1,680 करोड़ और भू-अर्जन मुआवजा के लिए 6,500 करोड़ रुपये शामिल हैं। मुख्य जिला मार्गों, जिला मार्ग तथा अन्य जिला मार्गों के नवीनीकरण के लिए पांच हजार करोड़ रुपये रखे गए हैं।
लखुंदर सिंचाई परियोजना और मेडिकल कॉलेज विस्तार
155 करोड़ रुपये की लागत वाली शाजापुर जिले की लखुंदर सिंचाई परियोजना को कैबिनेट ने स्वीकृति दे दी। इससे शाजापुर तहसील के 17 एवं उज्जैन जिले की तराना तहसील के सात ग्राम के 9,200 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा उपलब्ध होगी।
भोपाल के गांधी मेडिकल कालेज में पीजी की सीट में वृद्धि के लिए 14 करोड़ रुपये का काम कराया गया था, जिसकी 79 करोड़ 16 लाख रुपये की पुनरीक्षित स्वीकृति दी गई है। वहीं, श्यामशाह मेडिकल कालेज रीवा के सुपर स्पेशलिटी हास्पिटल विस्तार के लिए लागत राशि में 10 करोड़ की वृद्धि की गई।