'अपना प्रदर्शन सुधारें नहीं तो...', सीएम मोहन यादव ने कमिश्नरों एवं कलेक्टरों को दी सुधार की चेतावनी

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शुक्रवार को मंत्रालय में कमिश्नरों-कलेक्टरों को वीडियो कांफ्रेंस में दिशा निर्देश दिए और साथ ही योजनाओं का फीडबैक लिया। ...और पढ़ें

Publish Date: Fri, 17 Apr 2026 11:00:38 PM (IST)Updated Date: Fri, 17 Apr 2026 11:00:38 PM (IST)
'अपना प्रदर्शन सुधारें नहीं तो...', सीएम मोहन यादव ने कमिश्नरों एवं कलेक्टरों को दी सुधार की चेतावनी

एक्शन मोड में मुख्यमंत्री मोहन यादव।

HighLights

  1. एक्शन मोड में मुख्यमंत्री मोहन यादव
  2. योजनाओं की डिलिवरी सुधारें कलेक्टर
  3. खराब प्रदर्शन वालों को दी चेतावनी

राज्य ब्यूरो, नईदुनिया, भोपाल। जब मैंने कह दिया कि रात्रि विश्राम करना है तो इसका मतलब है कि रात्रि विश्राम करना है। जिन कलेक्टरों का प्रदर्शन अपेक्षा के अनुरूप नहीं है, वे सुधार करें। अब पिछले एक साल में किए गए कामों के आधार पर रैंकिंग होगी। जनप्रतिनिधियों से दूरी ना रखें। लगातार भ्रमण और संवाद करें। डिलिवरी सिस्टम को कस्टमर फ्रेंडली बना

यह निर्देश मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शुक्रवार को मंत्रालय में कमिश्नरों-कलेक्टरों को वीडियो कांफ्रेंस में दिए। साथ ही योजनाओं का फीडबैक लिया। उन्होंने गंगा संवर्धन अभियान, संकल्प से समाधान अभियान और सरकार द्वारा संचालित विभिन्न जनकल्याणकारी गतिविधियों की समीक्षा करते हुए कहा कि समर्पित और फोकस होकर काम करें। योजनाओं का मैदानी स्तर पर पूरी दक्षता के साथ क्रियान्वयन सुनिश्चित करें।

मैदानी भ्रमण और जल गंगा संवर्धन अभियान पर जोर

अच्छा काम करके स्वयं और सरकार की साख बढ़ाएं। लगातार जिले में भ्रमण करें। लोगों से चर्चा करें। गांवों में रात्रि विश्राम करें। इससे सरकारी योजनाओं का मैदानी स्तर पर क्रियान्वयन में मदद मिलेगी। संकल्प से समाधान अभियान में 106 प्रकार की योजनाओं का सीधा लाभ जनता और जरूरतमंदों तक पहुंचाया गया। जल गंगा संवर्धन अभियान 30 जून 2026 तक चलेगा। जल संरक्षण और सूख चुके जल स्रोतों को पुनर्जीवित करने का प्रयास करें। छोटे किसानों का गेहूं पहले खरीदा जाए। समय पर भुगतान भी कराएं। कलेक्टर गेहूं उपार्जन केंद्रों का निरीक्षण करें।

विभागीय समन्वय और पेयजल व्यवस्था के निर्देश

नगरीय विकास एवं आवास विभाग से कहा कि वे स्वच्छता अभियान को जल गंगा संवर्धन अभियान से जोड़ लें। जनसहयोग से जगह-जगह पर प्याऊ लगवाएं। स्कूल शिक्षा एवं जनजातीय कार्य विभाग को निर्देश दिए कि वे सभी सांदीपनि विद्यालयों में रेन वॉटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगवाएं। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि प्रशासनिक अधिकारियों को जनता के प्रति जवाबदेह होना होगा और योजनाओं का लाभ हर पात्र व्यक्ति तक समय सीमा में पहुंचाना सुनिश्चित करना होगा।

बड़े धार्मिक स्थनों पर 50 बिस्तर का अस्पताल हो

मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य विभाग को निर्देश दिए कि प्रदेश के सभी बड़े धार्मिक स्थलों पर कम से कम 50 बिस्तर का अस्पताल होने चाहिए। सभी संभागीय मुख्यालयों में बर्न यूनिट स्थापित की जाए। ग्रीष्मकालीन स्थायी निर्देशों (मेडिकल प्रोटोकाल) का कढ़ाई से कराया जाए। सभी अस्पतालों में जरूरी दवाएं उपलब्ध रहें। सभी कलेक्टर एवं नगरीय निकाय स्वच्छता सर्वेक्षण की तैयारी कर लें।

पेयजल आपूर्ति में न रहे कोई कमी

गर्मी में कहीं भी पेयजल आपूर्ति में कमी नहीं रहनी चाहिए। जहां भी जरूरत हो, वहां टैंकरों से पेयजल आपूर्ति की जाए। पेयजल संरचनाओं के संरक्षण एवं संधारण पर विशेष ध्यान दें। संस्कृति मंत्रालय ने ज्ञान भारतम ऐप तैयार किया है। कोई भी नागरिक पुरानी साहित्यिक या धार्मिक पांडुलिपियों को इस ऐप में अपलोड कर सकता है। कलेक्टर इसके लिए जिला स्तरीय समिति का गठन करें। वहीं, अपर मुख्य सचिव अनुपम राजन ने बताया कि 17 अप्रैल तक इस ऐप में साढ़े छह लाख से अधिक पांडुलिपियां अपलोड की जा चुकी हैं।

20 अप्रैल को भोपाल में होगा सम्मेलन

उन्होंने बताया कि 20 अप्रैल को भी भोपाल में महिला सशक्तीकरण सम्मेलन किया जाएगा। इसमें महिलाओं की रैली एवं आमसभा भी होगी।


Leave Comments

Top