राहुल गांधी का सरकार पर हमला: 'परिसीमन से सत्ता हथियाने की कोशिश', छोटे राज्यों के साथ अन्याय का भी लगाया आरोप

वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, लंदन Published by: Shivam Garg Updated Wed, 15 Apr 2026 07:56 PM IST

कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने सरकार के संविधान संशोधन प्रस्तावों को परिसीमन और गरिमैंडरिंग के जरिए सत्ता हथियाने का प्रयास बताया है। उन्होंने महिला आरक्षण पर समर्थन जताते हुए राज्यों के साथ अन्याय का आरोप लगाया।

Rahul Gandhi Accuses Govt of Power Grab Over Delimitation-Based Constitutional Amendment
राहुल गांधी, नेता, कांग्रेस - फोटो : Amar Ujala Graphics

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नई दिल्ली में संविधान संशोधन को लेकर सियासी माहौल गरमा गया है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने केंद्र सरकार पर बड़ा हमला बोलते हुए आरोप लगाया है कि प्रस्तावित संशोधन सत्ता हथियाने की कोशिश है, जिसे परिसीमन और जेरीमैंडरिंग (निर्वाचन क्षेत्रों का अनुचित हेरफेर) के जरिए अंजाम दिया जा रहा है।

राहुल गांधी का तीखा आरोप
राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर वीडियो पोस्ट करते हुए कहा कि कांग्रेस पार्टी महिला आरक्षण कानून का पूरी तरह समर्थन करती है। संसद ने वर्ष 2023 में इसे सर्वसम्मति से पारित किया था और यह अब संविधान का हिस्सा बन चुका है।
उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार की यह पहल महिलाओं के आरक्षण से जुड़ी नहीं है, बल्कि इसके पीछे राजनीतिक मंशा छिपी है। उन्होंने दावा किया कि इससे ओबीसी, दलित और आदिवासी समुदायों के अधिकारों को नुकसान पहुंच सकता है। राहुल गांधी ने यह भी आरोप लगाया कि जाति जनगणना के आंकड़ों को नजरअंदाज किया जा रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि दक्षिण, पूर्वोत्तर, उत्तर-पश्चिम और छोटे राज्यों के साथ अन्याय किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जाएगा।
संसद सत्र से पहले बढ़ी सियासत
गौरतलब है कि संसद के विशेष सत्र से ठीक पहले यह विवाद और तेज हो गया है। सरकार की योजना के अनुसार लोकसभा सीटों की संख्या 543 से बढ़ाकर 850 तक की जा सकती है, ताकि महिला आरक्षण कानून को लागू किया जा सके। इसके साथ ही राज्य विधानसभाओं में भी 33 प्रतिशत महिला आरक्षण सुनिश्चित करने की तैयारी है।
महिला आरक्षण पर विपक्ष लामबंद
विपक्षी दलों ने इस मुद्दे पर एकजुट रुख अपनाते हुए कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के आवास पर बैठक की। बैठक के बाद कहा गया कि विपक्ष डीलिमिटेशन संबंधी प्रावधानों का सामूहिक रूप से विरोध करेगा। विपक्ष का कहना है कि वे महिला आरक्षण के खिलाफ नहीं हैं, लेकिन जिस तरीके से इसे लागू किया जा रहा है, वह राजनीतिक रूप से प्रेरित है।

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