MP News: पीपी बैग की कमी से गेहूं खरीद में आ सकती है परेशानी, अब 1 अप्रैल से शुरू होगी प्रक्रिया

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल Published by: Anand Pawar Updated Wed, 11 Mar 2026 08:12 AM IST

मध्यप्रदेश में इस साल गेहूं खरीदी की तैयारी के बीच पीपी (पॉलीप्रोपाइलीन) बैग की कमी सामने आ रही है। पेट्रोलियम उत्पादों से बनने वाले इन बैगों का उत्पादन प्रभावित होने से सरकार को व्यवस्था करने में दिक्कत हो रही है। इसको देखते हुए गेहूं खरीदी अब 16 मार्च की जगह अब 1 अप्रैल से शुरू होगी। 

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प्रदेश में इस साल गेहूं खरीदी को लेकर नई चुनौती सामने आई है। पॉलीप्रोपाइलीन (पीपी) बैग की कमी के कारण खरीदी और भंडारण की व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका जताई जा रही है।जानकारी के अनुसार पहले गेहूं को जूट के बोरों में रखा जाता था, लेकिन इस बार सरकार ने पीपी बैग में गेहूं रखने का निर्णय लिया था। ये बैग पेट्रोलियम उत्पादों से बनते हैं। अंतरराष्ट्रीय हालात और पेट्रोलियम उत्पादों से जुड़ी परिस्थितियों के कारण इन बैगों का उत्पादन प्रभावित हो गया है। बताया जा रहा है कि गेहूं खरीदी शुरू होने से पहले पर्याप्त बोरों की व्यवस्था जरूरी होती है। पहले खरीदी 16 मार्च से शुरू होने वाली थी, लेकिन अब इसे आगे बढ़ा दिया गया है। अब 1 अप्रैल से गेहूं खरीदी शुरू की जाएगी।
12 लाख किसानों ने कराया पंजीयन 
प्रदेश में इस साल गेहूं का उत्पादन अच्छा होने का अनुमान है। करीब 12 लाख किसानों ने गेहूं बेचने के लिए पंजीयन कराया है और सरकार को लगभग 100 लाख टन तक खरीदी होने की उम्मीद है। अधिकारियों का कहना है कि सरकार के पास कुछ मात्रा में बोरे मौजूद हैं, लेकिन यदि अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियां लंबे समय तक बनी रहीं तो बोरों की कमी की समस्या और बढ़ सकती है। इसलिए सरकार वैकल्पिक व्यवस्थाओं पर भी विचार कर रही है।सरकार का दावा घरेलू गैस में कमी नहीं
बता दें ईरान जंग का असर अब दूसरे देशों पर भी पड़ने लगा है। एलपीसी का उत्पादन घटने से देश में कमर्शियल गैस की सप्लाई पर रोक लगा दी हैं। हालांकि सरकार ने घेरलू गैस में किसी प्रकार की कोई कमी नहीं होने का दावा किया है। सरकार का कहना है कि कंपनियों के पास दिन की एलपीजी सप्लाई का स्टॉक हैं। इसके बाद धीरे धीरे सप्लाई नार्मल होने की उम्मीद है। 

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