मध्य पूर्व में चल रहे ईरान-इजराइल संघर्ष का असर अब देश में गैस सप्लाई व्यवस्था पर भी दिखाई देने लगा है। कमर्शियल एलपीजी सिलेंडरों की डिलीवरी परेशानी आ रही है। राजधानी भोपाल में करीब दो हजार से ज्यादा छोटे-बड़े होटल और रेस्त्रां हैं, जहां रोजमर्रा के संचालन में कमर्शियल गैस सिलेंडर का इस्तेमाल किया जाता है। इसके अलावा कई उद्योगों में भी यही सिलेंडर उपयोग में आते हैं। शहर में एलपीजी गैस सिलेंडरों की सप्लाई को लेकर चल रही चर्चाओं के बीच कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह ने मंगलवार को ऑयल कंपनियों, चैंबर ऑफ कॉमर्स, होटल इंडस्ट्री और गैस एजेंसियों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक की। बैठक में गैस वितरण व्यवस्था, आवश्यक सेवाओं को प्राथमिकता और जमाखोरी व कालाबाजारी रोकने को लेकर निर्देश दिए। कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि घरेलू गैस सिलेंडर की सप्लाई सामान्य रूप से जारी है और नागरिकों को घबराने की जरूरत नहीं है। उन्होंने कहा कि गैस केवल अधिकृत वितरण कंपनियों के माध्यम से ही दी जाएगी, जबकि अस्पताल, शैक्षणिक संस्थान, हॉस्टल जैसी जरूरी सेवाओं को नियमों के अनुसार सिलेंडर उपलब्ध कराए जाएंगे।
अब एक सिलेंडर की डिलीवरी के बाद अगली बुकिंग 25 दिन बाद
बैठक में बताया गया कि जमाखोरी रोकने के लिए आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 के तहत सख्ती की जा रही है। अब एक सिलेंडर की डिलीवरी के बाद अगली बुकिंग 25 दिन बाद ही हो सकेगी। साथ ही सिलेंडर की डिलीवरी के समय ओटीपी या बायोमेट्रिक सत्यापन अनिवार्य रहेगा। कलेक्टर ने अधिकारियों को गैस वितरण की लगातार निगरानी रखने और जमाखोरी या कालाबाजारी की शिकायत मिलने पर तुरंत कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि गैस सिलेंडर को लेकर किसी भी प्रकार की अफवाहों पर ध्यान न दें और केवल अधिकृत जानकारी पर ही भरोसा करें।
सिलेंडर लेने गए तो कंपनी वालों ने किया माना
कमर्शियल सिलेंडर को लेकर भोपाल चौपाटी के व्यापारी दीपक ने बताया कि कमर्शियल टंकी आने वाली थी नहीं आई। घर में टंकी उपयोग नहीं कर सकते। सरकार कोई उपाय निकले। उन्होंने बताया कि एजेंसी गए थे वहां सिलेंडर नहीं मिला। उन्होने कहा कि सिलेंडर नहीं आया तो दुकान बंद करनी पड़ सकती है। एजेंसी वाले बोल रहे हैं कि माल नहीं आ रहा है। सिलेंडर नहीं मिला तो बंद हो जाएगा काम
एमपी नगर में होटल का संचालन कर रहे मुशाहिद ने बताया कि अगर कमर्शियल सिलेंडर नहीं मिला तो हमारा बिजनेस ठप्प हो सकता है। यदि हम डोमेस्टिक उपयोग करते हैं तो उसे पर चालान बनता है। ऐसी न्यूज हमारे पास आई है कि सिलेंडर बंद होने वाला है। आज अभी स्टॉक था हमारे पास जो चल रहा है। अब देखते हैं क्या होता है। अगर सिलेंडर नहीं मिलता है तो हमारा काम पूरी तरह बंद हो जाएगा। कमर्शियल गैस सिलेंडरों का वितरण लगभग पूरी तरह रोक
एलपीजी डिस्ट्रीब्यूटर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया के राष्ट्रीय अध्यक्ष बीएस शर्मा ने दावा किया है कि केंद्र सरकार के हालिया निर्देशों के बाद कमर्शियल गैस सिलेंडरों का वितरण लगभग पूरी तरह रोक दिया गया है। शर्मा के मुताबिक 5 मार्च को जारी आदेश में स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि कमर्शियल सिलेंडरों की नई सप्लाई फिलहाल बंद की जाए। डिस्ट्रीब्यूटर्स के गोदामों में मौजूद पुराना स्टॉक ही अभी वितरित किया जा रहा है। इसके खत्म होने के बाद नई आपूर्ति नहीं होगी। हालांकि अस्पतालों और शैक्षणिक संस्थानों जैसी आवश्यक सेवाओं के लिए जरूरत के अनुसार सिलेंडर उपलब्ध कराए जाएंगे।
डिप्टी कलेक्टर से मिले व्यापारी
मामले को लेकर भोपाल चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री के पदाधिकारी मंगलवार को कलेक्टर से मिलने कलेक्टोरेट पहुंचे। उन्होंने डिप्टी कलेक्टर अजय शर्मा को ज्ञापन सौंपते हुए बताया कि यदि कमर्शियल गैस सिलेंडर की सप्लाई नहीं हुई तो भोपाल के करीब 2000 होटल और रेस्टोरेंट में भोजन और नाश्ता बनाना संभव नहीं होगा।चैंबर के अध्यक्ष गोविंद गोयल और मंत्री अजय देवनानी ने बताया कि शादियों और बड़े आयोजनों में भी कमर्शियल सिलेंडर से ही भोजन तैयार होता है। शहर के बड़े होटल, रेस्टोरेंट और बार में एक बार में 10 से 15 सिलेंडर तक उपयोग होते हैं, जबकि छोटे होटल-रेस्टोरेंट में 2 से 4 सिलेंडर लगते हैं। कारोबारियों के मुताबिक जिन प्रतिष्ठानों के पास फिलहाल स्टॉक है, वहां अभी काम चल रहा है, लेकिन अगले 2 दिन में यह स्टॉक भी खत्म हो सकता है। इसके बाद होटल, रेस्टोरेंट और बार बंद करने की नौबत आ सकती है।
खान-पान व्यवस्था पर पड़ सकता है असर
एलपीजी डीलर एसोसिएशन के उपाध्यक्ष आरके गुप्ता का कहना है कि कमर्शियल सिलेंडर की सप्लाई रुकने से होटल-रेस्त्रां और उनसे जुड़े कारोबार प्रभावित हो सकते हैं। उन्होंने कहा कि शहर में बड़ी संख्या में लोग बाहर के खाने पर निर्भर रहते हैं, ऐसे में सप्लाई बाधित होने से परेशानी बढ़ सकती है।उन्होंने बताया कि इस मुद्दे को लेकर कलेक्टर ने एजेंसी संचालकों की बैठक बुलाई है, जिसमें आगे की रणनीति और समाधान पर चर्चा की जाएगी।