पश्चिम एशिया में ईरान से जुड़े युद्ध और बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव ने भारत समेत दुनियाभर के वित्तीय बाजारों को बुरी तरह झकझोर दिया है और अर्थव्यवस्था के लिए खतरे की घंटी बजा दी है। सोमवार को वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में आई तेजी के कारण भारतीय इक्विटी और मुद्रा (करेंसी) बाजार में चौतरफा बिकवाली दिखी। इस संकट ने निवेशकों को करीब 12 लाख करोड़ रुपये का चूना लगा दिया। अर्थशास्त्रियों के अनुसार, भारत इस समय एक 'तिहरे प्रहार'- महंगा कच्चा तेल, गिरते रुपये और शेयर बाजार में गिरावट का सामना कर रहा है। वहीं, सोने-चांदी की कीमतों में भी लगातार उतार-चढ़ाव बना हुआ है।