RBI: बिजनेस लोन पर बड़ी राहत, आरबीआई ने कहा- व्यक्तियों और छोटे उद्यमों से नहीं वसूला जाएगा पूर्व भुगतान शुल्क

बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: हिमांशु चंदेल Updated Wed, 02 Jul 2025 11:05 PM IST

भारतीय रिजर्व बैंक ने बड़ा फैसला लेते हुए कहा है कि 1 जनवरी 2026 से व्यक्तियों और सूक्ष्म एवं लघु उद्यमों (एमएसई) द्वारा लिए गए फ्लोटिंग दर में व्यापार कर्ज पर कोई पूर्व भुगतान शुल्क नहीं लगेगा। इससे एमएसई सेक्टर को सस्ती और आसान फाइनेंसिंग मिल सकेगी। आरबीआई ने यह कदम विभिन्न वित्तीय संस्थानों द्वारा पूर्व भुगतान को लेकर अपनाए जा रहे अलग-अलग रवैये को खत्म करने के लिए उठाया है।

भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने बुधवार को बैंकों और अन्य वित्तीय संस्थानों को बड़ा निर्देश दिया है। आरबीआई ने कहा कि किसी भी फ्लोटिंग दर में व्यापार कर्ज पर व्यक्तियों और सूक्ष्म एवं लघु उद्यमों से पूर्व भुगतान शुल्क नहीं वसूला जाएगा। यह नियम 1 जनवरी 2026 से लागू होंगे

फिलहाल, व्यक्तिगत इस्तेमाल के लिए लिए गए फ्लोटिंग दर कर्ज पर पूर्व भुगतान शुल्क नहीं लगाया जाता। लेकिन व्यापार कर्ज को लेकर अलग-अलग वित्तीय संस्थानों में अलग-अलग नियम हैं। इससे उपभोक्ताओं में भ्रम और शिकायतें बढ़ रही थीं।
आरबीआई ने क्यों लिया फैसला?
आरबीआई ने अपनी समीक्षा में पाया कि एमएसई सेक्टर को सस्ती और आसान फाइनेंसिंग देना बेहद जरूरी है। लेकिन पूर्व भुगतान चार्ज को लेकर विभिन्न संस्थानों के अलग-अलग रवैये से ग्राहकों को परेशानी हो रही थी। इसी कारण आरबीआई ने नए दिशा-निर्देश जारी किए हैं।                                                                                 किन-किन पर लागू होंगे नए नियम
ये निर्देश सभी व्यावसायिक बैंक (छोटे वित्तीय बैंक, क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक और स्थानीय क्षेत्रीय बैंक को छोड़कर), टियर-4 अर्बन को-ऑपरेटिव बैंक, एनबीएफसी-यूएल और ऑल इंडिया फाइनेंशियल इंस्टीट्यूशंस पर लागू होंगे। बिजनेस लोन के लिए इन संस्थानों को किसी भी स्थिति में पूर्व भुगतान शुल्क नहीं लगाने होंगे।                                    50 लाख तक के कर्ज पर विशेष राहत
आरबीआई ने कहा कि छोटे वित्तीय बैंक, क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक, टियर-3 अर्बन को-ऑपरेटिव बैंक, राज्य और केंद्रीय को-ऑपरेटिव बैंक तथा एनबीएफसी-एमएल के जरिए दिए गए 50 लाख रुपये तक के किसी भी लोन पर भी पूर्व भुगतान शुल्क नहीं वसूला जाएगा।
पूर्व भुगतान का तरीका भी होगा आसान
अब अगर कोई ग्राहक कर्ज का आंशिक या पूरा भुगतान पहले करना चाहता है तो वो किसी भी स्रोत से कर सकता है। इसके लिए कोई लॉक-इन पीरियड नहीं होगा। वहीं, कैश क्रेडिट या ओवरड्राफ्ट सुविधा लेने वालों को अगर सुविधा रिन्यू नहीं करानी है, तो तय तारीख से पहले बैंक को सूचना देनी होगी, ऐसे में भी कोई प्री-पेमेंट चार्ज नहीं लगेगा।
स्पष्ट जानकारी देना अनिवार्य
आरबीआई ने साफ किया है कि लोन स्वीकृति पत्र और समझौते में यह स्पष्ट तौर पर लिखा होगा कि पूर्व भुगतान शुल्क लागू होंगे या नहीं। इससे ग्राहकों को कोई गलतफहमी नहीं रहेगी। आरबीआई का यह फैसला एमएसई सेक्टर और व्यक्तिगत कारोबारियों के लिए राहत लेकर आया है। इससे न सिर्फ सस्ती फाइनेंसिंग को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि वित्तीय संस्थानों में पारदर्शिता भी आएगी।

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