'चीतों के घर' कूनो में होगा Forest Retreat Festival, अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर की जाएगी ब्रांडिंग

चीतों के लिए मशहूर मध्य प्रदेश के कूनो राष्ट्रीय उद्यान में वन विभाग एवं पर्यटन विभाग की ओर से फारेस्ट रिट्रीट फेस्टिवल का आयोजन किया जा रहा है। यह आयोजन सितंबर में चीतों को छोड़े जाने के 3 साल पूरे होने के उपलक्ष्य में किया जाएगा। साथ ही पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए इसकी अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर ब्रांडिंग भी की जाएगी।

By Roman Tiwari Edited By: Roman Tiwari Publish Date: Sun, 08 Jun 2025 07:48:25 AM (IST)
Updated Date: Sun, 08 Jun 2025 08:42:27 AM (IST

HighLights

  1. कूनो राष्ट्रीय उद्यान में फारेस्ट रिट्रीट फेस्टिवल
  2. भारत में 26 चीते जन्मे, वर्तमान में हैं 19 शावक
  3. कूनो में पर्यटकों के लिए बन रहा जंगल लॉज

राज्य ब्यूरो, नईदुनिया, भोपाल: मध्य प्रदेश के श्योपुर जिले में स्थित चीतों का घर पालपुर कूनो राष्ट्रीय उद्यान में कूनो फारेस्ट रिट्रीट फेस्टिवल का आयोजन किया जाएगा। यह आयोजन वन विभाग एवं पर्यटन विभाग मिलकर करवाया जाएगा। 17 सितंबर 2025 को चीता परियोजना को तीन साल पूरे हो जाएंगे, इसी उपलक्ष्य में आयोजन की तैयारी की जा रही है। naidunia_image

बता दें कि यह आयोजन सितंबर में होगा। इसको लेकर मुख्यमंत्री के समक्ष के एक प्रस्तुतीकरण दिया जा चुका है। इसे निवेश की दृष्टि से भी देखा जा रहा है, क्योंकि इस फारेस्ट फेस्टिवल में पर्यटन क्षेत्र में निवेश करने वाले देश विदेश के निवेशकों को भी आमंत्रित किया जाएगा। इसकी अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर ब्रांडिंग भी की जाएगी।

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पर्यटकों के लिए बन रहा जंगल लॉज

इसके साथ ही, कूनो नेशनल पार्क में तीन करोड़ रुपये की लागत से ईको पर्यटन केंद्र बनाया जा रहा है। कूनो के ससइपुरा में बैंगलुरु की तर्ज पर जंगल लॉज बनाया जा रहा है। इसमें 8 कक्ष बनाए जा रहे है, हर कक्ष में आरामदायक सुविधा उपलब्ध होगी।

पर्यटन की दृष्टि से इसे इस तरह से बनाया जा रहा है कि यहां ठहरने वाले पर्यटक को प्रकृति की करीब से अनुभूति हो सकें। चीतों के नए घर गांधी सागर में भी पर्यटकों के लिए ईको पर्यटन गंतव्य स्थल बनाया जाएगा। यह स्थल भी कूनो में बनाए जा रहे जंगल कॉटेज की तरह ही होगा।

चीतों के लिए एक बेहतर ब्रीडिंग सेंटर

बता दें कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अपने जन्म दिवस पर 17 सितंबर 2022 को नामीबिया से लाए गए 8 चीतों को कूनो में छोड़ा था। इसके बाद 18 फरवरी 2023 को दक्षिण अफ्रीका से 12 चीते भारत लाए गए। भारत में अब तक 26 चीता शावकों का जन्म हो चुका है। 7 शावकों की मौत से अब 19 चीता शावक कूनो में है।

वहीं 8 चीतों की मौत होने से 12 चीते है। लगातार चीतों की बढ़ती संख्या से तय हो गया है कि कूनो नेशनल पार्क चीतों का एक बेहतर ब्रीडिंग सेंटर का रूप ले चुका है। वर्तमान में छह चीता और 11 शावक खुले जंगल में घूम रहे हैं। बाकी को बाड़ों में रखा गया है। अब कूनो को पर्यटन की दृष्टि से विकसित किया जा रहा है।


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