भोपाल में अभाविप की हुंकार: दिग्विजय, राहुल गांधी और नेहा बोरा पर निशाना,संवैधानिक संस्थाओं की रक्षा का मुद्दा

न्यूज डेस्क,अमर उजाला, भोपाल Published by: Sandeep Kumar Tiwari Updated Sat, 24 Oct 2026 05:56 PM IST

भोपाल में अभाविप के विद्यार्थी हुंकार प्रदर्शन में दिग्विजय सिंह, राहुल गांधी और छात्र नेता नेहा बोरा पर निशाना साधा गया। राष्ट्रीय महामंत्री डॉ. वीरेंद्र सिंह सोलंकी और प्रांत मंत्री केतन चतुर्वेदी ने बांग्लादेश का जिक्र करते हुए आरोप लगाया कि कुछ लोग देश में अराजकता फैलाने की कोशिश कर रहे हैं। सभा में एसआईआर, वोट चोरी के आरोपों और दिल्ली के प्रदर्शनों में कथित विदेशी फंडिंग का मुद्दा भी उठा।

ABVP clarion call in Bhopal: Targets Digvijaya, Rahul Gandhi, and Neha Bora; focuses on the protection of cons

अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद का प्रदर्शन - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

भोपाल में शनिवार को अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (अभाविप) ने अराजकता रोको, लोकतंत्र अपनाओ के आह्वान पर विद्यार्थी हुंकार प्रदर्शन किया। टीटी नगर के अटल पथ से शुरू हुई रैली न्यू मार्केट पहुंची, जहां सभा में अभाविप नेताओं ने कांग्रेस, राहुल गांधी, दिग्विजय सिंह और छात्र नेता नेहा बोरा को निशाने पर लिया। वक्ताओं ने आरोप लगाया कि कुछ लोग राजनीतिक उद्देश्यों के लिए अराजकता फैलाने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में सत्ता परिवर्तन बैलेट से होता है, भीड़तंत्र से नहीं। प्रदर्शन में अभाविप के राष्ट्रीय महामंत्री डॉ. वीरेंद्र सिंह सोलंकी और मध्यभारत प्रांत के मंत्री केतन चतुर्वेदी सहित भोपाल संभाग के विभिन्न जिलों से आए कार्यकर्ता शामिल हुए। रैली के बाद खुले मंच पर छात्र नेताओं ने लोकतंत्र, संवैधानिक संस्थाओं और राष्ट्र निर्माण में युवाओं की भूमिका पर अपने विचार रखे।

दिग्विजय सिंह की सनातन यात्रा पर टिप्पणी
अभाविप के राष्ट्रीय महामंत्री डॉ. वीरेंद्र सिंह सोलंकी ने मध्य प्रदेश के विकास का जिक्र करते हुए कहा कि एक समय प्रदेश में स्कूल-कॉलेज के विद्यार्थियों को रात का होमवर्क शाम को चिमनी की रोशनी में करना पड़ता था। उनके मुताबिक, आज मध्य प्रदेश विकास की दिशा में आगे बढ़ रहा है। सोलंकी ने दिग्विजय सिंह की सनातन यात्रा का उल्लेख करते हुए कहा कि जो लोग पहले राम, राम मंदिर और सनातन के विरोधी रहे, उन्हें भी आज सनातन यात्रा करनी पड़ रही है। उन्होंने इसे राष्ट्रवादी विचारधारा वाले युवाओं की ताकत बताया। ये टिप्पणियां सोलंकी ने अपने राजनीतिक विचारों और दावों के संदर्भ में कीं
नेहा बोरा और बांग्लादेश को लेकर बयान
सोलंकी ने छात्र नेता नेहा बोरा का जिक्र करते हुए दावा किया कि जेएनयू में पढ़ाई के दौरान उनका ब्रेनवॉश किया गया। उन्होंने कहा कि नेहा बोरा के भारत को लेकर दिए गए बयानों पर देश के युवाओं को विचार करना चाहिए। सोलंकी ने कहा कि भारत का युवा नेहा बोरा की तरह नहीं सोचता और देश को बांग्लादेश नहीं बनने देगा। अभाविप के मध्यभारत प्रांत मंत्री केतन चतुर्वेदी ने भी अपने संबोधन में बांग्लादेश का जिक्र किया। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोग भारत में अराजकता फैलाने की साजिश कर रहे हैं। चतुर्वेदी ने राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि वे युवाओं के प्रतिनिधि होने का दावा करते हैं, जबकि उनके अनुसार उनके बयान युवाओं का सही प्रतिनिधित्व नहीं करते। चतुर्वेदी ने जंतर-मंतर पर तिरंगा लेकर प्रदर्शन करने वालों पर भी सवाल उठाए। उन्होंने नेहा बोरा का संबंध एआईएसए संगठन से बताते हुए आरोप लगाया कि यह संगठन आतंकवादियों के समर्थन में मार्च निकालता है। उन्होंने कहा कि देश की युवा पीढ़ी और नागरिक संवैधानिक व्यवस्था में विश्वास रखते हैं और अराजकता फैलाने के प्रयासों को सफल नहीं होने देंगे। इन आरोपों के समर्थन में सभा के दौरान कोई दस्तावेजी प्रमाण प्रस्तुत किए जाने का उल्लेख नहीं है।
वोट चोरी के आरोपों पर भी कांग्रेस को घेरा
सभा में राहुल गांधी के वोट चोरी संबंधी आरोपों पर भी सवाल उठाए गए। सोलंकी ने पूछा कि कांग्रेस या उसके सहयोगी दल चुनाव जीतते हैं, तब इस तरह के आरोप क्यों नहीं लगाए जाते। अभाविप नेताओं ने कहा कि निर्वाचन प्रक्रिया से जुड़ी शिकायतों का समाधान संवैधानिक और कानूनी तरीकों से होना चाहिए। अभाविप की प्रांत नेता बबली शर्मा ने भी नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार पर तीखी टिप्पणी की। उन्होंने कहा, उमंग सिंघार विपक्षी दल के नेता हैं, जिनके कुर्ते से महिलाओं के खून के दाग निकलते नहीं हैं और वह ज्ञान परोसने आ जाते हैं। शर्मा ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) का जिक्र करते हुए दावा किया कि 1952 से अब तक यह प्रक्रिया 12 बार हुई है, जिनमें से 10 बार कांग्रेस की सरकार थी। उन्होंने सवाल उठाया कि कांग्रेस को अब इस प्रक्रिया पर आपत्ति क्यों है।

दिल्ली के प्रदर्शन में विदेशी फंडिंग का आरोप
सोलंकी ने दिल्ली में हुए प्रदर्शन को लेकर आरोप लगाया कि कुछ लोग विदेशी फंडिंग लेकर काम कर रहे थे। उन्होंने दावा किया कि कुछ सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स ने वीडियो बनाने के लिए विदेशी संस्थानों से 10-10 लाख रुपये लिए। उन्होंने वामपंथी संगठनों पर भी देश विरोधी गतिविधियों में शामिल होने के आरोप लगाए। इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। अभाविप नेताओं ने कहा कि लोकतंत्र में असहमति और विरोध का अधिकार महत्वपूर्ण है, लेकिन संवैधानिक संस्थाओं को दबाव में लाने या अराजकता के जरिए राजनीतिक उद्देश्य हासिल करने की कोशिश स्वीकार्य नहीं है। संगठन ने विद्यार्थियों से लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा करने, संवैधानिक संस्थाओं का सम्मान करने और राष्ट्रहित के प्रति सजग रहने का आह्वान किया। टीटी नगर से शुरू हुई रैली अटल पथ होते हुए न्यू मार्केट पहुंची। यहां खुले मंच पर हुए संबोधनों के बाद प्रदर्शन का समापन हुआ।

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